मीठी बूंदी - Sweet Boondi Recipe

बूंदी बनाने के लिये छेद वाले झविया (कलछी) का प्रयोग किया जाता है. झावे के छेद जितने छोटे या बड़े होते हैं बूंदी भी उसी के हिसाब से छोटी या बड़ी बनती है. बूंदी बनाने के लिये सादा बारीक बेसन ही काम में लाया जाता है.
बूंदी को चाशनी में नहीं डाला जाय तब इस फीकी बूंदी को रायता बनाने के काम में लेते हैं. फीकी बूंदी में मसाला और मूंगफली के दाने और सेव इत्यादि मिला कर बूंदी की नमकीन बनाते हैं. बारीक बूंदी बनाकर मोतीचूर के लड्डू बनाये जाते है. लेकिन आज हम सिर्फ मीठी बूंदी बना रहे हैं.
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आवश्यक सामग्री - Ingredients for Sweet Boondi
- बेसन - 200 ग्राम (2 कप)
- चीनी - 600 ग्राम (3 कप)
- छोटी इलाइची - 7-8 (छील कर कूट लीजिये)
- घी या रिफाइन्ड - बूंदी तलने के लिये.
विधि - How to make Sweet Boondi
बेसन को छान कर किसी बर्तन में निकाल लीजिये. घोल बनाने के लिये, बेसन में आधा कप पानी मिलाकर, गाड़ा घोल बनाइये, अब थोड़ा थोड़ा पानी डालकर घोल को पतला कीजिये, ये घोल इतना गाड़ा होना चाहिये कि घोल जब झावे के ऊपर रखा जाय तो वह बूंद बूंद करके झावे के छेद से गिरे. बेसन के घोल में गुठलियां नहीं रहनी चाहिये. घोल को 5-6 मिनिट तक या घोल के एकदम चिकना होने तक खूब फैटिये, घोल में 2 छोटे चम्मच तेल डालिये, थोड़ा और फैंट लीजिये. तैयार घोल को 10-15 मिनिट के लिये ढककर रख दीजिये. बेसन का घोल बूंदी बनाने के लिये तैयार है.

घोल तैयार होने तक बूंदी के लिये चाशनी तैयार कर लेते हैं. चीनी को किसी बर्तन में डालिये और चीनी से आधा पानी यानी कि डेड़ कप पानी डालकर चाशनी बनने के लिये आग पर रखिये. पानी में उबाल आने पर, चीनी में कुछ गन्दगी हो तो एक टेबल स्पून दूध डालिये और झाग आने पर वे झाग कल्छी से हटाकर प्लेट में निकाल दीजिये. झाग निकालने से चाशनी एकदम साफ (क्लीयर) बनती है. चाशनी को चैक कीजिये कीजिये, चमचे से 1 बूंद चाशनी की प्लेट में गिराइये, उंगली और अंगूठे के बीच चिपका कर देखिये, चाशनी उंगली और अंगूठे से हल्की सी चिपकनी चाहिये, चाशनी बन चुकी है. चाशनी को आप छान भी सकती है. तैयार चाशनी में इलाइची कूट कर मिला दीजिये.
भारी तले की चौड़ी कढ़ाई में घी या रिफाइन्ड डालकर गरम कीजिये. बेसन के घोल की एक बूंद कढ़ाई में डालकर देखिये, वह तुरन्त सिककर तैरकर घी या तेल के ऊपर आनी चाहिये, एसा है तो तेल पर्याप्त गरम है, यदि बेसन तले में ही पड़ा रहता है तब घी को और गरम होने की आवश्यकता है.
बूंदी बनाने के झावे को घी के थोड़ा ऊपर रखिये, बेसन के घोल के 2 बड़े चमचे झावे के ऊपर रखिये, झावे से घोल निकल कर घी में जाता है और बूंदी गोल आकार लेकर तैरने लगती है, झावे को कढ़ाई के ऊपर खटखट करके बूंदी तेल में गिरा सकते हैं.

सारे घी की सतह भरने तक बूंदी घी में छोड़ दीजिये. बूंदी वाली झविया को घी के ऊपर से उठाइये, बूंदी को कल्छी से घी में हिलाया जा सकता है. बूंदी के हल्का सा रंग बदलने और कुरकुरे होने पर, गहरे झावे से बूंदी को निकालिये, घी में बची बूंदी को कल्छी से उठाकर, गहरे झावे में रखिये.

सारी बूंदी घी में से उठा कर झावे में रख लीजिये. झावे से सीधे बूंदी चाशनी में डाल कर डुबा दीजिये.
सारे घोल से इसी प्रकार बूंदी बनाकर चाशनी में डालकर डुबा दीजिये. चाशनी में बूंदी को कल्छी से ऊपर नीचे कर दीजिये, थोड़ी ही देर में बूंदी चाशनी को शोककर मुलायम हो जाती है. कल्छी से बूंदी को ऊपर नीचे करते रहिये. ठंडी होने पर खिली खिली मीठी बूंदी तैयार है.
मीठी बूंदी आपके खाने के लिये तैयार है, स्वादिष्ट मीठी बूंदी आप अभी खाइये और बूंदी एकदम ठंडी होने के बाद एअर टाइट कन्टेनर में भर कर रख लीजिये और 1 माह तक रोजाना अपने लन्च और डिनर के बाद मीठी बूंदी निकालिये और खाइये.
मीठी बूंदी में जब वह चाशनी में हो, थोड़े से काजू या किशमिश भी अपनी इच्छानुसार डालकर मिला सकते हैं.
कमेंट (109)
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निशा: सिमरन जी, लगता है कि आपने बेसन का घोल अधिक पतला घोल लिया है. यदि अगली बार ऎसा हो तो इसमें थोड़ा बेसन और मिला लीजियेगा.
निशा: रामनिवास जी, आभार और आपको भी मेरी ओर से बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: रिचा जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: रेखा जी, बूंदी में मिठास अधिक होने से ही उसका टेस्ट आता है पर आप चीनी को अपने स्वादानुसार कम या ज्यादा जैसा रखना चाहें रख सकती हैं.
निशा: शशि जी, धन्यवाद.
निशा: सुजीत जी, पहले आप 200 ग्राम बेसन से बूंदी बना कर देखें, पानी नाप कर डालें, बूंदी अच्छी बनें तब आप 5 कि. बेसन को घोले और उसी हिसाब से पानी मिलायें और उसी तरह की कनसिसटेन्सी का घोल बना लें और बूंदी बनायें.
निशा: आभा जी, धन्यवाद.
निशा: शाहिन जी, घोल पतला होने से और एक साथ अधिक बूंदी तेल में गिरने से दोंनो वजह से एसा होता है.
निशा: सलिल जी, बूंदी को चाशनी में डालने के लिये तुरन्त बना कर ही डाला जाता है, तो ज्यादा अच्छा होता है.
निशा: संजना जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
Plz reply fast
निशा: प्रताप जी, ये हिसाब आप रेसिपी की मात्रा को देखकर लगा सकते हैं, पहले आप 250 ग्राम बेसन से बुंदी बनायें और देखें कि उसमें क्या कितना लगा हैं और बाद में कितनी भी बूंदी बनानी हों उसके लिये हिसाब लगायें.
निशा: पूनम जी, 2 गिलास चीनी में 1.5 गिलास पानी मिला लीजिये, और चीनी को घुलने के बाद चाशनी को थोड़ी देर पका लीजिये.
निशा: स्मिता जी, आपको भी धन्यवाद.
निशा: कुंदन जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
Bahot badiya bani hay ye dish Ko may ne aap ka video dekh kar banaai hay ,aap bahot a cha explain karte ho jis Karaan koi dikat nahi hoti thx
निशा: पूनम जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: बहुत बहुत धन्यवाद.
Hlo nisha mam i am your big fan
Mam white gullab jaamun banane ki respy kya hai
निशा: सागर जी, स्पंज रसगुल्ला यानि कि व्हाइट गुलाब जामुन की रेसिपी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं, सर्च बटन पर स्पंज रसगुल्ला लिखकर रेसिपी सर्च कर सकते हैं.
Mem namaskar, bundi pure aacchi se gol gol banane ke leye kya upay kare
निशा: मंजू जी, बेसन का घोल सही कन्सिसटेन्सी में बना हो तो बूंदी गोल बनती है, प्लीज वीडियो देखें और बूंदी बनायें, थोड़ी सी प्रेक्टिस से सही बूंदी बनने लगेंगी.
hiii nisha mam☺
apki ye recipe to bahot achi h really and easy bhi.... but boondi ko chashni me kitni der rakhna hai? or usai chashni se nikal kr kis bartan me lena sahi hoga kahi boondi nikale hue bartan me chipak to nahi jayegi..?
Hlo nisha ji....i am a big fan of urs....
I had tried many recipes ...and they all were liked by everyone...thanks for inspiring n guiding....
निशा: किरन जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
Thanks.
निशा: मीनू जी, अगर बेसन का घोल पतला हो तो बूंदी फ्लेट बनती है, थोड़ी सी प्रेक्टिस के बाद ये सारी चीजें सही होने लगती हैं.
Thanks for sharing all kind of receipe which are really easy to make and taste very good.
I tried to prepare boondi but it turn in round shape.. Is that bcoz of less oil in pan or some other reason.
Please reply....
Thanks,
Archana
निशा: अर्चना जी, बूंदी गोल ही अच्छी होती हैं.