बाकरवडी – Bhakarwadi Recipe

कुरकुरी, खस्ता बाकरवडी सभी को बेहद पसंद आती है. ये तल कर बनाई जातीं है लेकिन आप चाहें तो इसे ओवन में बेक करके भी बना सकते हैं.
इसे बनाकर हबाबन्द डिब्बों में रखकर एक माह तक प्रयोग कर सकते हैं. तो आईये आज बाकरवडी (Bakarwadi) बनायें
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आवश्यक सामग्री - Ingredients for Bhakarwadi
आटा लगाने के लिये
- बेसन - 100 ग्राम ( 1 कप )
- मैदा - 100 ग्रान ( 1 कप)
- तेल - 50 ग्राम (1/4 कप) आटे में डालने के लिये
- नमक - आधा छोटी चम्मच
- हल्दी पाउडर - 1/4 छोटी चम्मच
- अजवायन - आधा छोटी चम्मच
- तेल - बाकरवड़ी तलने के लिये
भरने के लिये मसाला
- तिल - 1 टेबल स्पून
- नारियल - 1 टेबल स्पून (कद्दूकस किया)
- खसखस - आधा टेबल स्पून
अदरक पाउडर - आधा छोटी चम्मच- लाल मिर्च पाउडर - 1/4 छोटी चम्मच
- गरम मसाला - आधा छोटी चम्मच
- जीरा पाउडर - 1 छोटी चम्मच
- धंनियां पाउडर - 1 छोटी चम्मच
- नमक - 3/4 छोटी चम्मच (स्वादानुसार)
- चीनी पाउडर - 2 छोटी चम्मच (स्वादानुसार)
- हरा धनियां - 1 टेबल स्पून (बारीक कतरा हुआ)
- इमली का पानी या नीबू का रस - 1 टेबल स्पून
विधि - How to make Bhakarwadi
मैदा और बेसन को किसी बर्तन में छान कर निकाल लीजिये. आटे में नमक, हल्दी पाउडर, अजवायन और तेल डालकर अच्छी तरह मिला लीजिये, पानी की सहायता से पूरी के आटे से भी सख्त आटा गूथिये. गुथे हुये आटे को आधा घंटे के लिये ढककर रख दीजिये.
भरावन तैयार कीजिये
तिल और खसखस को छोटी कढाई में डाल कर तिल चटकने तक भून लीजिये, कसा हुआ नारियल डालकर और थोड़ा सा भून लीजिये. भुने मसाले मिक्सर में डालिये और मोटा मोटा पीस लीजिये. अब सारे मसाले निकाल कर किसी प्लेट में रखिये और अच्छी तरह मिला लीजिये. मिक्स मसाले को चार भागों में बांट लीजिये.
गुथे हुये आटे को अच्छी तरह मसल कर चिकना कर लीजिये और चार भागों में बांटकर चार गोले बना लीजिये. एक गोले को चपाती की तरह 8-9 इंच के व्यास में गोल बेलिये. बेली गई इस चपाती के ऊपर इमली का पानी लगाइये और एक भाग मसाला डाल कर, बराबर करते हुये फैलाइये. चपाती को इस तरह चित्र की जैसे मोड़िये. पूरी तरह मोड़ने के बाद पानी की सहायता से किनारों को चिपका दीजिये.



इस मोड़े गये रोल से चाकू की सहायता से लगभग आधा इंच. लम्बे टुकड़े काट लीजिये और इन कटे हुये टुकड़े को प्लेट में रखिये. दूसरे गोले भी इसी तरह बेल कर बाकर बड़ी काट कर तैयार कर लीजिये. सारे गोले बेल कर इसी तरह काट कर तैयार कर लीजिये.
कढाई में तेल डाल कर गरम कीजिये और ये काटे गये टुकड़े गरम तेल में डालिये जितने कि एक बार में तले जा सके. मध्यम और धीमी आग पर बाकर बड़ी को ब्राउन होने तक तलिये. तली हुई बाकर बड़ी निकाल कर किसी प्लेट में रखिये. सारे टुकड़े इसी तरह तल कर निकाल लीजिये.
लीजिये बाकरवडी (Maharastrian Bakarwadi) तैयार हैं आप ताजी ताजी बाकरवडी अभी खाइये और ठंडी होने पर एअर टाइट कन्टेनर में भर कर रख लीजिये, जब भी आपका मन करे कन्टेनर से बाकर बड़ी निकालिये और महिने भर तक चाय के साथ खाइये.
विकल्प : बाकरवडी को आलू का मसाला बनाकर भी इसी तरह भरकर बनाया जाता है, लेकिन आलू कि बाकरवड़ी उसी दिन खाई जाती हैं उन्है आप भर कर अधिक दिन खाने के लिये नहीं रख सकते. आलू की बाकरवड़ी किसी पार्टी के लिये स्टार्टर में परोसने वाले खाने के लिये भी बना सकते हैं.
Bhakarwadi Recipe video
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निशा: बाकरवड़ी के लिये बेली हुई पूरी के ऊपर, इमली का पानी या नीबू का रस मसाला चिपकाने के लिये लगाया गया है, मसाला ज्यादा होने पर या न चिपकने पर मसाला बाकरवड़ी से बाहर निकल सकता है.बाकरवडी के ऊपर मसाला अच्छी तरह पचिपकायें.
निशा: आटा यदि ज्यादा नरम हो या तेज आग पर बाकरवड़ी तली जायें तो नरम हो सकती हैं, आप इन्है फिर से धीमी आग पर और तल कर क्रिस्पी कर सकती हैं.
Please for give same recipies in my email id
निशा: अजय जी, आप इन्हैं अच्छी तरह तल कर तैयार करेंगे तब आप इन्हैं 15-20 दिन तक रख कर यूज कर सकते हैं.
निशा: शिल्पा जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: शाफिका जी, आप सूखा नारियल ले लीजिये.
Thank u for all wonderful recipe.....
I made this it's amazing...
निशा: मेघा जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: दीप्ति जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: दिव्या जी, ज्यादा खस्ता होने का कारण आटे में घी या तेल का ज्यादा होना, आटे गूथते समय घी या तेल नाप कर डालें, ये आटे की मात्रा का चौथाई डाला जाता है लेकिन आटे को ग्राम में नापें, 200 ग्राम में 50 ग्राम घी या तेल डालना होता है, प्लीज ट्राई अगेन.
me jab bhi bhakharvdi or kachori banati hu tab upr ka pd narm ho jata he, skht nahi rheta isliye jyada din tak nahi rakh pati me
निशा: अंकिता जी, कचौरी और भाखरवड़ी को धीमी आग पर, देर तक अच्छा गोल्डन ब्राउन होने तक तलेंगे तब ये बहुत ही क्रिस्पी बनेंगी और इन्हैं काफी दिनों तक रख कर खाया जा सकता है.
निशा: रतना जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: संपदा जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: किरन जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: ज्योती जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: अलका जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
mene ky jyada dala....
plz rply me..
ye recipe maine follow ki. bahot testy bhakarwadi bani aur sbko bahot pasand aae.
निशा: राधा जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: आपको भी बहुत बहुत धन्यवाद कल्पना जी.
निशा: शालीनी जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
Mene bhakarwadi banayi tab to kurkuri thi lekin next day usme kurkurapan nahi raha naram ho gayi aisa kyon hua hogA?
निशा: कविता जी, बाकरवडी ठंडी होने पर एअर टाइट कन्टेनर में भर कर रखना जरूरी होता है. अगर उसमें नमी जाएगी तो वह मुलायम हो जाती है.
thank u..
निशा: राधा जी, आपका बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: आरती जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
Nishaji I follows ur bhakarwadi recipe its very simple. And taste plz send me chakalies recipe for diwali purpose. Thk
very good
Very easy receipe...thanks for bakarvadi receipe...
निशा: शिवप्रिया जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
i try my bhakarwadi, it is a very good prepare. but some problem it is not crispy. What to do. it is melted for eating.
give some suggestion.
thank you
pratima.
Thank you Nishaji..