छैना रसगुल्ला (Rasgulla Recipe)

छैना रसगुल्ला (Bengali Rasgulla) का नाम सुनते ही मुंह में मिठास भर जाती है. इसे बनाना थोड़ा मुश्किल तो है, लेकिन थोड़ी सी मेहनत और थोड़ी सी प्रेक्टिस से आसानी से बनाये जा सकते हैं. आइये आज हम छैना रसगुल्ला बनायें.
Read - Rasgulla Recipe In English
आवश्यक सामग्री - Ingredients for Rasgulla
- दूध - 1.5 लीटर ( 7 कप)
- नीबू का रस या सिरका - 2 टेबल स्पून (2 नीबू का रस)
- अरारोट - 2 छोटी चम्मच
- चीनी - 800 ग्राम (4 कप)
विधि - How to make Rasgulla
रसगुल्ला बनाने के लिये मुख्य सामग्री छैना है, जिसे हम ताजा छैना कह कर डेयरी से ला सकते हैं या दूध से हम इसे घर पर बना सकते हैं. यदि हमको छैना घर पर बनाना हैं तो सबसे पहले हम रसगुल्ले बनाने के लिये छैना बनायेगे.
छैना बनाने के लिये दूध को किसी भारी तले वाले बर्तन में निकाल कर गरम कीजिये. दूध में उबाल आने के बाद, दूध को गैस से उतार लीजिये, दूध को हल्का सा ठंडा होने दीजिये, दूध को ठंडा करने के लिये दूध में 1 कप पानी भी डाल सकते हैं. दूध में थोड़ा थोड़ा नीबू का रस डालते हुये चमचे से चलाइये, दूध जब पूरा फट जाय, दूध में छैना और पानी अलग दिखाई देने लगे तो नीबू का रस डालना बन्द कर दीजिये. छैना को कपड़े में छानिये और ऊपर से ठंडा पानी डाल दीजिये ताकि नीबू का स्वाद छैना में न रहे. कपड़े को चारों ओर से उठाकर हाथ से दबा कर अतिरिक्त पानी निकाल दीजिये. रसगुल्ला बनाने के लिये छैना तैयार है.
छैना को किसी थाली में निकाल लीजिये और 4-5 मिनिट छैना को मसल मसल कर चिकना कर लीजिये, अब छैना में अरारोट मिला कर फिर से छैना को 4-5 मिनिट अच्छी तरह मल मल कर चिकना करना है, छैना को इतना मथिये कि वह चिकना गुथे हुये आटे की तरह दिखाई देने लगे, रसगुल्ला बनाने के लिये छैना तैयार है.
छैने से थोड़ा थोड़ा छैना निकाल कर, एक इंच व्यास के छोटे छोटे गोले बना कर प्लेट में रख लीजिये. सारे रसगुल्ले के लिये गोले इसी तरह बना लीजिये और किसी गीले कपड़े से ढक कर रख दीजिये.
चाशनी बनाइये : चीनी और 2 कप पानी किसी चौड़े बर्तन में डाल कर गरम कीजिये, चाशनी में उबाल आने के बाद, छैने से बने गोले चाशनी में डाल दीजिये. बर्तन को ढक दीजिये, और छैना के गोलों को चैक करते हुये 20 मिनिट तक तेज आग पर उबलने दीजिये, 8-10 मिनिट बाद चाशनी गाढ़ी होने लगती है, चाशनी में 1- 1 चमचा करके पानी डालिये, ध्यान रहे कि चाशनी में हमेशा उबाल आता रहे, रसगुल्ला पकते समय 1 - 2 कप तक पानी डाल सकते हैं. रसगुल्ले फूल कर लगभग दुगने हो जाते हैं, रसगुल्ला पकने के बाद गैस बन्द कर दीजिये. रसगुल्ले चीनी के पानी में ही ठंडे होने दीजिये.
लीजिये छैना के रसगुल्ले तैयार हैं, रसगुल्ले अभी खाये जा सकते हैं, लेकिन 10-12 घंटे बाद रसगुल्ले अच्छे मीठे और बहुत ही स्वादिष्ट हो जायेंगे, इन्हैं ठंडा होने के बाद, फ्रिज में रख दीजिये, रसगुल्ले चाशनी में डूबे रखे रहने दें, चाशनी में डूबे रसगुल्ले फ्रिज में रखकर 15-20 दिन तक खाये जा सकते हैं. ठंडे स्वाडिष्ट रसगुल्ला (Bengali Rasgulla) परोसिये और खाइये.
सावधानियां
- 1. छैना ताजा और फुल क्रीम दूध से बनायें.
- 2. छैना से निचोड़ कर पानी पूरी तरह निकाल दीजिये और वास कर लीजिये.
- 3. छैना को इतना मथिये कि छैना आटे की तरह चिकना लगने लगे.
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निशा: वसीम जी, छैना नरम न हो या मसल कर उसे एकदम अच्छा नरम न किया जाय तो एसा हो जाता है, इसके लिये थोड़ी प्रेक्टिस से सारी प्रोब्लम सोल्ब हो जाती है, इसके लिये दूध गाय का या ताजा भैस का या अमूल का फूल क्रीम लीजिये.
mam mene naturally fate doodh k rasgulle banaye wo to bane he nhi biku,, lab rha h jese paneer kha rhe h bakhar me dal k, aise chene ka rasgulla nhi banta kya mam,
last qsn kya in rasgullo k chene ko jo chini k pani me bhig gye h, but chene jese h, doobara use kr skte h, rasgulle banane me, mix karke ararot me
निशा: प्रियंका, उसे एसे ही खा लीजिये, फिर से बने छैना में मिक्स मत कीजिये.
निशा: प्रियंका जी, छैना से सारा पानी तो निचोड़न ही है, थोड़ी देर हवा में रख सकते हैं, और इसमें मैदा नहीं मिलानी है, अरारोट या कार्न फ्लोर मिक्स करना है, थोड़ी सी प्रेक्टिस के बाद अच्छे रसगुल्ले बनने लगेंगे.
निशा: रेनू, उस चाशनी को रसगुल्ले उबालने के काम ले सकती हैं.
निशा: संजय, रसगुल्ले बिना अरारोट डाले भी बन जाते हैं, बंगाली रसगुल्ला रेसिपी वेबसाइट पर उपलब्ध है, उसमें अरारोट का यूज नहीं किया है, उसके लिये लिंक निम्न है.
निशा: प्रीती, अरारोट की जगह कार्न फ्लोर डाला जा सकता है.
निशा: शिप्पी जी, अरारोट एरोरूट प्लान्ट की जड़ौं से बनाया गया स्टार्च है और ये रसगुल्ले मीठे पानी में उबाले जाते हैं.
निशा: जयंती, इसमें अरारोट की जगह मैदा डालना अच्छा नहीं रहता, आप चाहें तो कार्न फ्लोर यूज कर सकती है.
निशा: आशिश जी, दूध में मिलाबट के कारण एसा हो सकता है.
निशा: प्रीति जी, रसगुल्ले के लिये दूध गाय का हो तो सबसे अच्छा, भैंस का ताजा दूध ले सकते हैं और अमुल का फुल क्रीम दूध लिया जा सकता है, बनाने का तरीका वीडियो में देखा जा सकता है, थोड़ी सी प्रेक्टिस के बाद रसगुल्ले सही अवश्य बनेंगे.
निशा: प्रीती जी, छैना नरम नहीं बना हो या फैंट कर उसे अच्छी तरह चिकना नहीं किया हो या फिर छैना के गोले डालते समय पानी में उबाल न हो तो रसगुल्ले फट सकते हैं.
निशा: रितु, रसगुल्ले के लिये छैना नरम होना चाहिये, इसे बनाने के लिये दूध का सही होना आवश्यक है, गाय का दूध बहुत अच्छा होता है, भैंस का ताजा दूध भी लिया जा सकता है, और ये उपलब्ध नहीं हैं तो अमूल का फुल क्रीम दूध ले सकते हैं, और आप वीडियो तो देख ही रही हैं, इन चीजों में कभी थोड़ी प्रेक्टिस की आवश्यकता होती है, आप बनाइये रसगुल्ला आप अवश्य अच्छे रसगुल्ले बना लेंगी,
निशा: केशव जी, उस व्हे को आटा गूथने के काम ले सकते हैं, सब्जी की तरी या किसी भी करी में डाल सकते हैं.
निशा: अरारोट, एरोरूट प्लांट की जड़ों से निकाला हुआ स्टार्च है, किराना स्टोर पर आसानी से मिल जाता है.
निशा: आभा, प्लीज रसगुल्ले रेसिपी के नीचे दिये हुये कमेन्ट पढ़ लीजिये, उससे आप एक एक प्रोब्लम समझ सकेंगी, धन्यवाद.
निशा: सोनक जी, छैना अच्छी तरह फैंट कर चिकना न हो तो रसगुल्ले फट जाते हैं, कम तापमान पर पक रहे हों तो भी फट जाते हैं, स्पेस और पानी कम हो तो भी फट जाते हैं और चपटे भी हो जाते हैं.
निशा: सोनक जी, रसगुल्ले का रंग कुकर में पकाने से सफेद ही रहता है, अगर अधिक पका लिया जाय तो कलर ब्राउन हो जाता है, कलर दूध और छैना पर भी निर्भर करता है.
निशा: सोनक जी, रसगुल्ला पकाने के लिये बर्तन बड़ा लीजिये, पर्याप्त चाशनी होनी चाहिये, आग हमेशा बहुत तेज रहना चाहिये, रसगुल्ले हमेशा तेजी से उबलते रहें और उसमें तेजी से उबाल आता रहे, इसी लिये चाशनी में थोड़ा थोड़ा रीटा का पानी डाला जाता है ताकि रसगुल्ले के ऊपर झाग बना रहे, 20 मिनिट तक रसगुल्ले को पकने दीजिये, थोड़ी सी प्रेक्टिस ये चीजें अच्छी बनने लगती हैं.
निशा: सोानक जी, कपड़े को घुमा घुमा कर, दबाकर पानी निकाल दीजिये. और छैना को अच्छी तरह मसल कर रसगुल्ले बनाइये, रसगुल्ले अच्छे बनेंगे.
निशा: सोनी जी, बर्तन में स्पेस कम हो या रसगुल्ला पूरी तरह से पका न हो तो वह प्लेट हो जाते हैं.
निशा; संजना जी, रसगुल्ले का कलर दूध के कलर पर डिपेन्ड करता है, यदि रसगुल्ले अधिक उबल जायं तो भी उनका कलर डार्क हो जाता है.
निशा: लतिका जी, रसगुल्ला बनाते समय थोड़ा थोड़ा पानी डालते रहते हैं, उससे चाशनी ज्यादा गाड़ी नहीं होती.
निशा: चंदा इसे अरारोट ही कहते हैं, किराना स्टोर पर आसानी से मिल जाता है.
रसगुल्ले बनाये परंतु वह बहुत ही कड़े हो गये समझ में नही आ रहा कहा पर चुक हुई । खाने में स्वाद अच्छा था।
निशा: मनोज, छैना नरम न बने, छैना में अरारोट अधिक मिला दिया जाय और रसगुल्ले पूरी तरह से फूलें नहीं, तब रसगुल्ले सख्त बनते हैं.