बोम्बे - कराची हलवा - Karachi Halwa Recipe - Bombay halwa Recipe

कराची हलवा या बोम्बे हलवा (Bombay Karachi Halwa) का बाकी सभी हलवा से अलग एकदम खास सिन्धी हलवा है. हलवा दबाने में रबर जैसा लगता है इसलिये इसे रबर हलवा भी कहते है. दिखने में चमकीला, देशी घी और सूखे मेवे से भरपूर बोम्बे कराची हलवा का स्वाद आपको अवश्य पसंद आयेगा. कराची हलवा को बस धैर्य के साथ बनायें तो इसे बनाना बिलकुल आसान है.
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आवश्यक सामग्री - Ingredients for Bombay karachi Halwa
- कार्न फ्लोर - 1 कप (100 ग्राम)
- चीनी - 2 कप ( 450 ग्राम)
- घी - 1/2 घी (125 ग्राम)
- काजू - आधा कप (छोटे छोटे कटे हुये)
- पिस्ते - 1 टेबल स्पून (बारीक पतले कटे हुये)
- टाटरी (टार्टरिक एसिड)- 1 /4 छोटी चम्मच पाउडर (2 मटर के दाने के बराबर)
- छोटी इलाइची - 4-5 (छील कर पाउडर कर लीजिये)
विधि - How to make Bombay karachi Halwa
हलवा बनाने में 2 कप पानी यानी कि 400 ग्राम पानी प्रयोग करना है. सबसे पहले कार्न फ्लोर को थोड़ा पानी डालकर गुठलियां खतम होने तक घोल लीजिये, घोल में पानी की कुल मात्रा 1 1/4 कप डाल कर मिला दीजिये. चीनी को पैन में डालिये और 3/4 कप पानी, चीनी में डाल दीजिये. चीनी अच्छी तरह घुलने तक चाशनी पका लीजिये.
चाशनी में कार्न फ्लोर का घोल मिलाइये, और धीमी गैस पर हलवे को कलछी से लगातार चलाते हुये पकाइये, 10-12 मिनिट में हलवा गाढ़ा होने लगता है, अभी भी हलवा को लगातार धीमी आग पर चलाते हुये पकाना है, हलवा पारदर्शक होने लगता है, अब हलवा को आधा घी डालकर, घी अच्छी तरह मिक्स होने तक पकाइये. टाटरी भी डाल कर मिला दीजिये. बचा हुआ घी भी चम्मच से थोड़ा थोड़ा करके डालिये और सारा घी हलवा में डालकर, घी के एब्जोर्ब होने तक हलवा को चलाते हुये पकाइये.
हलवा में काफी चमक आ गई है, हलवे में कलर डालिये और अच्छी तरह मिक्स होने तक पका लीजिये, काजू और इलाइची पाउडर डालकर हलवे को अच्छी तरह पका लीजिये. हलवा को और 5-7 मिनिट या जब तक हलवा जमने वाली कनिसिसटेन्सी तक न आ जाय तब तक पका लीजिये.
कराची हलवा तैयार है, हलवे को किसी ट्रे या प्लेट में निकाल कर जमने रखिये, हलवा के ऊपर बारीक कटे हुये पिस्ते डालकर चम्मच से चिपका दीजिये. हलवा के जमने पर अपने मन पसन्द आकार के टुकड़ों में हलवा को काट कर तैयार कर लीजिये.
हलवा को आप अभी खाइये और बचा हुआ कराची हलवा एअर टाइट कन्टेनर में भर कर रख लीजिये इस हलवे की शैल्फ लाइफ बहुत अधिक है. इसे फ्रिज में न रखकर फ्रिज से बाहर ही रखिये.
सुझाव
हलवा कम पका हुआ होने पर अधिक स्वादिष्ट नहीं लगता, हलवा में दबाने पर रबर का टच भी नहीं देता.
आप महसूस करते हैं कि हलवा कम पका है, तब हलवा को कढ़ाई में 1 चम्मच घी डालकर फिर से डालिये और कलछी से लगातार चलाते हुये, मैल्ट होने के बाद धीमी आग पर 5-6 मिनिट या जब तक आप महसूस करें कि हलवा अब पूरी तरह पक गया है, पका कर फिर से उसी ट्रे में वापस जमा दीजिये. हलवा सही हो जायेगा.
कराची हलवा को तेज आग पर मत पकाईये. हलवा को तेज आग पर ज्यादा पकाने से हलवा एकदम पत्थर जैसा सख्त भी हो सकता है.
कमेंट (137)
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निशा: अनीता जी, अधिक पक जाने से ऎसा होता है, अभी आप इसे खा कर खत्म कर लीजिए अगली बार इसे बनाते समय रेसिपी में दी हुई सावधानियों को ध्यान से पढ़े और विडियो को भी देखें आप बहुत अच्छे से इसे बनाएंगी.
आपकी सभी रेसिपी बहुत अच्छी और सरल तरीका होता है बनाने का ,मुझे ये खुशी है की सभी वेज ही होते है ।
धन्यवाद जी ,
निशा: सरीता जी, मुझे खुशी है की आपको मेरी रेसिपी पसंद आई बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: सुनील जी, अगर बेसन का घोल अधिक पतला या अधिक गाढ़ा होगा तो ढोकला स्पंजी नहीं बनेगा. अगर ईनो साल्ट डालकर आप मिश्रण को ज्यादा देर तक चमचे से चलाते रहेंगे, एअर बबल निकल जाने के कारण ढोकला पर्याप्त नहीं फूलेगा. यदि इनो साल्ट डालने के बाद, मिश्रण को काफी देर बाद, पकाने रखेंगे तो भी ढोकला पर्याप्त नहीं फूलेगा. ढोकला में तड़के का पानी अधिक डालें, ढोकला बहुत सोफ्ट हो जाता है.
निशा: बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: जयपाल जी, कुछ लोग मैदा डालकर भी बॉम्बे हलवा बनाते हैं. हमने कॉर्न फ्लोर डालकर बनाया है, ये ज्यादा अच्छा बनता है.
निशा: सुष्मा जी, अपना अनुभव शेयर करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद. ऎसे तो पूरा समय बताना मुश्किल है. यह लगभग 1 से 1.5 घंटे में तैयार हो जाता है.
निशा: नेहा जी, कॉर्न फ्लोर मक्की का आटा या अरारोट नही होता है. यह मक्की का स्टार्च होता है. यह भी अरारोट की तरह ही सफेद रंग का होता है, लेकिन अरारोट arrowroot का स्टार्च होता है. कॉर्न फ्लोर आपको किसी भी डिपार्टमेन्टल स्टोर पर मिल जाएगा.
निशा: सोनक जी, कुछ लोग मैदा डालकर भी बॉम्बे हलवा बनाते हैं. हमने कॉर्न फ्लोर डालकर बनाया है, ये ज्यादा अच्छा बनता है.
Ye halwa maine banaya par vo rubber jaisa nahi huva
निशा: दीपा जी, हलवा कम पका हो, तब रबर का टच नही देता.
निशा: श्रद्धा जी, मैं इसे बनाने की कोशिश करूंगी.
I have tried to make the same halwa that you have shown above but my end result of making the halwa was not chewy.. There was no other problem and it looked just like yours.. Please help me as to how can I perfect and get the same end result as shown by you or how it is available in the market.
Looking forward to hearing from you. Thank you and regards.
निशा: आदित्य जी, हलवा अगर कम पका हो तो रबर का टच नहीं देता. इस स्थिति में आप हलवा को कड़ाई में 1 चम्मच घी डालकर फिर से डालिए और कलछी से लगातार चलाते हुए पिघला लीजिए और पिघलने के बाद धीमी आग पर 5 से 6 मिनिट या जब तक आप महसूस करें कि हलवा अब पूरी तरह पक गया है, पका कर फिर से उसी ट्रे में वापस जमा दीजिए. हलवा सही हो जाएगा.
निशा: रीत जी, मक्का का आटा कार्न मील होता है, कार्न फ्लोर एरोरुट प्लान्ट से बना स्टार्च होता है.
निशा: सीमा जी हां हम इन्हैं मराठी भाषा में दिखायेंगे.
निशा: छवि, हलवा को धीमी आग घी को मिक्स करते हुये तब तक पकाना है, जब तक कि हलवा घी पूरी तरह एब्जार्ब न कर ले, घी को एब्जोर्ब करने में थोड़ा ज्यादा समय लगता है, हलवा रवर का टच भी देगा और अभी से और ज्यादा स्वादिष्ट भी हो जायेगा, आप उसे अभी फिर से पका सकती हैं.
निशा: छवि जी, कराची हलवा को तेज आग पर मत पकाईये. हलवा को तेज आग पर ज्यादा पकाने से हलवा एकदम पत्थर जैसा सख्त भी हो सकता है.
निशा: मोना जी, नीबू का रस हलवे में डाला जा सकता है, लेकिन लग रहा है कि आपने बहुत अधिक रस डाल दिया है, रेसिपी में दिये हुये मात्रा के बराबर इन्ग्रीडियेन्ट यूज कीजिये और पहले थोड़ा हलवा बनाकर ट्राई कीजिये, आप अवश्य ही अच्छा हलवा बनायेंगी.
निशा: विशाल जी, ये टार्टरिक एसिड ही है.
निशा: बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: आलिया जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: मोनिका जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
कृपया कराची हलवा के इतिहास के बारे में भी कुछ बता दें..
आपकी अति कृपा होगी...
धन्यवाद
निशा: आरती जी, कॉर्न फ्लोर मक्की का आटा नहीं होता ये मक्की का स्टार्च होता है, ये किराना स्टोर पर आसानी से मिल जाता है.
thank u again
निशा: नव जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: हलवा अधिक पकने पर सख्त हो जाता है, हलवा को पानी में डुबाकर कर फ्रिज में रख दीजिये, जब वह घुल जाय तो पकाइये और फिर से जमा दीजिये.