काला जामुन - Kala Jamun recipe – How to make Kala Jamun

काला जामुन सबसे ज्यादा पसन्द की जाने वाली मिठाई में से एक है, इसे काला जाम भी कहते हैं, काला जामुन और गुलाब जामुन एक ही तरह से बनाये जाते हैं, लेकिन काला जामुन की बाहरी परत हल्की सख्त और गहरे रंग की होती है. यह बाहर से सख्त और अंदर से ड्रायफ्रूट्स और रसभरे होते है.
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आवश्यक सामग्री - Ingredients for Kala Jamun Gulab Jamun
- खोया - 2 कप (400 ग्राम)
- पनीर - 125 ग्राम या आधा कप
- मैदा - ½ कप ऊपर तक भरा हुआ (75 ग्राम)
- चीनी - 1 किलो (4 कप ऊपर तक भरे)
- सूजी - 1 टेबल स्पून (10 ग्राम)
- काजू - 6-7 (1 टेबल स्पून) (बारीक कटे हुए)
- बादाम - 6-7 (1 टेबल स्पून) बारीक कटे हुए
- चिरौंजी - 1 टेबल स्पून
- इलायची - 4 (दरदरी कूटी हुई)
- फूड कलर - 1 पिंच
- बेकिंग पाउडर - ¼ छोटी चम्मच
- घी - काला जामुन तलने के लिए
विधि - how to make kala jamun
पनीर को प्लेट में निकाल कर क्रम्बल कर लीजिए, इसमें सूजी और बेकिंग पाउडर डालकर मसल-मसल कर अच्छे से मैश कीजिए. पनीर सोफ्ट हो जाने पर इसमें खोया और मैदा डालकर मिला दीजिए और हथेली की मदद से इसे अच्छे से मसलते हुए नरम कीजिए. मिश्रण के अच्छा नरम होने पर गोले बनाने के लिए मिश्रण तैयार है.
स्टफिंग बनाएं
स्टफिंग के लिए चिरौंजी, बारीक कटे हुए काजू, बारीक कटे हुए बादाम, दरदरी कूटी हुई इलायची और 1 छोटी चम्मच चीनी डाल दीजिए. अब खोया-पनीर के मिश्रण से 2 चम्मच मिश्रण इस स्टफिंग में डालकर अच्छे से मिला दीजिए. इसमें थोडा़ सा फूड कलर डालकर सारी चीजों को अच्छे से मिलने तक मिला लीजिये.

चाशनी बनाए
एक बर्तन में 1 किलो चीनी और आधा लीटर पानी मिलाकर आग पर चाशनी बनने के लिये रखिये. चाशनी में जब उबाल आ जाय, चीनी पानी में घुल जाने तक पकाएं. चाशनी के घोल से लेकर 1-2 बूंद प्लेट में टपकायें. अंगूठे और अंगुली के बीच चिपका कर देख लीजिए, चाशनी उंगली और अंगूठे के बीच चिपकनी चाहिये, चाशनी बनकर तैयार है, गैस बंद कर दीजिए और चाशनी को उतार कर स्टैंण्ड पर रख दीजिए.
काला जामुन बनाकर तलिये
कढ़ाई में घी डाल कर गरम कीजिये. जामुन तलने से पहले टैस्ट कीजिये की कहीं काला जामुन फट तो नहीं रहा है.
मिश्रण से थोड़ा मिश्रण लेकर गोल कीजिये और उसे गोल बना कर तैयार कर लीजिए, तलने के लिये मीडियम गरम घी में डालिये, और घी को काला जाम के ऊपर उछालते हुये और काला जाम को घुमाते हुये, उसे अच्छा गोल्डन ब्राउन होने तक तल लीजिये. अगर यह काला जामुन घी में बिखरता है तो मिश्रण में थोड़ी मैदा और मिला दीजिये ताकि यह काला जामुन तलते समय बिखरे नहीं. पहले एक काला जामुन तल कर मिश्रण चैक करना सही रहता है.

मिश्रण को छोटे छोटे भागों में बांट लीजिये, एक टुकड़ा उठाइये, हाथ पर रखिये और उसे थोड़ा चपटा कर लीजिये, थोड़ी सी स्टफिंग उसके ऊपर रखिये और मिश्रण को सारी ओर से उठाकर बन्द कर दीजिये, और दोंनों हथेलियों की सहायता से उसे अच्छा गोल कीजिये, प्लेट में रख दीजिये, इसी तरह 10-15 गोले बनाकर तैयार कर लीजिये. तैयार गोलों को कढ़ाई में डालें और तलें. गैस की फ्लेम धीमी रखें, घी मीडियम गरम हो, काला जामुन को तलते समय उस पर कलछी न लगायें बल्कि गरम गरम घी उस पर कलछी से डालें और हल्के ब्राउन होने तक इन्हें धीमी आंच पर तलें जब यह ब्राउन हो जाएं तब इन्हें डार्क ब्राउन करने के लिए आग तेज कर दीजिए और ऊपरी डार्क ब्राउन होने तक जामुन को थोड़ी देर और तल लीजिये. तले हुये काला जामुन कढ़ाई से निकाल कर चाशनी में डुबा दीजिये. इसी तरह सारे मावा के गोले बनाकर, तल कर चाशनी में डाल कर डुबा दीजिये.
तले हुये काला जामुन को चाशनी में 2-3 घंटे तक डूबे रहने दीजिए. काला जामुन मीठा रस सोखकर मीठे और स्वादिष्ट हो जायेंगें. तब इन्हें खाया जा सकता है पर इनका असली स्वाद दूसरे दिन आता है जब रस पूरी तरह से इनमें समा जाता है.
काला जामुन को बाहर रखकर 8- 10 दिन और फ्रिज में रखकर 15-20 दिन तक खाया जा सकता है.
सुझाव
- मावा और पनीर के मिश्रण को अच्छी तरह मसल मसल कर अच्छा नरम कर लीजिए. मिश्रण से गोला बनाकर देखिये, गोला में क्रेक्स नहीं आने चाहिये, अगर गोले में क्रेक आ रहे हों तो मिश्र्ण को और मलना चाहिये.
- काला जामुन तलने के लिए घी ज्यादा ही लें क्योंकि घी कम होने पर यह अच्छे चारों ओर एक जैसे नहीं सिकते, और फूलते भी नहीं हैं, पिचके से रह जाते हैं.
- काला जामुन तलने के लिये घी मीडियम गरम होना चाहिये, घी ज्यादा गरम होने पर काला जामुन जल जायेंगे और घी बहुत ही हल्का गरम होने पर वे घी में बिखर सकते हैं.
- 35-40 काला जामुन बनाने के लिये
- समय - 70 मिनिट
कमेंट (53)
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they make very good
your teaching of cooking is very good
thanku mam
निशा: आरती जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
क्या गलत हो सकता है?
थैंक्स।
निशा: पंकज जी, इनके फटने का कारण मावा में मैदा का कम होना या काला जामुन के गोलों में क्रेक्स आ रहे हों या फिर बहुत हल्के गरम घी में तले गए हैं. इन्हें सही से बनाने के लिए, मावा और पनीर के मिश्रण को अच्छी तरह मसल मसल कर अच्छा नरम कर लीजिए. मिश्रण से गोला बनाकर देखिये, गोला में क्रेक्स नहीं आने चाहिये, अगर गोले में क्रेक आ रहे हों तो मिश्रण को और मसल लीजिए. मध्यम गरम घी में एक काला जामुन डालकर देखिए, अच्छे से सिक रहा हो, तभी बाकी गोले डालिए, अगर ये फट रहा हो तब मिश्रण में थोड़ी मैदा मिलाकर उसे अच्छी तरह मसल कर तैयार करें, गुलाब जामुन अच्छे बनेंगे.
निशा: रविन्द्रा जी, आप रेसिपी को ध्यान से पढें और इसका विडियो भी देखें आप बहुत अच्छे से इसे बना लेंगे.
निशा: श्वेता जी, चाशनी अगर ज्यादा पतली हो तब एसा हो सकता है.
निशा: बन्टी जी, मावा में मैदा की कमी के कारण ही मावा के गोले तलते समय फट जाते हैं, थोडी सी और मैदा मिला कर मावा को चिकना करें और गोले बनाकर तलें, थोडी सी प्रेक्टिस से आप अवश्य ही अच्छे गुलाब जामुन बना लेंगे.
निशा: आशा जी,हमने 1 टेबल स्पून यानी कि बड़ी चम्मच सूजी का यूज किया है, इससे काला जाम अन्दर तक सोफ्ट हो जाता है, बेकिंग पाउडर भी काला जाम को सोफ्ट बनाता है.
निशा: श्वेता जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: सुधा जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: उषा जी, काला जामुन के मिश्रण को अच्छे से मैश न किया जाए, तब ऎसा हो सकता है. मावा और पनीर को हाथ से या मिक्सर किसी से मैश किया जा सकता है. धन्यवाद.
निशा: शांति जी, गोले में दरार आ रहे हों तो मिश्रण को और मल लीजिए. मध्यम गरम घी में एक काला जामुन डालकर देखिए, अच्छे से सिक रहा हो, तभी बाकी गोले डालिए, अगर ये फट रहा हो तब मिश्रण में थोड़ी मैदा मिलाकर उसे अच्छी तरह मसल कर तैयार करें, काला जामुन अच्छे बनेंगे. एकदम गरम चाशनी में काला जामुन ना डालें. काला जामुन डालते समय चाशनी हल्की गरम होनी चाहिए.
निशा: पूजा जी, गोला अगर घी में जाकर फट रहा है, इसका मतलब मिश्रण में मैदा की कमी है और यह अच्छे से बाइन्ड नही हुआ है. आप डोह में थोड़ा सा मैदा और मिला लीजिए और अच्छे से मसलकर चिकने गोले तैयार कर लीजिए. इसके बाद, गरम घी में एक गोला तलने के लिए डाले, अगर यह सही से तल रहा है, तो बाकी गोले डालकर रसगुल्ले बना लें.
निशा: युवराज जी, धन्यवाद. हम जल्दी ही रेसिपी अपलोड करेंगे.
निशा: सचिन जी, धन्यवाद.
your recipies is too testy...thank u
निशा: करण जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
I try it......
निशा: पुष्पेन्द्र जी, आपके काला जामुन में किस प्रकार की दिक्कत आई है? आप हमें बताइए, शायद हम आपको हल बता पाएं.
निशा: राज जी, इनके फटने का कारण मावा में मैदा का कम होना या काला जामुन के गोलों में क्रेक्स आ रहे हों या फिर बहुत हल्के गरम घी में तले गए हैं. इन्हें सही से बनाने के लिए, मावा और पनीर के मिश्रण को अच्छी तरह मसल मसल कर अच्छा नरम कर लीजिए. मिश्रण से गोला बनाकर देखिये, गोला में क्रेक्स नहीं आने चाहिये, अगर गोले में क्रेक आ रहे हों तो मिश्रण को और मल लीजिए. मध्यम गरम घी में एक काला जामुन डालकर देखिए, अच्छे से सिक रहा हो, तभी बाकी गोले डालिए, अगर ये फट रहा हो तब मिश्रण में थोड़ी मैदा मिलाकर उसे अच्छी तरह मसल कर तैयार करें, गुलाब जामुन अच्छे बनेंगे.
निशा: मीनाक्षी जी, गिट्स पाउडर से मैं इन्हैं बनाने की कोशिश करूंगी.
निशा: निशिका जी, धन्यवाद.
Mam..
Ye food color aur baking power kaha se milega batayen plezzz...
निशा: धरमराज जी, ये आपको किराना स्टोर या डिपार्टमेन्टल स्टोर पर मिल जाएगा.
निशा: संगीता जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: कपिल जी, धन्यवाद.
निशा: निधि जी, चाशनी यदि गाढ़ी हो तब एसा हो सकता है, आप चाशनी में थोड़ा पानी डालें और उसे गरम कर लीजिये, अब आप जामुन उसमें डालें जामुन नहीं पिचकेंगे.
निशा: ममता जी, बहुत-बहुत धन्यवाद.
निशा: रिचा जी, आपको भी मेरी तरफ से बहुत-बहुत धन्यवाद.
निशा: रीना जी, हम यह रैसिपी बनाने की जल्दी ही कोशिश करेंगे.
ki recipe sikh ker lagta h jese meri mammy sikh rahi ho thank you so much mdm
निशा: मनीषा जी, आपको बहुत सारा प्यार और धन्यवाद.
A small query. Should these Kala Jamuns should be taken out from sugar after 2-3 hours to avoid extra sweet? If possible pls explain.
With regards.
निशा: इंदु जी, मुझे बहुत खुशी है कि आपने इस रैसिपी को इतने पावन पर्व पर प्रसाद के रूप में बनाया और आपके घर में सभी को पसंद आया. आप चाहें तो काला जामुन को 12-14 घंटे चाशनी में डुबाने के बाद चाशनी से निकाल कर रख सकती हैं.
निशा: अरुना जी, ये आपकी मेहनत है, मुझे बहुत खुशी हो रही है, बहुत बहुत धन्यवाद.