आंवले का मुरब्बा (Amla Murabba Recipe)

आंवले का फल बहुत गुणकारी होता है, इसमें आयरन और विटामिन C प्रचुर मात्रा में पाया जाते है. आंवले का मुरब्बा बहुत ही स्वादिष्ट होता है. आंवला सर्दी के मौसम में ही बाजार में मिलता है और इसी मौसम में हम इससे अचार या मुरब्बा बना कर रख सकते हैं. आंवले (Indian gooseberries) का मुरब्बा यदि गरमी में रोजाना खायें तो यह बहुत तरावट देने वाला और दिमाग को ताकत देने वाला होता है.
मुरब्बे के लिये आवले अच्छी तरह से पके हों और उनमें कोई दाग वगैरह न हो.
Read - Amla Murabba Recipe In English
आवश्यक सामग्री - Ingredients for Amla Murabba
- आंवले - 1 किग्रा.( 25 -30)
- चीनी - 1.5 किग्रा.(7.5 कप)
- इलाइची - 8-10 ( छील कर पीस लें )
- केसर - आधा छोटी चम्मच (यदि आप चाहें)
- काली मिर्च -आधा छोटी चम्मच
- काला नमक - 1 छोटी चम्मच
- फिटकरी आधा चम्मच
विधि - How to make Amla Murabba
मुरब्बा के लिये आंवले पके हुये, अच्छे फल लेने चाहिये. आंवलों को पानी 2 दिन के लिये भिगो दीजिये, आंवले पानी से निकालिये और इन्हैं कांटे से गोद लीजिये. गोदे हुये आंवले फिटकरी के पानी में डालकर 2 दिन तक भीगने दीजिये, आंवलों को फिटकरी के पानी से निकाल कर अच्छी तरह 2 बार धो लीजिये.
एक भगोने में एक लीटर पानी लेकर गरम कीजिये. पानी में उबाल आने पर गोदे हुये आंवले पानी में डालिये फिर से उबाल आने दीजिये, 2 मिनिट बाद गैस बन्द कर दीजिये, आंवलों को 10 मिनिट के लिये ढककर रख दीजिये.
आंवलों को पानी से निकाल कर चलनी में रखकर पानी निकल जाने दीजिये.
किसी स्टील के बर्तन में चीनी और 1/2 लीटर पानी डालकर चाशनी बनाइये. आंवलों को चाशनी में डालकर पकाइये, जब आंवले अच्छी तरह गल जांय, और चाशनी शहद की तरह गाढ़ी हो जाय, मुरब्बा को ठंडा होने दीजिये और 1-2 दिन बाद चैक कीजिये कि चाशनी पतली तो नहीं हो गई है, अगर चाशनी पतली लग रही है तब मुरब्बा को फिर से चाशनी गाढ़ी होने तक पका लीजिये और अब ठंडा होने पर इसमें, इलाइची, काली मिर्च, काला नमक और केसर डाल कर मिला दीजिये.
आंवले का मुरब्बा दूसरी तरीके से इस तरह बनाइये: उबाले हुये आंवले को किसी बड़े बर्तन में डालकर चीनी ऊपर से डालकर भर कर ढक रख दीजिये. 4-5 घंटे बाद आंवले का जूस निकल कर चीनी को घोलकर चाशनी बनाने लगता है, और अब हम उसी चाशनी में आंवले को पका कर मुरब्बा बना लें.
आंवले का मुरब्बा तैयार है, आंवले का मुरब्बा यदि अच्छी तरह पक गया है तब यह मुरब्बा 2 साल तक भी खराब होने वाला नहीं है, कांच के सूखे कन्टेनर में ये मुरब्बा भरकर रख लीजिये और जब भी आपका मन हो कन्टेनर से मुरब्बा निकालिये और खाइये.
सावधानी
पानी में आंवले देर तक न पकायें, वे टूट जायेंगे.
आंवले की चाशनी को अच्छी तरह पका लीजिये नहीं तो मुरब्बा जल्दी खराब हो सकता है, यदि कभी चाशनी पतली हो रही हो तो आप फिर से पका कर भी गाढी कर सकते हैं.
आंवले को फोर्क की सहायता से अच्छी तरह गोद लीजिये, मुरब्बा नरम बनेगा और चाशनी भी जल्दी ही उसके अन्दर चली जायेगी.
कमेंट (536)
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निशा: अखिलेश जी, रेसिपी पसंद करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: रामकल्याण जी, आप रेसिपी में दी हुई सामग्री का उपयोग कीजिए और उपरोक्त विधि अनुसार मुरब्बा बनाएं. आप बहुत अच्छे से मुरब्बा बनाएंगे.
निशा: राजीव जी, आप इसे चूने के पानी में भी भिगो सकते हैं. इससे नुकसान नही होता है.
निशा: आपके इन प्रशंसा भरे शब्दों के लिए बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: खुशी जी, पहले आंवले को फिटकरी के पानी मे डालाक्रर कसैलापन दूर करते हैं, और इसके बाद मुरब्बा बनाते हैं, अभी आपको इसमें कसेलापन लग रहा है, लेकिन कुछ दिन बाद ये कसैलापन अपने आप ही गायब हो जायेगा और आंवले एकदम मीठे हो जायेंगे.
now I would like to use this recipe.
निशा: श्यामनिवास जी, बहुत बहुत धन्यवाद. आप ये रेसिपी बनाएं और अपने अनुभव हमारे साथ जरूर शेयर कीजिए.
निशा: सुमेश जी, इसे धूप लगवाने की आवश्यकता नहीं होती है.
निशा: गोविंद जी, आप रेसिपी को फोलो करें और इसका विडियो भी देखें और मुरब्बा बनाएं.
Kirti
निशा: कीर्ति जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: नवयुग जी, फोर्क से आंवले में आसानी से छेद हो जाते हैं.
निशा: राजू जी, स्वाद बढ़ाने के लिये थोड़ा सा काला नमक और नीबू का रस मिला कर सर्व कीजिये.
निशा: आप अपने स्वादानुसार बदलाव कर सकते हैं.
with regards
निशा: यशपाल जी, आपके इन प्रशंसा से भरे शब्दों के लिए बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: सुझाव के लिए धन्यवाद. मैं कोशिश करूंगी की सभी रेसिपी के विषय में विस्तार पूर्वक बता सकूं.
निशा: राम जी, आंवला में आयरन बहुत अधिक मात्रा में होता है इसलिये थोड़े दिन बाद मुरब्बा काला हो जाता है.
नमस्कार।
हम चीनी नहीं खाना चाहते। क्या मुरब्बा बिना चीनी के बन सकता है? क्या शहद से मुरब्बा बनाया जा सकता है? यदि बन सकता है तो विधि बताएं....
सधन्यवाद
-सूर्य प्रकाश शर्मा 'राजस्थानी'
निशा: सूर्या जी, अच्छे आंवले भाप में पका लीजिये और उसकी कलिया बना लीजिये, शहद में डुबाकर रख दीजिये, 1 सप्ताह तक रोजाना एक बार दिन में चलाते रहें, शहद वाला मुरब्बा बनकर तैयार हो जायेगा.
निशा: रेखा जी, आप दी हुई रेसिपी को ध्यान से पढ़ें अधिक मदद के लिए इसका विडियो भी देख सकती हैं और बताई हुई सावधानियों को ध्यान में रखते हुए इसे बनाएं थोडी़ सी प्रेक्टिस से आप बहुत अच्छा आंवला मुरब्बा बनाएंगी.
निशा: दीपक जी हां किया जा सकता है.
निशा: सचिन जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: मोही जी, हमने 1 कि. आमला मुरब्बा बनाया है उसी के हिसाब से बड़ाते हुये 30 किग्राम, आंवले का मुरब्बा बनाया जा सकता है.