चावल की चकली Rice Chakali Recipe – Murukku Recipe
चकली महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अधिकतर त्योहार पर बनने वाला प्रमुख स्वादिष्ट और कुरकुरा नमकीन है. जब मिठास से जी भर जाये तो जी भर के चकली खाईं जा सकतीं है. चकली को अलग अलग सामग्री से बनाया जा सकता है. जैसे
- चावल का आटा और उरद दाल मिला कर.
- चावल का आटा और मूंग दाल मिलाकर.
- चावल का आटा और बेसन मिलाकर.
- चावल का आटा और उरद, मूंग, बेसन सबको मिलाकर. गेहूं के आटे से भी चकली बनाई जाती है.
चकली (Chakli or Murukku) को अलग अलग तरीके से भी बनाया जाता है. कुछ लोग
- मूंग दाल को उबाल कर पीस कर उसे चावल के आटा में मिलाकर, सारे मसाले डालकर चकली के लिये आटा गूंथ कर चकली बनाते हैं.
- उरद दाल, मूंग दाल और चने की दाल को भून कर पीस कर, चावल के आटे में मिला कर, सारे मसाले डालकर चकली के लिये आटा गूंथ कर भी चकली बनाई जाती है
- उरद की दाल का आटा (मोगरा), मूंग की दाल का आटा और बेसन लेकर चावल के आटे में मिलाकर, सारे मसाले डाल कर आटा गूंथ कर भी चकली बनाई जाती है
आप के किचन में जो सामग्री उपलब्ध हो उसी से आप चावल की चकली (Rice Chakli) बना सकते हैं. मेरे पास उरद की दाल का आटा, मूंग की दाल का आटा और बेसन सभी कुछ किचन में था इसीलिये हमने चकली बनाने का तीसरा तरीका अपनाया.
Read - Rice Chakali Recipe – Murukku Recipe In English
आवश्यक सामग्री - Ingredients for Rice Chakali
- चावल का आटा - 200 ग्राम या 2 कप
- उरद दाल का आटा - 100 ग्राम या 1 कप
- मूंग दाल का आटा - 100 ग्राम या 1 कप
- बेसन - 100 ग्राम 1 कप
- तिल - 2 टेबल स्पून
- अजवायन - 1 छोटी चम्मच
- जीरा - 1 छोटी चम्मच
- लाल मिर्च - 1 छोटी चम्मच से कम(स्वादानुसार)
- हींग - 1/4 छोटी चम्मच
- नमक - स्वादानुसार (1 1/4 छोटी चम्मच)
- तेल - 150 ग्राम ( 3/4 कप )
विधि - How to make Rice Chakali
किसी बर्तन में सारे आटे मिला कर छान कर निकाल लीजिये.
सारे मसाले और तेल डालिये, सारी चीजें हाथ से अच्छी तरह मिला लीजिये.
पानी की सहायता से नरम आटा गूथ लीजिये. गुथे हुये आटे को 20 - 30 मिनिट के लिये ढक कर रख दीजिये. चकली बनाने के लिये आटा तैयार है.

गुथे हुये आटे से थोड़ा सा आटा (लगभग आधा कप आटा) निकालिये और लम्बा आकार देते हुये आटे को मशीन में डालिये, मशीन को बन्द कीजिये. कोई मोटी पोलिथिन सीट लेकर किचन टाप पर बिछाइये और मशीन को ऊपर से दबाब देते हुये, गोल घुमाते हुये, गोल चकली पोलिथिन सीट पर बनाइये, 6-7 चकली बनाकर पोलिथिन सीट पर तैयार कर लीजिये.

कढ़ाई में तेल डालकर गरम कीजिये, पोलिथिन सीट से चकली इस तरह उठाइये कि चकली अपने आकार में रहे, चकली उठाकर गरम तेल में डालिये (चकली तलने के लिये तेल ज्यादा गरम नहीं होना चाहिये, चकली को मीडियम आग पर ही तलना है) 5-6 या जितनी चकली तेल में एक बार तली जा सके उतनी चकली डाल दीजिये और पलट कर चकली को ब्राउन होने तक तल कर निकाल कर किसी थाली या प्लेट में निकाल कर रखिये.
सारे आटे से इसी तरह सारी चकली बना कर तैयार कर लीजिये.
चावल की चकली तैयार हैं. आप इन्हैं अभी खाइये और बची हुई चकली एअर टाइट कन्टेनर में रख लीजिये जब भी आपका मन करे डिब्बे से चकली निकालिये और 2 महिने तक आप ये चकली खाइये.
सावधानियां
आटे में यदि ज्यादा तेल डाल कर गूथेंगे तो आटा तेल में बिखर सकता है. चकली को तेज आग पर न सेके नहीं तो वह ऊपर से ब्राउन और अन्दर से कच्ची और मुलायम हो जायेगी.
Rice Chakali Recipe – Murukku Recipe video
कमेंट (130)
नये कमेंट अभी बंद हैं। पुराने सवाल-जवाब नीचे पढ़ सकते हैं।
For the wonderful recipe
Koi bhi Chakali agar bahot hi oily ho Jaye to Kya upay hai??plz reply Kare.
निशा: सुर्वणा जी, बहुत बहुत धन्यवाद और आभार.
निशा: बलिराम जी, मैं इसे बनाने की कोशिश करूंगी.
निशा: धीरज जी, धन्यवाद.
निशा: भाग्यलक्ष्मी जी, धन्यवाद. हम इसे बनाने की कोशिश करेंगे.
निशा: निशत जी, मैं आशा करती हूं कि आपकी चकली बहुत अच्छी बनें. धन्यवाद.
निशा: सनोवर जी, अपना अनुभव शेयर करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद.
Thanks
निशा: गार्गी जी, अपना अनुभव शेयर करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: रूपल जी, इस रेसिपी में साबूदाने का यूज नहीं किया गया है, लेकिन साबूदाना को आलू के साथ मिलाकर चकली बनाई जाती हैं.
निशा: श्रद्धा जी, इसका आटा गूथने के लिये, गरमी के मौसम में सादा पानी और ठंड के मौशम में हल्का गरम पानी लिया जा सकता है.
निशा: राधिका जी, चकली बनाने के लिये मशीन की आवश्यकता होती है.
kya kare
निशा: यश जी, आटा थोड़ा पतला एकदम नरम होने पर एसा हो सकता है.
निशा: योगेश जी, आप इसी लिंक पर जाकर विधि में पढ़ लीजिए, चावल के आटे से चकली बनाने का तरीका दिया हुआ है.
निशा: रूबी जी, अगर आप ज्यादा तीखा और मसालेदार खाना पसंद करती हैं, तो इसमें लाल मिर्च पाउडर बढ़ाकर और भी स्वादिष्ट कर सकती हैं.
Mai Maharashtra se hu. Humare yaha chakli bahit alag banti hai. Aur usko "bhajnichi chakli" kehte hai. Bhajni matlab roast karna. Yaha rice aur dalo ka ek pakka ratio hota hai. Pehle in sbko dho k sukha k fir mand aanch par dry roast kita jata hai. Fir kali mirch saunf coriander seeds aur anya garam masala ke sahitya ko thoda roast kar k mila diya jata hai. Fir chakki me atta pissa jata hai. Ye atta bahot mahin hona nai chaiye. Fir banate waqt usme lal mirch powder ajwain til hot oil salt etc mila k banaya jata hai. Ye bahot elaborate affair hai. Murukku me sirf rice aur udad dal ka istamal karte hai anya masalo ke saath. Frying ke alwa murukku aur Maharashtrian bhajnichi chakli me bahot antar hota hai.
Thankyou
निशा: स्वपना जी, आप सही कह रही हैं, चकली को अनेक प्रकार से बनाया जाता है, हमने चकली को दालों और चावल के आटे से बनाया है, इन्हैं हल्का भून लेने के बाद आटा लगायें और तब चकली बनायें, चकली ज्यादा क्रिस्पी और ज्यादा स्वादिष्ट बनती है.
निशा: श्वेता जी, आप अपने स्वादानुसार इसमें मसालों का उपयोग भी कर सकती हैं.
Nishaji
Kya ap ye bta skti h ki chawal ko v bhuna jata h
Ya ham chawl ka ata aur dalo ko bina bhune huye bna skte h
निशा: प्रीती जी, अगर चावल और दाल को भून कर आटा तैयार करें और उनसे चकली बनायें तो ज्यादा क्रिस्पी बनती है.
निशा: प्रांजली जी हां बनाई जा सकती हैं.
निशा: रीतुराज जी, आप इन्हें हाथों से भी बना सकते हैं.
निशा: नीतू जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: स्मृति जी, आप अगर बहुत धीमी गैस प्लेम पर चकली तलेंगी तो चकली सख्त हो जायेगी, यदि आप तेज फ्लेम पर चकली तलेंगी तो वे नरम होंगी, चकली को तलते समय थोड़ा ध्यान दीजिये, मसाले दिये गये अनुपात में डालिये, चकली अच्छी बनेंगी.
निशा: मीना जी, आप अगर बहुत धीमी गैस प्लेम पर चकली तलेंगी तो चकली सख्त हो जायेगी, यदि आप तेज फ्लेम पर चकली तलेंगी तो वे नरम होंगी, चकली को मीडियम गैस पर तला जाय तो वह अच्छी बनेंगी.
निशा: कुसुम जी, बहुत बहुत धन्यवाद.