लौकी की बर्फी – Lauki Burfi Recipe – Bottle Gourd Burfi Recipe

लौकी की बर्फी (Ghiya Ki Burfee or Lauki ki Lauj) आप त्यौहार पर भी बना सकते हैं और व्रत में फलाहार के रूप में भी प्रयोग कर सकते हैं.बनाने में एकदम आसान, रेशेदार पौष्टिक लौकी की बर्फी दिवाली पर आपके परिवार को बहुत पसन्द आयेगी.
लौकी की बर्फी (Ghiya Ki burfee) आप कई तरीके से बना सकते है. लौकी को दूध में तब तक पकाया जाय कि ये एकदम गाड़ा हो जाय. लेकिन इस विधि में बनाने में समय बहुत अधिक लगता है. दूसरे तरीके में आप लौकी पकाने के बाद मावा मिलाकर लौकी की बरफी बना सकते है. तीसरे तरीके से लौकी को कन्डेंस्ड मिल्क के साथ भी उबालकर लौकी की बर्फी (Lauki ki Lauj)बनाई जा सकती है. हर तरह से बनी लौकी की बर्फी का अपना अलग विशिष्ट स्वाद होता है. आईये सबसे आसान और कम समय में मावा मिलाकर लौकी की बर्फी (Lauki Ki lauj) बनायें
लौकी की बर्फी बनाने के लिये लौकी पकी हुई लें तो लौकी की बर्फी का स्वाद बहुत अच्छा रहेगा. बर्फी बनाने के लिये कच्ची या चोईया लौकी सही नहीं रहती
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आवश्यक सामग्री - Ingredients for Ghiya Ki burfee
- लौकी - 1 किग्रा.
- घी - 1/4 कप
- चीनी - 1.5 कप (300 ग्राम)
- मावा - 250 ग्राम (कद्दूकस किया हुआ)
- काजू - 1/2 कप
- बादाम - 7 से 8
- इलाइची - 6-7
विधि - How To Make Lauki Burfee
लौकी को धोकर पानी अच्छे से सुखा लीजिये. इसके बाद लौकी को छील लीजिये, लम्बे काटिये और बीज एवं अन्दर का बीज वाला गूदा हटा दीजिये. लौकी को टुकड़ों में काट लीजिए ताकि फूड प्रोसेसर में आसानी से ग्राइन्ड हो जाए. अगर आप इसे कद्दूकस करना चाहते हैं, तो छोटे टुकड़े मत कीजिए.
1 -1 टुकड़े को फूड प्रोसेसर में डालिए और कद्दूकस कर लीजिये. कद्दूकस हुई लौकी को अच्छे से निचोड़कर इसका जूस निकालकर हटा दीजिए.
धीमी गैस पर कढ़ाही में लौकी डालिये, 2 छोटी चम्मच घी डाल दीजिये और इसे मिक्स कर लीजिए. लौकी को ढककर धीमी आग पर 3 से 4 मिनिट पकने दीजिये, थोड़ी देर में चमचे से चलाइये ताकि लौकी कढ़ाही के तले पर लगकर जले नही. इसे फिर से ढक दीजिये. लौकी को नरम होने तक पकने दीजिये.
इसी बीच, बादाम और काजू को 7 से 8 टुकड़े करते हुए काट लीजिए. इलायची को भी कूटकर पाउडर बना लीजिए.

7 से 8 मिनिट लौकी को पकाने के बाद, इसमें चीनी डाल दीजिए. गैस धीमी रखिए और प्रत्येक 2 मिनिट में इसे चलाते रहिए. चीनी के साथ मिलकर लौकी से काफी मात्रा में पानी निकल आता है, थोड़ी थोड़ी देर में चमचे से चलाते रहने से लौकी तले में नही लगेगी.
थोड़ी देर बाद, हलवे को चैक कीजिए. इसमें थोड़ा सा जूस अभी रह गया है. इसे खुला ही 2-2 मिनिट बाद चलाते हुए पूरी तरह से जूस सूख जाने पका लीजिए. जब लौकी का जूस लगभग जलकर खत्म हो जाए, तब इसमें बचा हुआ घी डालकर मिला दीजिए. इसे अच्छे से चलाते हुए 1 से 2 मिनिट भून लीजिए.
लौकी में कद्दूकस किया हुआ मावा डालकर लगातार चलाते हुए इसे गाढ़ा होने तक पका लीजिए. इसमें काजू भी डालकर मिक्स कर दीजिए. इसको जमने वाली कन्सिस्टेन्सी तक पका लीजिए. इसमें इलायची पाउडर भी डालकर मिला दीजिए. मिश्रण की कन्सिस्टेन्सी चैक करने के लिए, थोड़ा सा मिश्रण किसी प्याली में डाल दीजिए. इसके ठंडा होने के बाद उंगली में चिपकाकर देखिए कि यह जम रहा है या नही.

थाली में जरा सा घी लगाकर चिकना कीजिये और यह मिश्रण थाली में डालकर एकसार करके जमने रख दीजिये. बर्फी के ऊपर कतरे हुये बारीक बादाम डाल कर चिपका दीजिये. लौकी की बर्फी को जमने के लिए रख दीजिए.
इसके बाद, लौकी की बर्फी को आप अपने मन पसन्द आकार में काटिये. थाली को नीचे से गरम कर लीजिए, जिससे बर्फी आसानी से निकल आए. बर्फी के टुकड़ों को एक प्लेट में निकाल लीजिए.
स्वाद से भरपूर लौकी की बर्फी एकदम तैयार है. इसे फ्रिज में रखकर 4 से5 दिन तक खा सकते हैं.
सुझाव
मावा के बदले 1 कप मिल्क पाउडर भी उपयोग कर सकते हैं और मिल्क पाउडर को मावा के समय ही डालें.
Lauki Burfi Recipe – Bottle Gourd Burfi Recipe
कमेंट (105)
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निशा: निशा जी, कर सकते हैं.
निशा: बहुत बहुत धन्यवाद और आभार.
निशा: पूजा जी, दूध फटने के कई कारण हो सकते हैं जिसमें से मुख्य लौकी का कड़वा होना हो सकता है. अगर आप अलग से दूध गाढा़ करके लौकी में डालें तो ये समस्या नहीं आएगी.
निशा: बीना जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: अंकित जी, आभार और धन्यवाद.
Mam mjhe ye janna h k burfi ko freezer me rkh kr jaman h ya room temperature pe rkhna h?
निशा: धारणा जी, आप इसे फ्रिज में या फ्रिज के बाहर जैसे चाहें जमा सकते हैं.
निशा: नमस्कार स्वाती जी.
निशा: नीतू जी, बना सकते हैं आपकी बर्फी स्वादिष्ट बनेगी.
निशा: सुमन जी, बहुत बहुत धन्यवाद. मेरी यही कोशिश होती है की रेसिपी बहुत आसानी से और घर में उपलब्ध सामग्री से अच्छी और स्वादिष्ट बनकर तैयार हो.
निशा: पारस जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
Apki resipy batane ka tarika
Lajawb he
Thank you very much
Mere husband apko meri saheli batate hen jav ham apki video resipy dekhate hen
☺☺☺☺☺☺
निशा: कुसुम जी, अपना अनुभव शेयर करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: सुषमा जी, बर्फी का कलर ग्रीन नहीं रहता है, हल्का ग्रीन जैसा कि रेसिपी में दिख रहा है वैसा रहता है, अगर आपको ग्रीन कलर चाहिये तब आप इसमें ग्रीन फूड कलर डाल सकते हैं.
निशा: हसीबा जी, मावा से बर्फी ज्यादा स्वादिष्ट बनती हैं. अगर आप मावा नही डालना चाहते तो कन्डेन्सड मिल्क का इस्तेमाल कर लीजिए.
निशा: पूजा जी, अगर अपा लौकी को मिल्क में पका रही है तब उसे पूरी तरह गाढ़ा होने के बाद चीनी मिलायें.
निशा: रूबी जी, लौकी से पानी निचोड़ कर ही लौकी को भूनना है.
निशा: शिवानी जी, बेसन के लड्डू या गेहूं के आटे के लड्डू बनाकर ले जायें इन्हैं महिनों तक खाया जा सकता है और अच्छे लगते हैं.
निशा: राजेंद्र जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: रीत जी, मिश्रण के ज्यादा पके होने के कारण ऎसा होता है, अगली बार बर्फी को बस जमने वाली कनसिसटेन्सी तक ही पकायें.
Apki recipes bohot helpful h thanx Mam Maine lauki ki barfi bnayi taste bohot achha h but jami ni maam isme ghee jaada ho jaaye to bhi ni jamti Kya or freezer me jamana h ya simple fridge me rakhna h.
निशा: मेघा जी, मिश्रण गीला रहने पर बर्फी नहीं जमती, इसे लगातार चलाते हुये जमने वाली कनसिसटेन्सी तक आने तक थोड़ा और पकायें और जमायें, जमने के लिये खुले में या फ्रिज में रखा जा सकता है.
निशा: अंजली जी, हलवा के लिये घीया को कुकर में नहीं उबाला जाता है, इसे कढ़ाई में ही बनाते हैं.
निशा: सचिन जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: आशा जी हां मावा खोया को ही कहते हैं.
निशा: पूजा जी हां लौकी हल्की पकी हो तो ज्यादा अच्छा है.
ghi dalkar 1 ghamte se bhoon rahi hoo ab mai
chini ki chasni kar mila
sakti hoo bo jam jaygi kya
ple . reply
निशा: अभिषेक जी, 6-7 लोग आराम से खा सकते हैं.