टाटरी | Tartaric | Citric Acid | Nimboo Na Phool | Tatri

📅 23 सितंबर 2017 👁 3.6 लाख बार देखी गई 💬 3 कमेंट ★ 3.2 (365)

टाटरी (Tatri) क्या होता है?
टाटरी (Tatri) एक टार्ट युक्त पदार्थ है अर्थात खट्टा पदार्थ है. टाटरी को खट्टे फलों के रस द्वारा निर्मित किया जाता है. इसे बनाने के लिए रासायनिक प्रक्रिया द्वारा क्रिस्टल और पाउडर का रूप दिया जाता है. जिसके बाद इसे खाद्य पदार्थ बनाने और खाद्य पदार्थों को लम्बे समय तक बेहतर बनाए रखने में उपयोग किया जाता है. इसलिए इसे एक अच्छा प्रिजर्वेटिव भी माना जाता है.

टाटरी एक नेचुरली मिलने वाला कंपाउंड है, जोकि बहुत सारे खट्टे फलों में पाया जाता है जैसे कि नींबू, संतरा इत्यादि. इसका ज्यादातर खाद्य और पेय पदार्थों में फ्लेवर या प्रिजर्वेटिव की तरह उपयोग होता है.

टाटरी के अन्य नाम
टाटरी को नींबू का फूल भी कहा जाता है. सिटरिक एसिड (Citric Acid), लेमन साल्ट (lemon salt), सार साल्ट (Sour Salt) गुजराती में नींबू ना फूल, नींबू का सत्त भी कहा जाता है, इसके अतिरिक्त, टार्टरिक (tartaric) भी बोला जाता है.

टाटरी दिखती कैसी है?
टाटरी मुख्य रूप से क्रिस्टल की तरह रंग मुक्त दिखाई देता है. यह आपको दानेदार और पाउडर दोनों ही रूप में प्राप्त हो सकता है. इसका कोई अपना खास स्वाद नहीं होता है, साथ ही सुंगध से मुक्त होता है.

टाटरी का उपयोग कैसे करें?
अगर आपके पास टाटरी क्रिस्टल जैसा हो तो इसे किसी भी खाद्य पदार्थ में उपयोग करने से पहले हल्के गुनगुने पानी में डाल कर अच्छे से घुलने तक मिक्स करें. वहीं अगर आप टाटरी पाउडर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसे अलग से पानी में मिलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती है. यह आसानी से खाद्यपदार्थ में मिक्स हो जाता है.

टाटरी के फायदे
टाटरी में विटामिन सी (Vitamin- C) भरपूर मात्रा में पाया जाता है. साथ ही यह एक अच्छा एन्टी आक्सिडेन्ट भी है और किडनी के लिए लाभप्रद है. शरीर में मिनरल्स को एब्जार्ब करने में मदद करता है. गले से संबंधित संक्रमण जैसे कि टाँसिल की समस्या में यदि इसके पानी से गरारे किए जाएं तो यह इन्फेक्शन को दूर करने में मदद करता है. यह शरीर में गैस से संबंधित समस्याओं को भी नियंत्रित करने में सहायक होता है.

टाटरी का खाने में उपयोग
टाटरी को दैनिक प्रयोग में होने वाली रेसिपी जैसे कि ढोकला, नमकीन, छैना या पनीर बनाने के लिए, शर्बत में, चाट मसाले में उपयोग किया जा सकता है. टाटरी को प्रिजर्वेटिव के रूप में जैम, कैन्डीज़, जैली में भी उपयोग किया जाता है. टाटरी को ढोकला, पनीर, गोल गप्पे का पानी इत्यादि बनाने में नींबू के रस के बदले भी उपयोग किया जाता है.

टाटरी कहां से मिलेगी और इसे स्टोर कैसे करें?
टाटरी किसी भी किराना स्टोर पर आसानी से उपलब्ध है. आप इसे अॉनलाइन भी खरीद सकते हैं. टाटरी को किसी भी एअर टाइट कन्टेनर में भरकर रखें ताकि इसमें नमी ना आ सके.

रेसिपीज़ में टाटरी का उपयोग
ढोकला
पनीर
चाट मसाला

टोफू

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कमेंट (3)

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samir
tatry matlm nibu ka ful
NishaMadhulika
samir , जी यह नींबू का फूल कहलाता है.
rajesh
tatri ko tomato soup me use kar sakte hain

निशा: राजेश जी, टमाटर का सूप तो खटास लिए ही होता है ऎसे में इसमें टाटरी यूज करने की आवश्यकता नहीं होती.