बालूशाही - Balu Shahi Recipe - Khurmi Recipe

बालूशाही (Baloo Shahi) खाने में एकदम खस्ता एवं स्वादिष्ट होती है एवं इसमें मावा का उपयोग नहीं होता.
दीपावली के पर्व पर मिठाईयां तो हम बनायेंगे ही. मिठाईयों की अधिक मांग के कारण बाजार में जो मावा मिलता है वह अधिकांश मिलावटी होता है इसलिये एसी मिठाई बनाना अच्छा है जिसमें मावा उपयोग नहीं होता, इसलिये आईये आज हम बालूशाही (Khurmi) बनायें.
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आवश्यक सामग्री - Ingredients for Balushahi
- मैदा - 500 ग्राम (4 कप)
- घी - 150 ग्राम (3/4 कप) मैदा में मिलाने के लिये
- बेकिंग सोडा - आधा चम्मच
- दही - आधा कप
- चीनी - 600 ग्राम ( 3 कप)
- घी तलने के लिये
विधि - How to make Balushahi
मैदा में बेकिंग सोडा, दही और घी डालकर मिलाइये, गुनगुने पानी की सहायता से नरम नरम गूंथ लीजिये. आटा को ज्यादा मलिये मत, बस आटा इकठ्ठा कीजिये और आटे को सैट होने के लिये 20 मिनिट के लिये रख दीजिये.
आटे को सैट होने के बाद थोड़ा सा मल कर ठीक कीजिये, गुथे आटे से छोटे नींबू के साइज की लोइयां तोड़िये. इसे दोनों हथेलियों से एकदम गोल गोल कीजिये. पेड़े की तरह से दबाईये एवं दोंनो ओर अंगूठे से दबा कर गड्डा बना दीजिये. सारे आटे से इसी तरह सारी बालूशाही तैयार कर लीजिये.
तलने के लिये कढ़ाई में घी डालकर गरम दीजिये. जब घी गर्म हो जाये तो तैयार बालूशाही को गरम घी में डालिये, धीमी और मीडियम आग पर बालूशाही को दोंनो ओर अच्छा ब्राउन होने तक तक तल लीजिये, तेज आग पर तली बालूशाही अन्दर से अच्छी तरह से नहीं सिक पायेंगी. सुनहरी तली हुई बालूशाही कड़ाही से निकाल कर थाली या प्लेट में रख लीजिये. सारी बालूशाही तल कर निकाल लीजिये.
600 ग्राम चीनी में 300 ग्राम पानी मिलाकर एक तार की चाशनी बना लीजिये. गैस बन्द कर दीजिये और हल्की गरम चाशनी में बालूशाही डाल दीजिये. बालूशाही (Baloo Shahi) को 4-5 मिनिट तक डूबा रहने के बाद इन्हें चिमटे की सहायता से एक एक करके निकाल कर थाली या प्लेट में रखिये, ठंडा कर लीजिये ताकि बालूशाही पर चड़ी चाशनी सूख जाये.
स्वादिष्ट बालूशाही (BalooShahi) तैयार हैं, आप इन्हैं किसी भी एअर टाइट कन्टेनर में भरकर रख लीजिये, 20 दिनों तक जब भी आपका मन करे कन्टेनर से बालूशाही निकालिये और खाइये.
कमेंट (305)
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निशा: मिताली जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: प्रीती जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: जारा जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: सोनिया जी, आटा लगाते समय पर्याप्त घी न डाला जाय, आटा सख्त लगाया जाय, और तेज गैस फ्लेम पर बालूशाही तली जाय तब ये अंदर से कच्ची रह जाती है ओर इसमें चाशनी भी अच्छे से घुल नहीं पाती, प्लीज इसके वीडियो को देखिये और बनायें आप जल्दी ही अच्छी बालूशाही बना सकेंगे.
निशा: अगर मैदा गूथते समय मैदा में घी कम हो तो बालूशाही सख्त हो सकती है, सख्त होने की वजह से चीनी बालूशाही के अन्दर नहीं गई.
Mene aaj pahali baar bhalushahi banayi. Isase pahale to mene kabhi ise khaya bhi nhy. It was very gud. Halki si kasar rh gyi thi koi koi batch andar se halka sa kachaa rh gya tha but mujhe samajh aa gyi ki aesa kyo hua. I m sure next time isase bhi achaa banaungi. Best part is ki shakar pare and bhalushahi is favourate of my hubby. And he is so happy. Thank you very much.
निशा: गगन जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: अदिती जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: आंचल जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: अभिलाष जी, खट्टी नहीं होगी.
निशा: उर्मिला जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: जारा जी, बालू शाही बीच से फटी हैं, कोई बात नहीं है, हल्की सी फटी बालूशाही ज्यादा अच्छी होती है.
aya badhia hua thanks.
निशा: सस्मिता जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: नीलम जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: चाशनी में 10-15 मिनिट डुबाना पर्याप्त है लेकिन चाशनी थोड़ी गाड़ी हो तो चाशनी अन्दर तक नहीं जाती, बालूशाही अच्छी तरह फूले न हों तो भी चाशनी अन्दर तक नहीं जाती. चाशनी की कनसिसटेन्सी अधिक गाड़ी और अधिक पतली न हो, चाशनी बालूशाही के अन्दर अवश्य जायेगी.
निशा: गोकुल जी, आप मेरी वेबसाइट और यूट्यूब चैनल पर जाकर आप ढेर सारी रैसिपी देख सकते हैं. धन्यवाद.
निशा: हिना जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: अंजू जी, रिफाइन्ड आयल या वनस्पति घी भी प्रयोग करसकते हैं, लेकिन मुझे मिठाइयां देशी घी में बनी ही पसन्द आती हैं..
निशा: अमोल जी, आप रिफाइन्ड आयल या वनस्पति घी भी प्रयोग कर सकते हैं.
निशा: सिद्धांत जी, सुझाव के लिए धन्यवाद. मै इसे बनाने की कोशिश करूंगी.
निशा: सिद्धांत जी, आप इससे डोसा बना सकते हैं. दोनों चीजों को मिक्स करके 2-3 घंटे रख दीजिए इसके बाद डोसा बना लीजिए.
निशा: छाया जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: बहुत बहुत धन्यवाद.
पानी कितना ड़ालना हैं
निशा: तनु जी, 600 ग्राम चीनी में 300 ग्राम पानी मिलाकर एक तार की चाशनी बना लीजिये.
निशा: नमिता जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: शिवम जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: अजय जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: तनु जी, बालू शाही के आटे में दही डाला जाता है और दही बालूशाही को साफ्ट बनाने के लिये डाला जाता है.
निशा: वर्षा जी, बहुत बहुत धन्यवाद.