Gujiya Recipe – गुझिया - Mawa Ghujiya Recipe

होली के त्योहार के लिये गुझिया (Gujiya ) बनाने जा रहे हैं? गुजिया (Gujihya ) के बिना होली का मतलब है बिना रंग के होली.
Gujiya Recipe, How To Make Gujiya, Gujiya Receipe Gujhia Recipe Perakiya (Indian Pastry Sweet) Recipe Mava Gujiya, Gujia, Gujhia, Karanji, Sweet Gujiya Recipe
गुझिया कई तरह से बनाईं जातीं है, मावा भरी गुझिया या मावा इलायची भरी गुझिया जिनके ऊपर चीनी की एक परत (gujiya dipped in sugar syrup) चढ़ी होती है. इसके अलावा सेब गुझिया (apple gujiya), केसर गुझिया (Kesar gujiya), मेवा गुझिया (dry fruits gujiya), अंजीर गुझिया (Anjeer gujiya), काजू गुझिया (cashewnut gujiya), पिस्ता गुझिया (pista gujiya) और बादाम गुझिया (almond gujiya) भी बनायीं जातीं है. आप अपनी मनचाही गुझिया बना सकते है बस इसके अन्दर भरे जाने वाली कसार अपने मन मुताबिक तैयार कर लें. आईये हम मावा गुझिया बनायें
Read - Mawa Ghujiya Recipe In English
आवश्यक सामग्री - Ingredients for Mawa Gujiya
आटा लगाने के लिए
- मैदा - 2 कप (250 ग्राम)
- घी - आटा गूंथने के लिए और गुजिया तलने के लिए
- घी- गुजिया तलने के लिए
स्टफिंग के लिए
- मावा - 100 ग्राम
- काजू - 1 टेबल स्पून
- किशमिश - 1 टेबल स्पून
- चिरौंजी - 1 टेबल स्पून
- इलायची - 4 से 5
- सूखा गोला - 2 टेबल स्पून ( कद्दूकस किया हुआ)
- चीनी पाउडर - 1/2 कप (80 ग्राम)
विधि - How to make Gujiya
सख्त आटा गूंथिए
मैदा में ¼ कप मोयन यानिकि घी डालकर अच्छे से मिक्स कर लीजिए. मैदे में थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए पूरी के आटे से भी सख्त आटा गूंथ लीजिए. इसे मसलकर चिकना कर लीजिए और आटे को 20 मिनिट तक ढककर रख दीजिए. इतनी मात्रा के मैदा में आधे कप से भी कम पानी लगा है.
कसार/ स्टफिंग तैयार कीजिए
पैन गरम कीजिए और इसमें मावा डालकर लगातार चलाते हुए हल्का ब्राउन होने तक भून लीजिए. इस दौरान आंच मध्यम रखिए. मावा भुन जाने के बाद, इसे प्याले में निकाल लीजिए और ठंडा होने दीजिए.
इसके बाद, मावा में पिसी हुई चीनी, नारियल, किशमिश और काजू डालकर मिला दीजिए. साथ ही चिरौंजी और इलाइची भी डालकर अच्छेे से मिक्स कर दीजिए. सारी चीजों के मिक्स होने के साथ ही गुजिया में भरने के लिए कसार तैयार है.

गुजिया बनाइए
आटे को मसलकर ठीक कर लीजिए. फिर, इससे 20 से 25 छोटी-छोटी लोइयां तोड़ लीजिए. प्रत्येक लोई गोल करके पेड़े जैसा बनाकर रख लीजिए.
एक लोई उठाकर चकले पर रखिए और इसे 4 से 4.5 इंच व्यास की पतली पूरी बेल लीजिए. सांचे के ऊपर पूरी रखिए और 1 से 1.5 छोटी चम्मच फिलिंग डाल दीजिए. पूरी के किनारे पर थोड़ा सा पानी लगाकर सांचे को बंद कीजिए और हल्का सा दबा दीजिए तथा कटिंग निकालकर रख दीजिए. ये कटिंग भी बाद में गुजिया बनाने के काम आ जाती है. सांचे को खोलिए और गुजिया को निकालकर थाली में रखिए और उसे कपड़े से ढक दीजिए ताकि ये सूखे ना. इसी तरह सारी गुजिया तैयार करके थाली में रखते जाइए.
गुजिया तलिए
कढ़ाही में गुजिया तलने के लिए पर्याप्त मात्रा में घी डालकर गरम कर लीजिए. गरम घी में एक-एक करके जितनी गुजिया कढ़ाही में आ जाएं, उतनी गुजिया डाल दीजिए. गुजिया को मध्यम और धीमी आंच पर ब्राउन होने तक तल लीजिए. एक ओर तल जाने के बाद, गुजिया को दूसरी तरफ पलटकर भी तल लीजिए. अच्छे से तली हुई गुजिया को निकालकर प्लेट में रख लीजिए.
स्वादिष्ट मावा की गुजिया तैयार हैं. इन्हें आप किसी भी त्यौहार पर या जब भी आपका मन हो, तब बनाइए और गरमागरम गुजिया खाइए. इन्हें ठंडा होने के बाद एअर टाइट कन्टेनर में भरकर रख लीजिए और 15 दिनों तक चाव से खाते रहिए.
सुझाव
- कसार में बेसन, सूजी इत्यादि मावा में भूनकर मिलाकर अलग-अलग स्वाद की गुजिया तैयार कर सकते हैं.
- पिसी हुई चीनी की जगह तगार या खांड़ भी ले सकते हैं.
- गुजिया फटे ना, इसके लिए 4 बातों का ध्यान रखें. पहला, गुजिया भरते समय सारे किनारों पर हल्का सा पानी लगाकर अच्छे से चिपका दें. दूसरा गुजिया में कसार ज्यादा ना भरें. तीसरा, मैदा गूंथते समय मोयन ज्यादा न डालें. इससे गुजिया नरम होकर तलते समय फट जाती है. चौथा, गुजिया को बहुत ही सावधानी से हल्के हाथों से हैन्डल कीजिए. उंगली लगने से भी गुजिया फट जाती हैं.
कमेंट (363)
नये कमेंट अभी बंद हैं। पुराने सवाल-जवाब नीचे पढ़ सकते हैं।
निशा: कमलेश जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: आकांक्षा जी, मावा खोया होता है जो दूध से बनता है.
निशा: तनु जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
mam gujiya mein suji kitni dalni hai
निशा: मोनिका जी, सूजी - 100 ग्राम (1 कप) लेनी है.
Aapki subhi recipies bahut achchi hain aur merey liye bahut helpful hain.. But aap gujia k Aate me curd kiyu daalte hain? Kiya bina. Curd ke achchi nahi banengi?
निशा: प्राची जी, दही या दूध मिलाने से गुझिया की परत अच्छी सोफ्ट बनती है, आप इसे दही डाले बिना भी बना सकती हैं
निशा: शालू जी, इतनी गुजियां के लिये लगभग 1 किग्रा. मैदा और 1/2 किग्रा मावा लग जाता है.
निशा: ममता जी, गुजिया को किनारो से पानी लगाकर अच्छी तरह चिपकाइये, तलते समय कलछी से ध्यान से पलटिये, उसका किनारा गुझिया को न फाड़ दे.
निशा: अंकित जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: प्रज्ञा जी, मैदा का आटा घी डालकर सख्त लगाइये और गुझिया धीमी आग पर सेकिये, गुझिया अच्छी बनेंगी.
Thank you guru.
निशा: कंचन जी, बहुत अच्छ लगा की आपने गुजिया बना ली, धन्यवाद.
निशा: विकास जी, गुजिया किनारों से पानी लगाकर अच्छी तरह चिपकाइये, अगर आप का हाथ, उंगली से कोई गुझिया फट गई हो तो उसे दूसरी पूरी बेल कर उसमें भरिये, पूरी एक जैसी बेलिये, बहुत ज्यादा पतली मत करिये, तलते समय कलछी से ध्यान से पलटिये, उसका किनारा गुजिया को न फाड़ दे. कभी कोई गुझिया गलती से घी में फट जाय तो घी को छानना पड़ेगा.
निशा: हेमा जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: बहुत बहुत धन्यवाद, भक्ति जी.
निशा: रानु जी, गुझिया भरते समय पूरा ध्यान से भरिये और अच्छे से चिपकाएं. गलती से अगर कोई गुझिया फट जाए तो उसे अलग रख लीजिये, सारी गुझिया तलने के बाद फटी गुझिया को चिपका कर तल लीजिये, और अभी गुझिया तेल में फट गई है तब तेल या घी को छान कर, फिर से कढ़ाई में डालकर यूज कर लीजिये.
निशा: रितु जी, बिना कतरनी के गुझिया गोंठ कर बनाई जा सकती है.
Nisha ji .....gujiya par chini ki part kasi lagaye
निशा: चाशनी में पगी गुझिया रेसिपी का वीडियो देखिये, बड़ी आसानी से गुझिया पर चाशनी को चढ़ा दिया जाता है.
Is it necessary to use milk or curd. Any problem or change will be there if we don't use it.
Halo mam ur recipe is too gud mera Ek swal ha ki kya guji Fiki nahi lagegi kyunki uper ka hise me koi meetha nahi ha
निशा: प्रियंका जी, गुझिया का ये बहुत ही अच्छा अलग स्वाद होता है, ऊपर से फीकी लेकिन और अन्दर से मीठी, खाते समय गुझिया मीठी और बहुत अच्छी लगती हैं.
THANKS FOR YOUR VALUABLE REPLY
निशा: मानसी जी, मैं इसे बनाने की कोशिश करूंगी.
MAINE GUJIYA BNAI AUR BHOT ACHI BANI. PAR THODI TIGHT HO GYI. WO KYU HUA MAM,
PAR FIR BHI SABKO BHOT PASAND AYI. MAINE SUGAR POWDER KI JAGAH DESI KHAND DALI THI
निशा: मानसी जी, मैदा में मोयन यानि कि घी कम डाला गया हो तब गुजिया सख्त हो सकती है.
निशा: नीलमा जी, आटे में घी की मात्रा अधिक होने से गुजिया फट सकती हैं.