चाशनी में पगी गुजिया Gujihya dipped in Sugar Syrup – Gujhiya Recipe

क्या आपने होली के लिये गुझिया (Gujhiya) बना लीं हैं? गुझिया के ऊपर अपनी पिछली पोस्ट में मैंने सामान्य मावा या खोया गुझिया (Mawa Gujhiya) के बारे में लिखा था.
इन्हीं मावा गुझिया (Mava Karanji) के ऊपर चाशनी की एक परत चढाकर गुझिया भी बनाई जाती है. इसमें उपयोग होने वाली सामग्री लगभग एक जैसी ही है लेकिन बनाने में बस थोड़ा ही अन्तर है. चाशनी में पगी इन्हीं गुझिया की तरह चन्द्रकला भी बनायी जाती है चन्द्रकला और गुझिया के आकार और अन्दर भरने वाले कसार में थोड़ा अन्तर होता है. चन्द्रकला बनाना तो लगभग बहुत ही कम हो चला है. इसे हम फिर कभी बनायेंगे, आज इस बार होली के अवसर पर हम चाशनी में पगी गुझिया बनायें
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आवश्यक सामग्री - Ingredient of Gujhiya
गुझिया में भरने के लिये मिश्रण (कसार)
- मावा या खोया - Mawa or Khoya - 200 ग्राम (एक कप)
- पिसी चीनी या बूरा - 200 ग्राम ( 1 कप)
- काजू - 20 - 25 (एक काजू को 6 -7टुकड़े करते हुये काट लीजिये)
- किशमिश -40-50 (डंठल तोड़ लिजिये)
- छोटी इलाइची - 6-7 (छील कर बारीक कूट लीजिये)
- सूखा नारियल - आधा कप कद्दू कस किया हुआ
- चिरोंजी - 2 टेबल स्पून (साफ कर लीजिये)
गुझिया का आटा तैयार करने के लिये
- मैदा - 400 ग्राम ( 4 कप)
- घी - 100 ग्राम (1/2 कप)
- घी - गुझियां तलने के लिये
- चीनी - 400 ग्राम (2 कप) चाशनी के लिये
विधि - How to Make Gujhiva Recipe

गुजिया के अन्दर भरने के लिये कसार तैयार करें. How to make filling for Gujhiya
भारे तले की कढ़ाई में मावा को ब्राउन होने तक अच्छी तरह भूनिये. (मावा जितना अच्छा भुना होगा, गुझिया अधिक दिनों तक खराब नहीं होगीं). भुने हुये मावा को एक बर्तन में निकाल लीजिये, मावा को ठंडा होने दीजिये.
भुने हुये मावा में चीनी या बूरा, काजू, किशामिश, इलाइची, नारियल और चिरोंजी डाल कर अच्छी तरह से मिलाइये. गुझियों में भरने के लिये कसार (Filling for Gujhiya) तैयार है.
गुझिया तलने के लिये तैयार कर लें
मैदा को किसी बर्तन में छान कर निकाल लीजिये, घी पिघला कर आटे में डालिये और मिलाइये, गुनगुने पानी की सहायता से कड़ा पूड़ियों जैसा आटा गूथ लीजिये, आटे को आधा घंटे के लिये गीले कपड़े से ढककर रख दीजिये. गुझिया बनाने के लिये आटा तैयार है.
आधा घंटे बाद आटे को मसल कर मुलायम कीजिये, आटे से छोटी छोटी एक बराबर की लोइयां तोड़िये, इस आटे से इस आकार की करीब 40 -45 गुझिया बनाई जा सकती हैं. लोइयों को गीले कपड़े से हमेशा ढककर रखिये. एक लोई निकालिये और पूरी की तरह बेलिये, यह पूरी थोड़ी सी मोटी रहनी चाहिये. सामान्य गुझियां बनाने में यह पूरी पतली रखी जाती है.

पूरी को हाथ पर रखिये, पूरी के ऊपर 1 छोटी चम्मच कसार रखिये, किनारों से पानी लगाइये, पूरी को मोड़कर बन्द कीजिये तथा उंगलियों से दबाकर अच्छी तरह चिपकाइये (चाशनी वाली गुझियां बनाने के लिये सांचे की आवश्यकता नहीं है). किनारे को हाथ से गोठिये, गोठने की प्रैक्टिस तो आपको करनी ही होगी, इस गुझिया को किसी थाली या कपड़े पर रख सकते हैं.
10 गुझिया एक साथ बेलिये और तैयार कीजिये. 10 गुझियां बनाने के बाद इन्हें कपड़े से ढक दीजिये (इसके लिये आप धुली चादर ले सकती हैं). फिर से 10 गुझियां बन जायं तो गुझियां ढकी हुई गुझियों के पास रख कर ढक दीजिये. इसी तरह से सारी गुझियां बनाकर तैयार कीजिये और ढककर रखिये.
आपकी गुझिया तले जाने के लिये तैयार हैं आप चाहें तो 15 - मिनिट का ब्रेक ले सकती हैं.

गुझिया तल लें
मोटे तले की कढाई में घी डाल कर गरम कीजिये, गरम घी में 8-10 या जितनी कढ़ाई में आ सके उतनी गुझिया डालिये और धीमी गैस फ्लेम पर ब्राउन होने तक तल लीजिये, तली हुई गुझियां निकाल कर थाली में रखिये. सारी गुझिया इसी तरह से तल कर निकाल लीजिये. हमारी सारी गुझिया तल चुकी है, सिर्फ चाशनी में डालनी बाकी है.
गुझियों को ठंडी होने दीजिये, तब तक हम चाशनी बना कर तैयार करते हैं.
चाशनी तैयार कर लें
किसी बर्तन मे चीनी निकालिये, चीनी की मात्रा का आधा पानी (400 ग्राम चीनी में 150 ग्राम (3/4 कप पानी) डाल कर मिलाइये, चाशनी बनने के लिये गैस फ्लेम पर रखिये. 2 तार की चाशनी बनाइये ( चाशनी में उवाल आने के बाद 5-6 मिनिट तक पकाइये, चम्मच से चाशनी निकाल कर प्लेट पर 1-2 बूद गिराइये. उंगली और अंगूठे के बीच चिपका कर देखिये, चाशनी को तार के निकालते हुये चिपकना चाहिये). गैस बन्द कर दीजिये. चाशनी तैयार हो गई है़

गुजिया पर चाशनी की परत चढ़ा लें
4-5 गुझिया चाशनी में डुबाइये और कलछी से निकाल कर दूसरी थाली में रखिये, इसी तरह सारी गुझियों को चाशनी में डुबा कर निकाल लीजिये. गुझियों को एक दूसरे से अलग ही रखिये, 1 घंटा हवा में छोड़िये, पलट दीजिये और 1 घंटे हवा में रख लीजिये. आपकी चाशनी वाली गुझियां तैयार हो गयीं हैं. ताजा ताजा गुझियां खाइये और अपने होली पर आये हुये मेहमानों को खिलाइये. बची हुई गुझियां एअर टाइट कन्टेनर में रख लीजिये जब भी आपका मन करे गुझिया निकालिये और खाइये. 15 दिन से अधिक दिनों तक भी यह गुझियां नहीं खराब होंगी.
कमेंट (75)
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Nisha ji holi ki bahut bahut mubark. stay healthy and happy.
निशा: शिखा जी, चाशनी गाढ़ी होने से एसा हो सकता है.
निशा: अंजू जी, रिफाइन्ड अॉयल या घी में गुजिया फ्राय कर सकते हैं.
निशा: रजनी जी, बहुत बहुत धन्यवाद और आपको भी होली की शुभकामनाएं.
निशा: आशू जी, गुजिया के आटे में मोयन की मात्रा कम होने के कारण ऎसा हो सकता है. अगली बार आप जब भी गुजिया बनाएं, तो मैदा में घी पर्याप्त मात्रा में डालें.
निशा: आरती जी, बहुत बहुत धन्यवाद और आपको और आपके परिवारजनों को भी होली पर्व की शुभकामनाएं.
निशा: काजल जी, देशी घी में फ्राय की हुई गुजिया अधिक स्वादिष्ट होती है.
निशा: रंजू जी, मावा को तेज आंच पर भूना जाए, या लगातार ना चलाया जाए, ज्यादा देर तक भूना जाए तब ऎसा होता है. आप अगली बार जब भी गुजिया बनाएं, तो मावा से घी अलग होने, कभी घी अलग भी नहीं होता है, तो मावा को हल्का सा कलर चेन्ज होने और अच्छी खुश्बू आने तक धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनना ठीक होता है.
निशा: पूनम जी, हां आप रिफाइन्ड अॉयल यूज कर सकती हैं, पर देसी घी से बनी गुजिया अधिक स्वादिष्ट लगती हैं.
निशा: रश्मि जी, अपना अनुभव हमारे साथ शेयर करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: रोहित जी, कसार यानिकि गुजिया भरने के लिए जो मिश्रण तैयार करना है, उसमें खोया डालना है. आपको भी आगामी होली के पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं.
निशा: बबीता जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: सोनियां जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: जगदीश जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: बीना जी, हम नई रैसिपी डाल रहे हैं आप उन्हें देख सकती हैं.
निशा: जानकर अच्छा लगा बहुत बहुत धन्यवाद आपका.
Gujhiya pakne k bad b soft hi rhti h
निशा: मादिहा जी,गुझिया को धीमी आग पर तले और तल कर जाली वाली बास्केट में टिशु पेपर बिछा कर रखें.
निशा: अंजू जी, बहुत बहुत धन्यवाद
निशा: नीरू जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: नीरू, चाशनी थोड़ी गाढ़ी हो जम जाती है, थोड़ा सा पतला रख लीजिये, चाशनी की अच्छी परत आयेगी और चाशनी हल्की गरम हो तब ही गुझिया को चाशनी में डुबा कर निकाल लीजिये.
निशा: प्रदीप जी, बहुत बहुत धन्यवाद.