घेवर बनाइये – Ghevar Recipe

📅 29 जुलाई 2009 👁 11.7 लाख बार देखी गई 💬 360 कमेंट ★ 3.7 (17331)

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सावन और राखी के त्यौहार की विशेष मिठाई घेवर (Ghevar Sweet) है. हम तो अपने देश में है इसलिये हमें घेवर आसानी से मिल जाता है, लेकिन जो देश से बाहर है, उन्हें घेवर मुश्किल से मिलता है घेवर आप घर पर भी बना सकते है, दिखने में एसा लगता है कि इसे बनाना मुश्किल होगा लेकिन है बड़ा आसान. आईये हम आज घेवर बनायें

आपने बाजार में घेवर बनते देखा है? घेवर बनाने के लिये स्पेशल कढ़ाई प्रयोग में लाई जाती है जिसका तला समतल होता है, जो करीब 12 इंच गहराई और 5-6 इंच चौड़ाई की होती है.  बाजार में घेवर बनाने के लिये तो समतल तले की बड़ी कढ़ाई होती है और उसमें छ्ह इंच उंचे बेलनाकार गोले डाले जाते हैं, घी भरी कढाई में ये गोले पड़े रहते हैं और इन्हीं गोलों में घोल डाल कर घेवर तला जाता हैं, लेकिन अभी आप इन्हें भूल जाईये.

घेवर घर पर सामान्य भगोनी या घर की कढ़ाई में बहुत अच्छी तरह से बनाया जा सकता है.

Read - Ghevar Recipe In English 

आवश्यक सामग्री - Ingredients for Ghevar Sweets

  • मैदा - 250 ग्राम (2 कप)
  • घी -  50 ग्राम ( 1/4 कप)
  • दूध - 50 ग्राम (1/4 कप)
  • पानी - 800 ग्राम ( 4 कप)
  • घी या तेल - घेवर तलने के लिये

चाशनी बनाने के लिये

  • चीनी - 400 ग्राम( 2 कप)
  • पानी - 200 ग्राम (1 कप)]

विधि - How to make Ghevar

मैदा छान कर किसी बर्तन में निकाल लीजिये, घी को किसी बड़े बर्तन में डाल लीजिये और बर्फ डालकर हाथ से फैटिये,  फैंटते फैंटते घी की जब क्रीम जैसी बन जाय तब बर्फ के टुकड़े निकाल कर हटा दीजिये और घी को एक दम चिकनी क्रीम बनने तक फैट लीजिये,  अब इसमें मैदा थोड़ी थोड़ी डालते जाइये और फैटते जाइये, गाढ़ा होने पर दूध मिला दीजिये और थोड़ा थोड़ा पानी डाल कर खूब फैटिये, मैदा डालते जाइये, सारी मैदा डालकर अच्छी तरह मिलाइये और फैटिये और चिकना गाढ़ा बैटर बना लीजिये, अब बैटर में थोड़ा थोड़ा पानी डालिये और घोल को खूब फैटिये, घोल में कोई गुठली न रहे और घोल एकदम चिकना हो जाय.  घेवर बनाने के लिये घोल तैयार है.  घोल की कन्सिस्टेन्सी एकदम पतली हो कि चमचे से घोल गिराने पर पतली धार से गिरे.

कढ़ाई  में करीब आधा से कम ऊचाई तक घी भर कर गरम कीजिये, घी अच्छी तरह गरम होने पर यानी मैदा की कोई भी बूंद घी में गिरे तो वह तुरन्त ऊपर उठकर तैरने लगे.  मैदा का घोल किसी चमचे में भर कर बहुत ही पतली धार से इस गरम घी में डालिये, घोल डालने पर घी से उठे झाग ऊपर दिखाई देने लगते हैं,

दूसरा चमचा घोल डालने के लिये 1-2 मिनिट रुकिये, घी के ऊपर झाग खतम होने दीजिये, अब फिर से दूसरा चमचा घोल भरकर बिलकुल पतली धार से घोल घी में डालिये, आप देखेंगे कि घी फिर से झाग से भर जाता है, झाग खतम करने के लिये फिर से 1-2 मिनिट रुकिये,.

आप जितना बड़ा घेवर बनाना चाहते हैं उसके हिसाब से उतना घोल आप भगोने में डालेंगे, घोल को भगोने के बीच में डाला जाता है, यह घोल नीचे तले में जाता और तैर कर वापस ऊपर आता है और पहली परत के ऊपर पहुंच कर परत बनाता है, यदि घेवर में बीच में जगह न रहे तो आप  किसी चमचे की पतली डंडी या तान से बीच से घोल हटाकर थोड़ी जगह बना सकते है इसी जगह से घोल को डालते रहिये जब तक घेवर का आकार सही न हो जाय.

जब पर्याप्त घोल डाल चुके तब गैस की फ्लेम मीडियम कर दीजिये, अब आप घेवर को मीडियम आग पर हल्का ब्राउन होने तक सिकने दीजिये.

Ghevar
जब घेवर ऊपर से हल्का ब्राउन दिखने लगे तब घेवर को निकाल कर थाली में रखिये (घेवर को निकालने के लिये किसी लकड़ी या स्टील की पतली छड़, या कलछी को ऊपर से उलटा पकड़ कर उसका प्रयोग किया जा सकता है) घेवर निकाल कर जिस थाली  में रख रहे हैं उसके ऊपर एक और प्लेट रख लीजिये, ताकि घेवर से निकला घी उस थाली में इकठ्ठा हो जाय, या थाली को तिरछा कर दीजिये ताकि अतिरिक्त घी थाली में नीचे की ओर निकल कर आ जाय.

सारे घेवर तल कर आप इसी तरह तैयार करके थाली में घेवर एक  ऊपर एक  रख लीजिये.

घेवर को मीठा करने के लिये 2 तार की चीनी की चाशनी तैयार कीजिये:
किसी बर्तन में चीनी में 1 कप पानी डाल कर गैस फ्लेम पर चाशनी बनने रखिये, उबाल आने के बाद 5-6 मिनिट तक पकाइये, चाशनी को चम्मच से लेकर एक बूंद किसी प्लेट में गिराइये, ठंडा होने पर उंगली और अंगूठे के बीच चिपका कर देखिये, वह उंगली और अंगूठे के बीच चिपकनी चाहिये, चाशनी में  2 तार बनने चाहिये, चाशनी तैयार हो गई है.

चाशनी को  इतना ठंडा कीजिये कि उसे हाथ से छू सके और एक थाली लीजिये, थाली के ऊपर एक प्याली रख लीजिये, एक घेवर लेकर प्याली के ऊपर रखिये और चाशनी को चमचे से घेवर के ऊपर सारी सतह पर  डालिये, चाशनी घेवर को मीठा करती हुई नीचे निकल जाती है, आपको घेवर ज्यादा या कम जैसा मीठा करना हो उसके हिसाब से चाशनी डालते जाइये.  एक एक करके सारे घेवर जो आपने बनाये हैं वे मीठे कर लीजिये,  अगर घेवर से चाशनी निकल रही हो तो जिस थाली में मीठे घेवर रख रहें उस थाली को तिरछा रखिये ताकि अतिरिक्त चाशनी निकल कर थाली में नीचे की ओर इकठ्ठी हो जाय, या घेवर के नीचे कोई प्लेट रख लीजिये थोड़ी ही देर में घेवर से अतिरिक्त चाशनी निकल जाती है.

Ghevar in Chasni
ये घेवर हवा में 1 घंटे सूखने दीजिये, अब आपके मीठे घेवर तैयार हैं, आप इन्हैं अभी तो खा ही सकती हैं, और बचे हुये घेवर एअर टाइट कन्टेनर में भर कर रख लीजिये,  2 सप्ताह तक कन्टेनर से घेवर निकालिये और खाइये.

घेवर के ऊपर रबड़ी और कतरे हुये सूखे मेवे लगाकर उसे और अधिक स्वादिष्ट बनाइये:

घेवर में रबड़ी और मेवा की  टॉपिंग लगा देने से यह और भी अधिक स्वादिष्ट हो जाता है.

रबड़ी बना लीजिये:
1 लीटर फुल क्रीम दूध को किसी भारी तले के बर्तन में डालकर उबलने रख दीजिये, उबाल आने पर गैस फ्लेम धीमी कर दीजिये और दूध को उबलते रहने दीजिये, थोड़ी थोड़ी देर में चमचे से चलाते अवश्य रहें ताकि दूध तले में न लगे, दूध उबलते उबलते गाड़ा हो जाय यानी अपनी मात्रा का 1/3 रह जाय तब गैस फ्लेम बन्द कर दीजिये, दूध की रबड़ी घेवर पर डालने के लिये तैयार है, इस रबड़ी में 2 छोटी चम्मच चीनी डालकर हल्की सी मीठी कर दीजिये.  

बादाम 10 -15 बारीक कतर कर, पिस्ते भी 10-15 बारीक कतर कर और इलाइची 4-5 छीलकर बारीक कूट कर मिला लीजिये.

घेवर के ऊपर एक परत दूध की रबड़ी की बिछाइये और ऊपर से कतरे हुये मेवे डाल दीजिये अब आप इस घेवर (Ghevar) को खाइये और बताइये कि घेवर कितना स्वादिष्ट बना है.

सामान्य घेवर को तो 2 सप्ताह तक रख सकते है लेकिन रबड़ी की टॉपिग लगे घेवर (Ghevar with Rabri Mewa Toping) को आप 2 दिन तक फ्रिज में रख कर खा सकते हैं क्यों कि रबड़ी जल्दी खराब हो जाती है इसलिये जितने घेवर 2 दिन में खाये जा सके, उतने ही घेवर पर रबड़ी की टॉपिंग कीजिये.

सुझाव:

घेवर बनाने के लिये कढ़ाई या भगोनी जो भी ले रहे हैं वह भारे तले की और गहरी होनी चाहिये, घेवर का घोल गरम घी में डालते समय वह एकदम ऊपर आता है, कम गहरा बर्तन होने से गरम घी निकल कर गैस के ऊपर आ सकता है.

Ghevar Recipe video

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कमेंट (360)

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sonali bakliwal
can we prepare ghevar by using rajgira atta or singarha atta?
rahul
thankas neha ja

निशा: राहुल जी, आपको भी बहुत बहुत धन्यवाद.
Jyoti
Hello Madam
I like the way you describe the receipe with clarity..it is easy to understand. Best wishes!!

निशा: ज्योती जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
Anshu dhiman
धन्यवाद निशा जी आप ने घेवर बनाने की विधी बताई। किन्तु एक दुविधा है कि इस में डाले जाने वाला घी वनस्पति होगा या देसी घी।

निशा: अंशु जी, देसी घी में इसका स्वाद बहुत अच्छा आता है.
nisha
thanxx nisha aap ke recipe to humesha hi bhut esey or better hoti h thanxx

निशा: निशा जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
Aarju sharma
Agar ghewar me color dena ho to kaise de???

निशा: आरजू जी, आप इसमें फूड कलर का उपयोग कर सकते हैं.
Aarju sharma
Agar ghewar me color dena ho to kaise de???
निशा: आर्जू जी, बैटर में फूड कलर मिला सकते हैं.
Ankita
Hello Nisha ji,
Please tell me jab me main first laddle Dalti hoon ghevar ke batter ka oil ma Wo stick kyun ho rah hai pan ma ... I tried 3-4 times but first laddle stick ho jata hai Aisa kyun plz
निशा: अंकिता जी घी का तापमान कम होने से एसा हो सकता है, घी को कढ़ाई में अच्छा गरम होने दीजिये, इसके बाद उसमें बैटर डालिये, बैटर कढ़ाई में नहीं चिपकेगा.
Simran
Thanks for Guevara recipe.Kay aap mushed chela ki recipe bata dengi
shwetA
Do we need to take a flat bottom kadai for frying?
neeta saxena
Thank you Nishaji for ghewar recipe. I just prepared it. It was so so. Mam , cream became separate from the batter. What was my mistake?
निशा: नीता जी, इसके लिये आप घेवर का वीडियो देख लीजिये, और घेवर बनायें आप अच्छे घेवर बना सकेंगी.
RAGINI CHOUHAN
GULAB GAMUN BANANA KA BAD BIKAR JATA HAI
निशा: रागिनी जी, मावा में मैदा कम होने से एसा हो सकता है. आपम जिस रेसिपी का सवाल है उस पर सवाल लिखेंगे तो हमें रिप्लाई करने में आसानी होती है.
an upama maheshwari
hello nishaji, maine aapja video dhakar ghaver banaya ji do tin practice ke bad bajar jaisa bana mai janna chahatihu ki white rusgulla packet wale milk ka bana sakte hai
निशा: अनुपमा जी, मिल्क पाउडर से रसगुल्ला नहीं बना सकते.
anupama
kya white rusgulla packet wale milk ka bana sakte hai. apka video dekhkar maine ghaver banaya jo dusri bar mai bilkul market jaisa bana. Thanks
निशा: अनुपमा जी, मिल्क पाउडर से रसगुल्ले नहीं बना सकते हैं, घेवर अच्छा बनाया, बहुत बहुत धन्यवाद.
Ashwani pratap singh
Mujhe ghewar bahut pasand hai or mai ise bnana v chahta hu thanks ap ne is recipe ko banane ka tarika nett pe dal ke or asan kardiya

निशा: अश्विनी जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
dipika
Nishaji aapki recipe likhne ka tarika bahut badhiya hai. Mai Gujarat se hu aur hamesha sochti thi ki ghevar kaise banta hai. ab asaani se samajh aa gaya. jaldi hi try karnewali hu. aur aisi recipes jarur likhte rahiye. Thanks

निशा: दीपिका जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
AJR
THANK U MADAM

निशा: AJR जी, धन्यवाद.
sarita mishra
hello nisha ji
maine aapke method s gewar banaya ist time mai hi perfect ban gaya thank u maam. u r recipe is amazing

निशा: सरीता जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
KRISHNA KUMAR
निशा जी, सर्वप्रथम तो इस रेसिपी को इतनी आसान तरीके से पेश करने के लिए आपको कोटि कोटि धन्यवाद्।
निशा जी, आज मैनें घेवर बनाया। बताते हुए काफी खुशी हो रही है कि घेवर बिल्कुल परफेक्ट बनी। मैं और मेरे घर के सारे लोग काफी खुश हुए। लेकिन इसका निचला भाग ज्यादा मोटा नहीं बन पाया। कृपया इस संबंध में मुझे उचित सुझाव दें।
निशा: कृ्ष्णा जी, मिझे बहुत खुशी हुई आपने अच्छे घेवर बनाये हैं. ये घेवर पतले ही बनते हैं, हलवाई जो एक कढ़ाई में घेवर के मोल्ड डालकर बनाते हैं, वो घेवर थोड़े मोटे होते हैं, उसमें बड़ी कढ़ाई घी से भरी हुई और 4-5 घेवर मोल्ड तैरते रहते हैं, उसमें घेवर घर में बनाना थोड़ा मुश्किल है.
varun batra
can anyone tell me the challenges in making ghewar and quality safety related to ghewar because i have to do research on ghewar
lovely
Aapki saari dishes lajawab hoti h bahut he mast or tasty cooking h aapki..aapke hatho me aanpurna devi ka vass h or rahega...aapko ye likha pasand aaye toh aap reply jarur krna

निशा: लवली जी आपने मुझे बहुत बड़ी चीज दी है, बहुत बहुत धन्यवाद आपका.
ramani

hello , nishaji aloo chips banane ke liye apne alum use kiyatha alum kaha pe milega plz bathadijiye tnq

I made this. With your help thank you nishaji

Maine sari things half quantity me lekar bnaya And it's amazing Came out


निशा: बहुत बहुत धन्यवाद.
manju

namste madam


Madam mein aapke sabhi recipe ko you tube pe dekhte wa follow karti hoon....kal maine you tube pe gehvar ke recipe dikh aur use banaya bhi...main saare instruction follow bhi kya better patala rakaha, magar madam jab mein gehwar talne lage to wo neeche baith gaya aur sika bhi ni maida bilkul bhi ni sika........aisa kya hua mam.......aur mein jo bartan dalne ke liye liya......uska tala bhi mota tha..i m waiting for you possitive reply


regard


Manju


निशा: मंजू जी, एसा लग रहा है, कि तेल कम गरम है, घेवर तलने के लिये तेल अच्छा गरम होना चाहिये.
Surendra

Nisha JI


I was over the moon seeing the Ghewar cooked by my wife Suman. They were very pretty to look at. But they were 'too cruncy'. Dipping in syrup as suggested by you to previous person will make a a bit soft but Sugar syrup will make them too dry and harder after sometime later. They need to be lot softer, something closer to cakes. I know that because the twonin Mujaffar Nagar in Uttar Pradesh UP is famous for Ghewars.

I think there is something missing or tobe added to make them softer.Your suggestion will make everyone 'lot happier'.


निशा: सुरेन्द्र जी, घेवर चाशनी में डालने से पहले क्रिस्पी होते हैं, लेकिन चाशनी 1-2 तार की बनाई जाती है यदि आपको ज्यादा सोफ्ट घेवर पसन्द है तब इन्हैं 1 तार वाली चाशनी में डालें और यदि आपको थोड़े क्रिस्प घेवर पसन्द हो तो घेवर को 2 तार की चाशनी से मीठा कीजिये, प्लीज ट्राई और अपने अनुभव यहां शेयर कीजिये.
anu

Mam....mne oil me fry krne ki try kiya tha...tb dalte hi ek dam black ho rha h...ab kya kru???


 


निशा: अनु जी, घी बहुत अधिक गरम होने से एसा हो रहा है प्लीज गरम कीजिये बहुत ज्यादा गरम नहीं, घेवर जलने पर वे काले हो जायेंगे, प्लीज गैस को मीडियम कीजिये, और ट्राई कीजिये, आप अवश्य बनायेंगी.
सुभाष डोगरा

मैने बहुत हलवायिओं से घेवर बनाने की बिधि पूछी मगर किसी  ने भी नही बताई


आखिर में आपकी बताई हुई रेसिपी use की


बहुत बढ़िया घेवर बना


आपका बहुत बहुत धन्यबाद


निशा: सुभाष जी, मुझे खुशी हो रही है, बहुत बहुत धन्यवाद.
manju

Nisha g kya ghewar spongy nhi bnaya ja skta ....actuly ye crunchy to bn jata hai ...but ye spongy hi jyada achha lgta hai


निशा: मंजू जी, घेवर क्रंची होता है, उसको चाशनी में डालने पर वह सोफ्ट हो जाता है,स्पंजी तो होता ही है.
Sonia

Mawa ka ghewar kab tak khrab nhi hora?


निशा: सोनियां जी, घेवर पर मावा की टोपिंग करने के बाद उसे फ्रिज में रखकर 3 दिन तक खाया जा सकता है.
rachana saxena

mi bazaar se ghever lai thi usko maine freez mi rakh diya light chle jaane ghever mi paani bhar gaya ab usko kaise theek kare


निशा: रचना जी, वह नर्म हो गया है तव उसे 1-2 मिनिट माइक्रोवेव करके क्रिस्प बना सकते हैं, और ज्यादा गीला है तब तो हटाना ही होगा.