पेठा मिठाई - Petha Recipe - How to make petha sweet

पेठा का नाम आते ही आगरा याद आ जाता है, जी हां पेठा मुख्य रूप से आगरा में ही बनाया जाता है. पेठा मिठाई (Petha Sweets) बनाने में घी या तेल का प्रयोग बिलकुल भी नहीं किया जाता. पेठा बनाने के लिये पेठे का फल अच्छा पका होना चाहिये, पके फल का कलर हल्का हो जाता है और उसका छिलका सख्त होता है.
पेठा का फल (Petha Fruit) कद्दू के बराबर बड़ा लौकी के कलर का होता है. पेठा कई प्रकार का बनाया जाता है, सबसे ज्यादा सूखा या सामान्य पेठा (Dry Petha Sweets) बनाया जाता है. अंगूरी पेठा (Angoori Petha) जो रस में डूबा रहता है, नारियल पेठा (Nariyal Petha or Coconut Petha) जिसमें नारियल का क्रस डालकर, बनाया जाता है. इसके अतिरिक्त पेठे को अनेकों शेप, रंग व एसेंस मिलाकर बनाया जाता है.
हम आज सामान्य पेठा मिठाई (Petha Sweet Recipe) बना रहे है.
आवश्यक सामग्री - Ingredients for Agra Ka Petha Recipe
- पेठा फल- 2 कि.ग्रा.
- चीनी- 5 कप (1.2 कि.ग्रा.)
- चूना- 2 छोटी चम्मच
विधि - How to make Petha Sweet
पेठा फल का बीच का नरम भाग को काटकर पूरा हटा दीजिए. पेठे को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर इनके छिलके हटा दीजिए. फॉर्क की मदद से सारे टुकड़ों को थोड़ी-थोड़ी दूरी पर गोद लीजिए.
एक बर्तन में चूने को मिला दीजिए और पेठे के टुकड़ों को चूने क पानी में डालकर अच्छे से डुबोकर 10 से 12 घंटे के लिए ढककर रख दीजिए.
12 घंटे बाद, पेठे के टुकड़ों को एक छलनी में डालकर इनको नल के नीचे ही अच्छे से रगड़-रगड़कर धो लीजिए और पेठे के टुकड़ों को अलग प्लेट में निकलकर रख लीजिए.

पेठा उबालने के बर्तन में 2 लीटर पानी डालकर ढककर उबलने रख दीजिए. पानी में उबाल आने पर इसमें पेठे के टुकड़े डाल दीजिए. पानी में फिर से उबाल आने के बाद, पेठे को तेज आंच पर पूरे 20 मिनिट तक उबलने दीजिए.
20 मिनिट उबलने के बाद पेठा पारदर्शक दिखने लगे, तब इसे पहले किसी बर्तन पर रखी छलनी पर डालिए ताकि इसमें से अतिरिक्त पानी निकल जाए और अच्छे से पानी निचुड़ने के बाद प्लेट में रख दीजिए.

चाशनी बनाएं
चाशनी बनाने के लिए बर्तन में चीनी और 3 कप पानी डाल दीजिए और चीनी को पानी में घुलने तक पकने दीजिए. थोड़ी-थोड़ी देर में इसे चमचे चला लीजिए. चीनी के पानी में घुलते ही पेठे के टुकड़े इसमें डाल दीजिए और तेज आग पर पेठे को चाशनी के गाढ़े होने तक पकाएं. बीच-बीच में चमचे से इसे चला लीजिए.
चाशनी के गाढे होने पर चमचे से चाशनी की बुंदें गिराकर देखिए, आखिरी बूंद तार के रूप में निकल रही है, तो चाशनी बनकर तैयार है. चाशनी के बर्तन को उतारकर रख दीजिए और इसे ठंडा होने दीजिए. पेठे के टुकड़ों को चाशनी में 12 घंटे या रात भर रहने दीजिए.
12 घंटे बाद, पेठे का रस निकलने पर चाशनी पतली लग रही है, इसे गाढ़ा करने के लिए तेज आंच पर पकाने रख दीजिए. थोड़ी-थोड़ी देर में चाशनी को चलाते रहिए.

चाशनी के अच्छी गाढ़ी होने पर पेठे का रंग और टेक्सचर भी बदल जाता है. चाशनी को गिराकर देखें, तो यह काफी गाढ़ी है. यह तैयार है. बर्तन को उतारकर जाली स्टेन्ड पर रख लीजिए और पेठे को ठंडा होने दीजिए.
पेठे को सुखाने के लिए एक थाली के ऊपर प्याली और उसके ऊपर एक जाली रखिए ताकि पेठे से अतिरिक्त चाशनी निकलकर थाली पर आए और पेठे को ऊपर र नीचे दोनों तरफ से हवा लगे और यह जल्दी सूख जाए. जाली पर पेठा लगा दीजिए और पेठे को सूखने के लिए पंखे की नीचे 3 घंटे सूखने रख दीजिए.
3 घंटे बाद, पेठा स्टोर करने के लिए तैयार है. अगर आप इसे लंबे समय तक स्टोर करना चाहते हैं, तो इसे ज्यादा देर के लिए लगभग 1 दिन और 1 रात पंखे की हवा में छोड़ दें.
आगरे का खास पेठा तैयार है. पेठे को किसी भी कन्टेनर में भरकर रख लीजिए और पूरे 2 महीने तक मज़े से खाइए.
सुझाव
- पेठा बनाने के लिए एकदम पका पेठा लें. इसकी पहचान है कि इसके बीज में मिगी आ जाती है और पेठा ऊपर से दिखने में हल्का सफेद लगता है.
- पेठा उबालने के लिए बर्तन में पानी इतना लें कि पेठे के टुकड़े उसमें आसानी से डूबकर उबल सकें.
- चाशनी को चलाने का बराबर ध्यान रखें और आंच तेज रखें.
- बची हुई चाशनी में 10 से 12 नींबू का रस डाल लीजिए और इसे शर्बत की तरह इस्तेमाल कर लीजिए.
- आप चाहे तो पेठा बनने के बाद, चाशनी में अपने स्वाद के अनुसार इसमें कोई भी फ्लेवर, एसेन्स या कलर डाल सकते हैं.
Petha Sweet Recipe | पेठा बनाने की विधि | Agra Ka Petha Recipe
कमेंट (292)
नये कमेंट अभी बंद हैं। पुराने सवाल-जवाब नीचे पढ़ सकते हैं।
आज मैंने आपकी वजह स पेठा बनाना सिख लिए कसम से बहुत ही बढ़िया बना है। निशा माँ i love you
निशा: सुनिता जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: रामरतन लाल जी, चाशनी किनारों पर जमना शुरू हो जाती है और चाशनी की 1-2 ड्रोप बर्तन में डालकर उसे उंगली और अंगूठे से चिपका कर देखें तो उसमें अच्छे लम्बे तार खिचने शुरू हो जाते हैं,
निशा: बीज निकाल कर ही इसे बनाएं.
निशा: चंद्रप्रकाश जी, मैं इसके लिये जल्दी ही विडियो बना दूंगी.
निशा: बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: केवड़ा एसेन्स केवड़ा की खुशबू वाला एसेन्स है, इसे डालने से अच्छी खुशबू हो जाती है पेठे में इसकी जगह थोड़ा सा गुलाब जल भी डाला जा सकता है.
निशा: बहुत बहुत धन्यवाद.
pls kuch precaution ho to bataye jisse ke mai achi or hard methai bana saku
Thanks
निशा:सदन जी, मैं जल्दी ही इसके लिये वीडियो बना देती है.
निशा: पेठा बनाने के लिये पेठा फल ऊपर से ग्रीनिश व्हाइट और अन्दर से सफेद होता है, आप इस से सब्जी बना सकते हैं, हलवा बना सकते हैं. ये पमकिन नहीं है, इसे Ash gourd कहते हैं इसी से पेठा मिठाई बनाई जाती है.
निशा: अनीता जी, फिटकरी को पानी में पीस कर ही डालना है.
mujhe plese btaye ki kya petha waisa hi bnata h jaisa hum khrid kr khate h sukha wala
plz btana mem mujhe petha bnane ka bahut intrest h
gn
निशा: संतोष जी, मैं इसका वीडियो बना दूंगी.
निशा: संतोष जी, दी हुई रेसिपी पेठा बनाने की ही है और पेठा हलवा की रेसिपी सर्च आपश्न में जाकर खोजें.
निशा: आप परेशान न हों पेठा लाल नहीं होगा.
निशा: गुलफाम जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: पूजा जी, पेठे फल से पेठे की मिठाई बनती है.
निशा: आप इसे इसी नाम से आसानी से पा सकते हैं.
निशा: अगर कद्दू आप नहीं खाते हैं तो आप पेठा भी नहीं खा सकते हैं.
मैंने आज पेठा बनाया 1 घंटे तक तेज आंच पर पकाने के बावजूद उसका पानी नहीं सूखा बल्कि पूरा पेठा ज्यादा गल गया ।
निशा: आफताब जी, पेठे को उबाल लेने के बाद छलनी में निकाल्कर सूखा लीजिए, और फिर चाशनी में डालकर पकाना है.
निशा: अजय जी, फोर्क से इसमें छेद बनाते हैं.
निशा: अजय जी, पेठे को हल्का सा उबालना है और चाशनी के गाढ़ा होने तक पकाने के बाद उसे 10-12 घंटे चाशनी में ही रहने दीजिये, पेठे को चाशनी से निकाल कर छलनी के ऊपर रखकर पंखे के नीचे रखकर 6-7 घंटे तक सुखा लीजिये, पहले पेठा गीला होता है, बाद में सूख कर तैयार हो जाता है.
निशा: अजल जी, मैं इसका वीडियो बनाने की कोशिश करूंगी.
Gulab jamun
very nice nisha ji aapne hume petha ki mithayi banane ke baare me bataya.....................................thanks
Hello, kya hum aagre ke pethe ko vart m kha skte h kya.?
</p
निशा: राज जी हां पेठा व्रत में खाया जा सकता है.
petha ko english mi kya kaheti hai
निशा: देवेन्द्र जी, पेठा को पेठा ही कहा जाता है.
Nisha ji hum rasgulle cooker me banaye the par wo wo puri tarah se tut gaya iska kya karan hai