पकोड़े की कढ़ी - Besan Kadhi Recipe - Pakoda Kadhi recipe

सब्जियाँ और दालें करीब करीब हम रोजाना ही खाते हैं, जब कुछ अलग खाने को मन करता है तो हम कढ़ी (Dahi Besan Kadi) बनाते हैं. कढ़ी कई प्रकार की होती है. पकोड़े की कढ़ी प्रमुख है. यह उत्तर भारत में बनाई जाती है.आज प्रस्तुत है, बेसन कढ़ी पकोड़ा (Kadhi Pakoras Recipe ). इसे आप रोटी, नान या चावल के साथ खा सकते हैं.
Read this recipe in English - Besan Pakoda Kadhi recipe
आवश्यक सामग्री - Ingredients for Besan Pakoda Kadi
- बेसन - 200 ग्राम( 1.5 कप)
- खट्टा दही - 400 ग्राम (2 कप)
- तेल —1 टेबल स्पून
- हींग —1-2 पिन्च
- जीरा - आधा छोटी चम्मच
- मैथी के दाने — आधा छोटी चम्मच
- हल्दी पाउडर — आधा छोटी चम्मच.
- लाल मिर्च पाउडर — एक चौथाई छोटी चम्मच .
- नमक —1 1/2 छोटी चम्मच या स्वादानुसार
- हरी मिर्च — 2 या 3 ( बारीक कटी हुई )
- हरा धनियाँ — एक टेबल स्पून ( बारीक कटा हुआ ).
- पकोड़ियाँ तलने के लिये - तेल
विधि - How to make Besan Pakoda Kadi
कढ़ी बनाने के लिये सबसे पहले बेसन को किसी बर्तन में छान कर निकाल लीजिये, पानी की सहायता से बेसन का गाढ़ा घोल बना लीजिये. बेसन के घोल को अच्छी तरह से फैंट लीजिये. फैंटे गये घोल को दो बराबर भागों में बाँट लीजिये.
1. पकौड़ियों के लिये.
कढा़ई में तेल डाल कर गरम कीजिये. तेल गरम हो जाय तो बेसन के एक भाग की पकौड़ियाँ बनाइये( पकौड़ियाँ बनाने के लिये चमचे की सहायता से थोड़ा थोड़ा बेसन का घोल लेकर गरम तेल में डालिये, एक बार में 5 -6 या जितनी पकोड़ियां आसानी से तेल में आ सकें डाल दीजिये, गोल गोल पकौडि़याँ कलछी की सहायता से पलट कर, ब्राउन होने तक तलें और प्लेट में निकाल लीजिये).
इसी तरह सारे बेसन की पकौड़ियां बना लीजिये.
2. कढ़ी के घोल के लिये.
दही को मथकर एक बर्तन में निकालिये, बचे हुये बेसन को फैंटे हुये दही में मिलाकर,इसमें लगभग 1.2 लीटर पानी मिला दीजिये. कढ़ाई में 1 टेबल स्पून तेल छोड़ कर, सारा तेल निकाल दीजिये, तेल को गरम कीजिये, गरम तेल में हींग, मैंथी और जीरा डाल दीजिये, जीरा ब्राउन हो जाने पर, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और हरी मिर्च डाल दीजिये, मसालें में दही बेसन का घोल डाल कर, घोल को चमचे से तबतक चलाते रहें, जबतक घोल गाड़ा न हो जाय और घोल में उबाल न आ जाय. घोल में उबाल आने के बाद, पकौड़ियाँ डाल दीजिये और चमचे से चलाते जायं, कढ़ी में फिर से उबाल आने पर, उसमें नमक डाल कर मिला दीजिये, चमचे से कढ़ी को लगातार चलाना बन्द कर दीजिये. कढ़ी को 12-15 मिनिट तक धीमी आग पर पकने दीजिये, लेकिन 2-3 मिनिट बाद चलाते अवश्य रहिये. आप देखेंगे कि कढ़ी के ऊपर किनारों की ओर बेसन की मलाई आ रही है. पकोड़े की कढ़ी बन चुकी है.
कढ़ी (Punjabi Kadi with Pakora) तैयार है. कढ़ाई से कढ़ी को प्याले में निकाल लीजिये. कटे हरे धनिये ऊपर से डालकर सजाइये. पकोड़े की गरमा गरम कढ़ी को चावलों के साथ, या चपाती के साथ परोसिये और खाइये.
नोट:
आपको तीखा खाना पसन्द है तब आप छोटी कढ़ाई में 2 छोटी चम्मच तेल डाल कर गरम कीजिये, आग बन्द कर दीजिये, तेल में 1/4 छोटी चम्मच लाल मिर्च पाउडर डाल दीजिये. इस बघार को प्याले में भरी कढ़ी के ऊपर डालिये. आपके लिये पकोड़े की तीखी कढ़ी तैयार है.
पांच सदस्यों के लिये, समय - 1 घंटा
कमेंट (251)
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निशा: भोजराज जी, बना सकते हैं.
निशा: रीता जी, दही को फ्रिज से 1 घंटे पहले निकाल कर बाहर रख लीजिये, पहले दही में बेसन घोलिये, बघार लगाकर बेसन का घोल डालिये और कढ़ी को लगातार तेज आग पर चमचे से चलाते हये उबाल आने तक पकाइये, दही नहीं फटेगा.
Aapko bahut dhanyawad ki aap humare saath itani swadist recipes share karti hain. Nisha ji main jab bhi kadi banati hu, meri kadi fatt jati h. Main aapke bataye huye tareeke se hi banati hu exactly. Par phir bhi fatt jati h. Koi sujhav de. Thank you
निशा: नेहा जी, दही को फ्रिज से 1 घंटे पहले निकाल कर बाहर रख लीजिये, कढ़ी को पकाते समय उबाल आने तक चलाते हुये पकायें, कढ़ी बिलकुल भी नहीं फटती.
निशा: विजय जी, तेल को अच्छी तरह गरम होने के बाद पकोड़ियां तलें, पकोड़िया तेल कम शोकेंगी.
निशा: विभा जी, दही खट्टा और अधिक होने से कढ़ी खट्टी बनी है, कढ़ी में ऊपर से हींग, मेथी दाने और लालमिर्च पाउडर का तड़का लगाकर मिलायें, कढ़ी का खट्टा स्वाद अच्छा लगेगा, कढ़ी के बहुत अधिक खट्टा होने पर, 1 टेबल स्पून में 2-3 टेबल स्पून बेसन हल्का सा भूने और 2 कप पानी में पकायें 7-8 मिनिट पकायें, स्वादानुसार नमक और लालमिर्च डालें, कढ़ी में मिलायें और परोसे.
निशा: प्रीती जी, आप स्वादानुसार बदलाव कर सकती हैं. प्याज और अदरक का तड़का लगाकर भी कढी़ बना सकती हैं.
निशा: किरन जी, कढ़ी को 10 मिनिट और उबाल लीजिये, साथ में ऊपर से हींग- जीरा और लालमिर्च का तड़का लगा दीजिये, इससे कढ़ी का टेस्ट बढ़ जायेगा और खट्टापन एडजैस्ट हो जायेगा.
निशा: मोनिका जी, पकोड़े बनाने से 20 मिनिट पहले बेसन घोलिये, अच्छी तरह फैटिये, बेसन अधिक गाड़ा और अधिक पतला नहीं होना चाहिये.
Easy and nice
निशा: सोनिया जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: अमित जी, अवश्य कर सकते हैं.
निशा: नेहा जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: दीपिका जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: पूजा जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: लोकेश जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: काजल जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: अनूप जी, हां अवश्य डाल सकते हैं.
निशा: मंजू जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
Without dahi Besan ki kadhi kaise banegi? ??
निशा: निधि जी, कच्चे आम की खटाई से और टाटरी से, नीबू से कढ़ी बनाई जा सकती है.
निशा: मंजू जी, चमचे से कढ़ी को लगातार चलाते रहें और नमक एकदम बाद में ही डालें.
निशा: दिपू जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: मंजू जी, पहले दही में बेसन घोलिये, बघार लगाकर बेसन का घोल डालिये और कढ़ी को लगाता तेज आग पर चमचे से चलाते हये उबाल आने तक पकाइये, दही नहीं फटेगा. आप सामग्री की मात्रा को आधा कर दीजिए.
निशा: प्रियंका जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: आपको बहुत बहुत मुबारक हो, और रेसिपी कैसी बनी इसका अनुभव हमारे साथ जरुर शेयर कीजिएगा.
निशा: बहुत बहुत धन्यवाद.