सोंठ के लड्डू - Sonth Laddu Recipe, Saunth ke Laddu - Ginger Powder Laddu Recipe

सोंठ के लड्डू (Sonth ke Laddu) पारम्परिक लड्डू हैं जो जच्चा को डिलीवरी के बाद खिलाये जाये हैं. इसके अलावा सोंठ के लड्डू (Dry Ginger Laddu) सर्दी के मौसम में व कमर दर्द से आराम पाने के लिये भी खाये जाते हैं.
आवश्यक सामग्री - Ingredients for Saunth ke laddoo
- सोंठ (Ginger powder) - 1/3 कप ( 25 ग्राम)
- गुड़ - 1. 25 कप ( 250 ग्राम)
- सूखा पका नारियल - 1 कप कद्दूकस किया हुआ (50 ग्राम)
- गेहूं का आटा- 3/4 कप ( 100 ग्राम)
- देशी घी - 1/2 कप ( 125 ग्राम)
- बादाम - 1/4 कप ( 35 ग्राम)
- गोंद - 1/4 कप ( 50 ग्राम)
- पिस्ते - 10-12
विधि - How to make Sonth ke laddu ?
गोंद को छोटे टुकड़े तोड़ कर तैयार कर लीजिये. बादाम मिक्सर में डालकर पीस लीजिये. पिस्ते को पतला पतला काट लीजिये.

कढ़ाई में घी डालकर गरम कीजिये, थोड़ा घी बचा लीजिये, घी को मीडियम गरम कीजिये और गोंद को धींमी गैस पर भून लीजिये, गोंद फूल कर चार गुने आकार में हो जाता है, भुने गोंद को अलग प्लेट में निकाल लीजिये. बचे हुये घी में आटा डालिये और लगातार चलाते हुये मीडियम और धीमी आग पर ब्राउन होने तक भून लीजिये. भुने आटे को अलग प्लेट में निकाल कर रख लीजिये.
कढ़ाई में 2 चम्मच घी डालिये और पिघलने दीजिये, सोंठ को घी में डालिये और धीमी आग पर हल्का सा 1- 1.5 मिनिट तक भून लीजिये, भुनी सोंठ को भुने आटे वाली प्लेट में ही निकाल लीजिये. भुना गोंद ठंडा होने पर उसे प्लेट में ही बेलन की सहायता से पीस लीजिये.
कढ़ाई में बारीक तोड़ा हुआ गुड़ डालिये और धीमी आग पर गुड़ को पिघलने दीजिये. गुड़ पिघलने पर गैस बन्द कर दीजिये, पिघले गुड़ में आटा, सोंठ,गोंद, बादाम पाउडर, नारियल और पिस्ते डालकर सारी चीजें को अच्छी तरह मिलने तक मिला दीजिये, अब कढ़ाई को गैस से उतार लीजिये, हल्के गरम में ही मिश्रण से लड्डू बांध लीजिये.
थोड़ा सा मिश्रण हाथ में उठाइये, और दबा दबा कर गोल लड्डू बना लीजिये, सोंठ के लड्डू हैं इन्हैं थोड़े छोटे ही बनाइये, सारे मिश्रण से इसी तरह लड्डू बना कर तैयार कर लीजिये, इतने मिश्रण से 18 लड्डू बनकर तैयार हो जायेंगे. लड्डू को 2-3 घंटे तक खुले हवा में छोड़ दीजिये, लड्डू खुश्क हो जायेगे, लड्डू को कन्टेनर में भर कर रख लीजिये, और 2-3 महिने तक खाते रहिये.
सुझाव:
- सोंठ के लड्डू मावा डालकर बनाये जाते हैं, लेकिन मावा मिलाकर बनाये गये लड्डू की शैल्फ लाइफ कम होती है.
- गुड़ की जगह पिसी चीनी, तगार या बूरा डालकर भी बना सकते हैं, मीठा अपने पसन्द के अनुसार कम ज्यादा कर सकते हैं.
- लड्डू में मेवा अपनी पसन्द के अनुसार कम या ज्यादा कर सकते हैं, जो मेवा आप पसन्द करते हैं वह ले सकते हैं, जो मेवा पसन्द न हो उसे हटा सकते हैं.
कमेंट (64)
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It helped me center myself and I felt very grounded and at peace!
Aapko bahut bahut dhanyawaad!
Actually mam meri delivery may m hui h Maine us samay garmi hone ki wajah se soonth ke laddu nahi khaye to kya m is winter season m yeh laddu kha Sakti hoon yeh utnehi healthy rahenge jitney after delivery rehte h
निशा: राजेश जी, अपने अनुभव हमारे साथ शेयर करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: धारू जी, बिलकुल हाँ अवश्य खा सकते हैं, सर्दी के मौसम की खास रेसिपी है.
निशा: किसी भी चीज का उचित मात्रा में सेवन सेहत के लिए उपयोगी होता है. इसी प्रकार सोंठ के लड्डू का ठंड के मौसम में सेवन शरीर को गर्माहट और ताकत देने वाला होता है. लेकिन इसकी तासिर गर्म होने के कारण इसे गर्मियों में बहुत कम मात्रा में सेवन करने की सलाह दी जाती है.
निशा: हीना जी, चिरोंजी को घी में हल्का सा सेक कर यूज करें ये जल्दी खराब नहीं होती और आप चाहें तो इसमे बिना लड्डू बनायें.
निशा: प्रियंका जी, आप इसे बिना गोंद के भी बना सकती हैं.
निशा: मोनिका जी, एसा तो मैंने नहीं सुन, हो सकता कि लड्डू गरम होते हैं तो खाक्रर तुरन्त ठंडे पानी से न नहायें, गरम और ठंडा मिलकर, जुकाम बनाते हैं.
निशा:निशा जी, एसी जच्चा को लड्डू और घी से बनी चीजें नहीं देते, और इस विषय में आप डा. से भी सलाह ले सकते हैं, समर में ये लड्डू जच्चा थोड़ी मात्रा यानि कि एक लड्डू रोजाना खा सकती है,ये लड्डू ताकत देने वाले होते हैं.
निशा: अनु जी, आप लड्डू अभी खा सकती हैं, और कमर पर हल्की मालिश भी करती रहें.
निशा: निर्मल जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: लक्ष्मी जी, बहुत-बहुत धनयवाद. आप रेसिपी बनाइए और अपने अनुभव हमारे साथ ज़रूर शेयर कीजिए.
निशा: धानी जी, छुआरे को भिगोकर और काटकर और मखाने को कूटकर या चूरा करके डाल सकते हैं. हां चाशनी बनाकर ही लड्डू बनेंगे.
निशा: चरनजीत जी, अवश्य खाये जा सकते हैं.
निशा: पल्लवी जी, लड्डू को बनाने के बाद, 2-3 घंटे खुली हवा में रख दीजिए और अच्छे से खुश्क होने के बाद, इन्हें कन्टेनर में भरकर रख दीजिए, ये लड्डू तो 3 महीने में भी खराब नहीं होंगे.
निशा: सुरेन्द्र जी, इसमें हल्दी नहीं पड़ती.
निशा: माया जी, सोंठ के लड्डू से जोड़ों के दर्द में फायदा होता है और ठंड के मौसम में सर्दी से बचे रह्ते हैं.
निशा: प्रियंका जी, गोंद के लड्डू गेहूं का आटा डाल कर बनाया जाता है.
निशा: बिमलेश जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
or gudh ki chasni banana pdega kya
निशा: आशा जी, सोंठ को ज्यादा भूनने पर उसकी खुशबू कम हो जायेगी, बहुत अधिक भुनने पर स्वाद भी खराब हो जायेगा. गुड़ की गाढ़ी चाशनी बना लें तो अच्छा है या गुड़ को एकदम बारीक तोड़कर भी मिलाया जा सकता है.
निशा: गन्ने से बनने वाला गुड़ उपयोग कीजिए.
My mother could not come for my delivery and looked up this recipe, it seems so easy that my husband dared to try it. Video helps a lot.
Which part of India are you from?
निशा: एकता जी, बहुत बहुत धन्यवाद और मैं दिल्ली से हूं.
Any advice/thoughts/suggestions would be helpful!!
निशा: अभिशेक जी, कढ़ाई में 2-3 टेबल स्पून पानी डालकर गुड़ डालिये और गुड़ के पूरी तरह घुलने तक पका लीजिये, गुड़ में इमप्योरिटी है, तब सीरप को छान लीजिये और फिर से बर्तन में डालकर 2-3 मिनिट पका लीजिये, और सीरप को चैक कर लीजिये ये उंगली अंगूठे के बीच चिपकाने पर चिपकना चाहिये. सीरप को अन्य सामग्री में मिलाकर लड्डू बना लीजिये, गुड़ नहीं जलेगा, और बताइये कि लड्डू कैसे बने.
निशा:शिव हां जी अवश्य अपने मन पसन्द ड्राई फ्रूट डाले जा सकते हैं.