फाफड़ा - Fafda Recipe

फाफडा गुजरात का पसंददीदा स्ट्रीट फूड है. फाफडा के साथ जलेबी (fafda and jalebi) अहमदाबाद के हर कोने में मिल जाते हैं. आईये आज घर पर फाफडा बनायें
Read this recipe in English - Fafda Recipe - How to make Gujarati fafda
आवश्यक सामग्री - Ingredients for Fafda
- बेसन - 250 ग्राम (2 कप)
- नमक - स्वादानुसार ( आधा छोटी चम्मच)
- खाना सोडा - आधा छोटी चम्मच
- लाल मिर्च - एक चौथाई छोटी चम्मच से कम (यदि आप चाहें)
- अजवायन - आधा छोटी चम्मच
- तेल - 4-5 टेबल स्पून
- फाफड़ा तलने के लिये - तेल
विधि - How to make Fafda
किसी बर्तन में बेसन को छान कर निकाल लीजिये. बेसन में नमक, खाना सोडा, लाल मिर्च, अजवायन और तेल डालिये, सारी चीजों को हाथ से अच्छी तरह मिला लीजिये.
पानी की सहायता से नरम आटा गूंथिये, आटे को मसल मसल कर, उठा कर, पलट कर, 6/7 मिनिट तक गूथिये (आटा लगाने में आधा कप से कम पानी लगता है). गुंथे हुये आटे को आधा घंटे के लिये ढककर रख दीजिये.

आधा घंटे बाद आटे को अच्छी तरह मसल कर और चिकना कीजिये, अब इस आटे को तोड़कर छोटी छोटी (एक बड़े बेर के बराबर की) लोई बना लीजिये.
फाफड़ा बेलने के लिये लकड़ी का चिकना बोर्ड लीजिये, एक लोई को थोड़ा लम्बा कीजिये और बोर्ड के ऊपर हथेली के नीचे रखिये, हथेली से दबाब देते हुये फापड़ा आगे बड़ाइये, पतली पत्ती को बेले हुये फाफड़ा के नीचे लगाते हुये उसे निकालिये
बोर्ड से निकाले गये फाफड़ा को चिकनी थाली में रखिये, एक एक करके सारे फाफड़ा बनाकर थाली में रख लीजिये.

कढ़ाई में तेल डालकर गरम कीजिये, गरम तेल में 1- 2 -3 फाफड़ा उठा कर डालिये और कलछी से दबाकर फाफड़ा के हल्के ब्राउन होने और क्रिस्प होने तक तल कर, प्लेट में निकाल कर रखिये. सारे फाफडा इसी तरह तरह तल कर तैयार कर लीजिये. अगर आप जल्दी जल्दी फाफड़ा बना पाते हैं तब आप फाफड़ा बनाइये और कढ़ाई में किये गये गरम तेल में डालकर साथ साथ ही तलते भी जाइये, नहीं तो थाली में बनाकर रखने वाला तरीका ही ठीक है.
हमने फाफड़ा बोर्ड से निकालने के लिये चाकू का प्रयोग किया है क्यों कि हमारे पास वह लचकदार पत्ती नहीं है जो फाफड़ा निकालने के लिये प्रयोग में लाई जाती है, चाकू उसके बराबर लचीला नहीं होता फिर भी इससे काम तो चलाया ही जा सकता है.
कुरकुरे स्वादिष्ट फाफड़ा तैयार है. फाफडा को खट्टी चटनी या हरे धनिये की चटनी के साथ परोसिये और खाइये. बचे हुये फाफड़ा एअर टाइट कन्टेनर में भरकर रख लीजिये, जब भी आपका मन हो कन्टेनर से फाफड़ा निकालिये और गरमा गरम चाय के साथ खाइये.
सुझाव: फाफड़ा के आटे में पापड़ खार डाला जाता है, पापड़ खार न मिलने पर बेकिंग सोडा डाला जा सकता है. अगर पापड़ खार डाल रहें हैं तब 2 कप बेसन में 2 छोटे चम्मच पापड़ खार यूज कीजिये और पापड़ खार को पहले पानी में घोल कर यूज करें, तरीका वीडियो में देखा जा सकता है.
फाफड़ा का आटा गूथते समय ध्यान रखना है कि वह ज्यादा नरम और ज्यादा सख्त न हो. तलते समय तेल को अच्छा गरम होने दीजिये, अच्छे गरम तेल में फाफड़ा अच्छे सिक कर तैयार होंगे.
- 15-20 फाफड़ा,
- समय - 50 मिनिट
कमेंट (103)
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निशा: अल्का, हम रैसिपी बनाने के बाद, हमेशा तो कहते हैं कि आप बनाइये, खाइये और बताइये,रैसिपी बनाने के बाद तो खानी ही है, धन्यवाद.
निशा: मैं अवश्य कोशिश करूंगी
निशा: सुप्रिया, मैं लिखने की कोशिश करूंगी.
i was searching this from a long time...thnks
very fuuunnnnyyyyyy
Mrs. Gupta mujhe wakai aapki baat samaj me nahi aayi sayad aap yah kahna chah rahi hai ki yadi wastu ka karm, rang, roop, aur aakar badal jaye to bhi wo wastu ussi naam se jani jati hai jis naam se uski pedais ka kaam start hua tha................
ye galat hai for eg. kai baar quality gatiya hone se wastu ka naam bhi change ho sakata hai jaise---- aapki mummy to achhi achhi naram naram fuli hui ball jaise garam garam roti banati hai lakin agar aap usi rooki ko careless hokar flat aur kadak bana kar thanda serve kare to ye roti nahiiiiiiiiii.....janaab............
KHAKHARA hoga ye baat alag hai ki ise khakhre ke masale nahi dale kyoki wo to quality ki baat hai.
aapka sada hua joke yaha fit hota hai ki ek thele wala newspaper me fafda sale kar raha hai aur yahi fafda macdonalds ache se reper me pack kar ke de raha he aur me in dono ko alag alag naam de raha hu. fafd to fafda rahega chahe newspaper me ho ya raper me haa quality jarur thodi change ho sakti he aur me yaha quality ki hi baat kar raha hu. yaha is fafde ki quality change hone se ye fafde se besan paapdi ban gaya hai.....
slow mind logo ko kai exampale de de kar samjana padta hai ab aur exampal nahi de sakata thak gaya hu bye........ sweet good night..........
Mr. sharma I think jo receipe apne batai hai vo koi aur receipe ho sakti hai...kyun ki gujraat mein toh fafda ko aise hi banaya jaata hai aur jalebi ke saath khaya jaat hai.Aap ki receipe ka naam bhi alag hai aur taste bhi.(according to you)
aap ne ek joke suna hai??? Let me remind you.
Ek baar ek admi paas se ja rahe admi ko dekh kar kehta hai "Hello Ram kaise ho?""Tumne to apni shakal bilkul badal li hai"
Toh doosra admi kehta hai"par mera naam toh Mohan hai"
pehla admi"oh yaar tumne toh apna naam bhi badal liya hai"
Hope you understand.
निशा: बन्दना, पापड़ की तरह से आप इसे सूखाकर रखना चाहती हैं, रखा जा सकता है लेकिन वैसे ये तुरन्त बना कर ही तल कर खाये जाते हैं.
निशा: बन्दना, आप इसे काफी दिन तक रख सकती हैं.
निशा: स्वाति, आप फाफड़ा को स्टोर कर सकते हैं.
which is use to eat with fafada.
निशा: मिनिन्द, प्रैक्टिस कीजिये, जल्दी ही आप अच्छे फाफड़ा बना सकेंगे.
निशा: पदमजा, या तो उस बेसन में उतना ही बेसन और मिलाकर, अच्छी तरह गूथ लीजिये और फाफड़े बना लीजिये, या थोड़ा थोड़ा बेसन आप अपने चपाती बनाने के आटा में मिला कर उसे प्रयोग कर लीजिये.