Jalebi Recipe, जलेबी

गरमा गरम जलेबियाँ (Jalebi) सभी को बहुत पसन्द आती है. आमतौर पर ये मैदा या चावल के आटे (Rice floor) से ही बनायी जातीं है पर मध्यप्रदेश के कुछ शहरों में मावे की जलेबी (Mawa Jalebi) भी बनायीं जातीं है. अगर यह जलेबियाँ घर में बनी हो तो और भी अधिक स्वादिष्ट हो जाती हैं. हम आज यहां मैदा की जलेबी (Jalebi) बनायेंगे.
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आवश्यक सामग्री - Ingredients for Jalebi
- मैदा - 200 ग्राम या 2 कप
- यीस्ट - 1 1/4 छोटी चम्मच
- घी या तेल - तलने के लिये
विधि - How to make Jalebi
यीस्ट के दाने आधा कप गुनगुने पानी में 5 - 10 मिनिट के लिये भिगा दीजिये. एक बर्तन में मैदा और यीस्ट का घोल डालें, मैदा में गुठलिया खतम होने तक पानी डाल कर पकोड़े जैसा घोल बनायें. घोल अधिक गाढ़ा या पतला न हो (इतना घोल बनाने में लगभग 1 1/2 कप पानी लग जाता है). इस घोल को करीब 12 घंटे के लिये ढककर रख दीजिये. 12 घंटे के अन्दर इस घोल में खमीर उठ आयेगा और घोल जलेबी बनाने के लिये तैयार हो जायेगा.
जलेबी बनाने के लिये पहले चाशनी तैयार कर लीजिये.
चाशनी बनाइये:
- चीनी - 400 ग्राम (2 कप )
- पानी - 300 ग्राम ( 1 1/2 कप)
- केसर - एक चुटकी
एक बर्तन में चीनी और पानी मिला कर गरम होने के लिये रख दीजिये. चीनी घुलने तक चाशनी को पका लीजिये, अब इस चाशनी में केसर की पत्तियां डाल दें और धीमी आग पर 2 मिनिट उबलने दीजिये, इस तरह हल्की चिपकने वाली 1 तार की चाशनी बना कर तैयार कर लीजिये.
जलेबी बनाने के लिये कढ़ाई अलग तरीके की होती है. वह ज्यादा चौड़ी और गहरी कम होती है.
कढ़ाई में घी डालकर गरम कीजिये. जलेबी बनाने के लिये एक विशेष प्रकार का कपड़ा या डिब्बा बाजार में मिलता है. हम जलेबी बनाने के लिये दूध की थैली से निकली प्लास्टिक का उपयोग भी कर लेते हैं
खमीर उठे मैदा के मिश्रण को अच्छी तरह से फैंट लीजिये. अब मिश्रण को जलेबी बनाने वाले डिब्बे या थैली में भरकर इसकी की धार हाथ को गोल गोल चलाते हुये कढ़ाई में डालें. जितनी जलेबी कढ़ाई में आ जाय उतनी जलेबी कढ़ाई में डाल दें. इन जलेबियों को पलट पलट कर गुलाबी होने तक सेके. सिंकी हुई जलेबियाँ कढ़ाई से निकाल कर चाशनी में डालें. 2 मिनिट बाद चाशनी से निकाल कर प्लेट में रखें. इसी तरह सारी जलेबियाँ तैयार कर लें.
जलेबियाँ तैयार हैं. गरमा गरम जलेबियाँ परोसिये और खाइये.
कमेंट (309)
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Today I am trying namak pare and Corn chiwda + gujiya
निशा: कंचन जी, अपने अनुभव हमारे साथ शेयर करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद.
ke ghol mein khamir nahi uthha please help me.
निशा: गीता जी, घोल को गरम जगह पर रखें, इसमें खमीर अवश्य तैयार होगा.
निशा: दीक्षा जी, जलेबी को धींमी मीडियम आग पर क्रिस्पी होने तक तलें और चाशनी पतली होने से भी जलेबी नरम हो जाती है, चाशनी को सही कनसिसटेन्सी का बनायें. जलेबी बहुत अच्छी बनकर तैयार होती है.
निशा: संजू जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: प्रिया जी, इसे फ्रिज में रख दीजिये, अगली सुबह नमकीन या मीठे चीले या पूये बना लीजिये.
निशा: विरल जी, हम इस रेसिपी को जल्दी ही अपलोड करेंगे.
mene shop se Dried yeast liya h kya yhi use krna h jalebi me or kitni matra me use rna h plz btaye
निशा: संस्कृ्ति जी, 1.5 कप मैदा के लिए 1 छोटी चम्मच यीस्ट काफी रहती है.
निशा: सोनक जी, जलेबी को धींमी मीडियम आग पर क्रिस्पी होने तक तलें और शुगर सीरप पतला होने से भी जलेबी नरम हो जाती है, शुगर सीरप को सही कनसिसटेन्सी का बनायें.
निशा: चंद्र जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: पायल जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: रिचा जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: रवी जी अगर उसमें गुठलिया बन गई हैं तब उसे आप सूप वाली छलनी से छान कर ठीक कर सकते हैं.
निशा: रुपेन्दर जी, अगर यीस्ट ने काम न किया हो तब एसा हो सकता है.
निशा: संध्या जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: अरविन्द जी, मैदा और दही से बैटर तैयार करें, मीठा सोडा बैटर में डालकर अच्छी तरह मिलायें और जलेबी बना लीजिये.
निशा: रीचा जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
ye yest kaha milega
निशा: दीप जी, यीस्ट आपको आसानी से किराना शॉप पर मिल जाएगा.
निशा: lucuji, जलेबी का बैटर पतला होने से वह कढ़ाई में फैल जाती है और शुगर सीरप पतला होने से वह सीरप में जाकर नरम हो जाती है. प्लीज वीडियो को देखिये और रेसिपी को पढ़िये और फिर से ट्राई कीजिये आप अच्छी जलेबी अवश्य बना लेंगी.
निशा: वेदमती जी, हाइड्रोपाउडर एक कैमीकल है, जो हलवाई कुछ मिठाइ बनाने के लिये यूज करते हैं. जलेबी के लिये बैटर बनाते समय हलवाई इसे डालते हैं.
निशा: अतुल जी, यीस्ट एक तरह की फंजाई होती है, जो पीली सरसों के गोल दाने जैसी होती है. यह आटे को फरमेंट करने के लिये प्रयोग की जाती है. किराना स्टोर पर आसानी से उपलब्ध है.
निशा: नरेश जी, यीस्ट एक तरह की फंजाई होती है, जो पीली सरसों के गोल दाने जैसी होती है. यह आटे को फरमेंट करने के लिये प्रयोग की जाती है. किराना स्टोर पर आसानी से उपलब्ध है.
निशा: यीस्ट एक तरह की फंजाई है जो अनकूल वातावरण पाकर तेजी से बढ़ती है.
निशा: बहुत बहुत धन्यवाद अलका जी.
निशा: सुरभी जी, मुझे बहुत सारी रेसिपी नहीं आती, और मैं उन्हैं आपकी तरह ही सर्च करके सीखती हूँ.
निशा: संध्या जी, एक बार फिर से बहुत बहुत धन्यवाद.
mam mai apko bahut dhanywad dena chahti hu mam ap believe nh kregi mai apki site ke bare me janne ke bad sach me ek achchi beti achchi bahu achchi maa sabit ho pai .mam apki site ne mere rishto k mayne hi bdl die jo log meri burai krte nh thakte the we aj mujhe chef ,annpurna,hath me jadu etc.ki upma dete h.mam sach me meri zndg ab muje pyari lgne lagi.apka bahut dhanywad mam ap hm jaiso ke lie maa aur guru dono h meri taraf se apke charno me sat sat naman. thanks alot.
Thank you nishaji
निशा: आशु जी, आपका भी बहुत बहुत धन्यवाद.