गाजर का मुरब्बा - Carrot Murabba recipe - Gajar Ka Murabba

आजकल बाजार में गाजर बहुतायत में मिल रहीं है. यही सही समय है गाजर का हलवा और गाजर का मुरब्बा बनाने का. गाजर का मुरब्बा (Gajar Ka Murabba) गर्मियों के मौंसम में नियमित रूप से खाने से शरीर को ठंडक मिलती है और खून भी बढ़ता है.
Read this post in English - Carrot Murabba Recipe
आवश्यक सामग्री - Ingredients for carrot murabba
- गाजर - 500 ग्राम
- चीनी - 300 ग्राम (1.5 कप)
- नींबू - 1
विधि - How to make carrot murabba
गाजर को धोकर पानी सूखने तक सुखा लीजिए. इसके बाद, इन्हें छीलकर डंठल अलग काट दीजिए.
गाजर को 1 या 1 1/2 इंच के टुकड़ों में काट लीजिये.
किसी बर्तन में इतना पानी भरकर गरम करने रखिये जिसमें गाजर आसानी से डूब सकें. आधा किलो गाजर के लिए 4 कप पानी ले लीजिए. पानी में उबाल आने के बाद, गाजर पानी में डाल दीजिये और फिर से उबाल आने के बाद 2-3 मिनिट तक उबालिये. आग बन्द कर दीजिये, गाजर को उस पानी में ढककर 5 मिनिट के लिये रख दीजिये.

गाजर पानी से निकालिये, इनके ऊपर ठंडा पानी डालकर इन्हें 2 मिनिट इसी पानी में डूबे रहने दीजिए. गाजर को छलनी का यूज करके पानी से निकालकर एक सूखे साफ कपड़े पर डालकर पानी निकाल दीजिए. इन्हें अच्छे से पौंछ भी लीजिए. जब गाजर से पानी पूरी तरह निकल जाय, गाजर को फोर्क से गोद लीजिये.
मुरब्बा बनाइए
गाजर का मुरब्बा 2 तरीके से बनाया जा सकता है.
(1) 2 तार की चाशनी बनाकर उसमें गाजर डालकर पकाएं.
(2) गाजर में चीनी डालकर रख दें.
गाजर को कढ़ाही में डालिए और इसमें चीनी डालकर इसे ढककर 4 घंटे के लिए रख दीजिए. 4 घंटे के बाद, गाजर में से जूस निकल आया है. इसी से चाशनी बना लीजिए. गाजर समेत इसे पकने के लिए गैस पर रखिए और इसमें उबाल आने दीजिए. उबाले आने के बाद, चाशनी को चैक कर लीजिए. चाशनी कि एक-दो बूंदे प्याली में डालिए और ठंडी होने के बाद उंगली और अंगूठे के बीच चिपकाकर देखिए, यह चिपकनी चाहिए. चाशनी से हल्का सा तार बन रहा है. मुरब्बा की चाशनी इतनी ही पतली रखनी है.
इन गाजर को स्टील की कढ़ाही में रखिये, चीनी डालकर मिलाइये और 6-7 घंटे या रात भर के लिये ढककर रख दीजिये. गाजर का रस बाहर निकल आता है. मुरब्बा बन गया है. इसमें नींबू का रस डालकर मिला दीजिए.
2 दिन बाद, मुरब्बे को फिर से चैक कीजिए. यदि चाशनी पतली लगे तो एक बार फिर से मुरब्बा की कढाई को आग पर रखिये और चाशनी के गाढ़ा होने तक मुरब्बा को पका लीजिये.
गाजर का मुरब्बा (Carrot Murabba) एअर टाइट कन्टेनर में भरकर रख लीजिये और 6 महीने तक जब भी आपका मन करे, स्वादिष्ट गाजर का मुरब्बा कन्टेनर से निकालिये और खाइये.
सुझाव
अगर गाजर मे बीच में पीला भाग ज्यादा हो तो गाजर को बीच से काट 2 भागों में काटिये और पीले भाग को निकाल दीजिये.
चाशनी ज्यादा पतली नही होनी चाहिए. अगर ये पतली रह जाएगी, तो मुरब्बा ज्यादा दिन तक नही चलता.
जिस कन्टेनर में मुरब्बा भरें, उसे पहले उबलते हुए पानी से अच्छे से धोएं और धूप या माइक्रोवेव में अच्छी तरह से सुखा लीजिए. इसमें बिल्कुल भी नमी नही रहनी चाहिए.
Carrot Murabba recipe video
कमेंट (62)
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swadist bana . aapki website bahut pasand hai thank you very much
kiya madam ji chini ki jagah honey dal sakte hai maine kisi book me padha tha ki sehad(honey) ka murabba bahut hi gunkari hota hai
निशा: इन्द्रपाल जी, शहद का उपयोग किया जा सकता है.
निशा: इंतरजीत जी, एसिटिक एसिड और सिरका में अंतर होता है. एसिटिक एसिड इथिनोइक अम्ल है, इसे सिरका अम्ल भी कहते है, यह सिरका को खट्टापन देता है जबकि सिरका एसिटिक एसिड और पानी का मिश्रण है. इतनी मात्रा के मुरब्बे में 5 से 7 छोटी चम्मच एसिटिक एसिड डाल सकते हैं.
निशा: शिल्पी जी, चाशनी में थोड़ा पानी और डालकर उबाल आने तक पका लीजिए, चाशनी की कन्सिस्टेन्सी ठीक हो जाएगी.
निशा: सुनीता जी, वैसे तो मुरब्बा बनने के बाद ही नीबू का रस मिलाया जाता है, अगर आपने नीबू का रस डाल दिया है और बाद में मुरब्बा को और पका रहे है तो भी कोई बात नहीं है.
maine aap ki recipe se murabba banaya bahut tasty bna.
Isko kaun se bartan me rakhna chahiye taki yeh jyada der tak theek reh ske ?
निशा: इंद्र जी, बहुत बहुत धन्यवाद. आप इसे कांच के बर्तन में रख लीजिए.
निशा: सुनीता जी, चाशनी अधिक गाढ़ी होने से जमने से एसा हुआ है तब आप इसमें थोड़ा पानी डालकर, उबाल आने तक पका लीजिये, ये ठीक हो जायेगा.
निशा: सुनीता जी, बहुत बहुत धन्यवाद. आप गाजर के टुकड़ों को फॉर्क से थोड़ी थोड़ी दूरी पर हल्का सा गोद दीजिए, कांटे के निशान लगा दीजिए. मुरब्बे में केसर मिलाने के लिए, केसर को पानी में घोलिए और मुरब्बा पकाते समय डाल दीजिए.
निशा: शेख जी, इसका मतलब गाजर को फॉर्क यानिकि कांटे से हल्के से निशान लगाना.
निशा: दीपक जी, बहुत बहुत धन्यवाद. हां,डाल सकते हैं, लेकिन साथ में थोड़ी चीनी और मिला दीजिये.
निशा: सपना जी, नीबू का रस मुरब्बे की चीनी को क्रिस्टलाइज होने से रोकता है. इसके बिना आपके मुरब्बे पर चीनी के क्रिस्टल जम सकते हैं. इससे मुरब्बा का स्वाद भी अच्छा हो जाता है.
निशा: रेखा जी, चाशनी थोड़ी पतली रह जाने पर एसा होता है, गाजर का मुरब्बा अधिक लम्बे समय तक रख कर नहीं खा सकते हैं.
निशा: नेहा जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: असिम जी, 1 किग्रा. गाजर में 600 ग्राम चीनी डाली है, 20 किग्रा. गाजर में 12 किग्रा. चीनी डाल डाली जायेगी.
निशा: रेखा जी हां अवश्य मिला सकते हैं.
निशा: परविंदर जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: बहुत बहुत धन्यवाद.
its very urgent
Please always give us such recipes. Thank You
निशा: ज्योति जी, आपको भी बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: प्रगती जी, गाजर को हल्का सा उबालने से वह नरम हो जाती है, चीनी के साथ उबालने से गाजर सख्त रहती है, लेकिन अब आप भूल गयीं है तो गाजर ने पानी छोड़ दिया है, चाशनी पतली हो गई है, आप उसे फिर से गैस पर रख दीजिये और चाशनी शहद जैसी गाड़ी होने तक उबाल लीजिये. मुरब्बा को ठंडा होने पर 1-2 नीबू का रस मिला दीजिये और मुरब्बा को अभी आप खाइये, अगली बार बनायें तब गाजर को पहले हल्का सा उबाल कर बनायें.
निशा: प्रेम जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: रतन जी, मुरब्बा चीनी से ही बनाया जाता है.
निशा: दीपा, आपके सवाल का रिप्लाई हमने कर दिया है, प्लीज उसे देख लीजिये, धन्यवाद.
निशा: दीपा, चाशानी पर्याप्त गाढ़ी होनी चाहिये, कोई प्रोब्लम नहीं होगी.
निशा: अशोक जी, गाजर थोड़ी ज्यादा उबल जाय और चाशनी गाढ़ी होने पर गाजर सिकुड़ सकती हैं.
निशा: संतोष, केसर को पानी में घोलिये और चाशनी बनाते समय डाल दीजिये.