कटहल का अचार - Kathal Achar – Jackfruit Pickle Recipe

खाने के साथ अचार और चटनी तो आपको अच्छी लगती हीं होंगी. इस समय बाजार में कच्चा कटहल मिल रहा है. आईये आज कटहल का अचार (Kathal Pickle Recipe- Jackfruit Pickle Recipe) बनाते हैं
कटहल का अचार बनाने के लिये एकदम कच्चा कटहल लीजिये
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आवश्यक सामग्री - Ingredients for Kathal Pickle
- कटहल - 500 ग्राम
- सरसों का तेल - 1 कप
- पीली सरसों - 3 टेबल स्पून
- अदरक पाउडर - 1 छोटी चम्मच
- नमक - 1.5 छोटी चम्मच
- सौंफ पाउडर - 2 छोटी चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर - 1/2 छोटी चम्मच
- हल्दी पाउडर - 1 छोटी चम्मच
- हींग - 1/4 छोटी चम्मच से कम
- अजवायन - 1 छोटी चम्मच
- मेथी के दाने -2 छोटी चम्मच
- जीरा - 2 छोटी चम्मच
- काली मिर्च - 1 छोटी चम्मच
- काला नमक - 1 छोटी चम्मच
विधि - How to make Kathal Pickle
कटहल कच्चा और सफेद वैराइटी का लीजिये, इसको दुकानदार से ही छिलवा कर लाइये.
कटहल को काटने के लिए हाथों पर तेल चुपड़ कर कटहल के बीजों से छिलके हटाते हुये 1-1 इंच के टुकड़ों में काट लीजिये.
कटहल भाप में पकाइए
कटहल के टुकड़ों को कुकर में भाप में उबाल लीजिये. इसके लिए एक बड़े बर्तन में एक गिलास पानी डालिये और इसके अंदर एक स्टेन्ड रखिए और बर्तन को ढककर गैस अॉन कर दीजिए और पानी में उबाल आने दीजिए. अब एक ऎसा बर्तन ले लीजिए जोकि इस बड़े बर्तन में आ जाए. इस बर्तन में कटहल के टुकड़े भर लीजिए.
पानी में भाप बनते ही, कटहल भरे बर्तन को स्टेन्ड के ऊपर रखिए और बर्तन को ढककर कटहल के नरम होने तक पकने दीजिए. बीच-बीच में इसे चैक कर लीजिए.
इसी बीच साबुत मसालों को पीसकर तैयार कर लीजिए.
12 मिनिट बाद में. कटहल को चैक कीजिए, कटहल हल्के नर हो गए हैं. इन्हें 3 से 4 मिनिट और भाप में पकने दीजिए. इसके बाद, इन्हें फिर से चैक करके, गैस बंद कर दीजिए और बड़े बरतन से कटहल वाला बरतन बाहर निकाल कर रख दीजिए.
अचार बनाइए
पैन में तेल डालकर अच्छे से गरम कीजिये. तेल के गरम होने पर गैस को धीमा कर दीजिए और पैन में हल्दी पाउडर, हींग और कटहल डालकर अच्छी तरह 2 मिनिट लगातार चलाते हुए मिक्स कर लीजिए.
गैस बंद कर दीजिए और कटहल में पिसे हुए मसाले, लाल मिर्च पाउडर, सौंफ पाउडर, नमक, अदरक पाउडर और काला नमक डाल दीजिए. सारी चीजों को अच्छे से मिलने तक मिक्स कर दीजिए. कटहल का अचार बनकर तैयार है, इसे प्याले में निकाल लीजिए.
आप चाहें तो अचार को अभी खा सकते हैं लेकिन अचार का असली स्वाद 4 दिन बाद मिलेगा जब अचार में सारे मसाले अच्छे से ज़ज़्ब हो जाएंगे और अचार अच्छे से खट्टा भी हो जाएगा.
कटहल के स्वादिष्ट अचार को आप चपाती, परांठे, पूरी, चावल, खिचडी़ या जिसके साथ भी खाना चाहें खा सकते हैं. अचार के पूरी तरह से ठंडा होने पर इसे किसी कांच के कन्टेनर मे भर कर रख लीजिये और 1 माह तक इसके स्वाद का मज़ा लीजिए. अगर आप इसे ज्यादा दिन तक उपयोग करना चाहें तो कन्टेनर में इतना तेल डाल दें कि अचार तेल में डूबा रहे. तेल में पूरी तरह से डूबे रखे इस अचार का सेवन 6 महीने तक किया जा सकता है.
सुझाव
आप चाहें तो कटहल को नमक वाले पानी में डाल कर उबाल कर भी बना सकते हैं. कटहल को उबाल लेने के बाद इसका पानी निकाल लें. बाद में, इसे सूखे कपड़े पर डालकर धूप में 2-3 घंटे सूखने के लिए रख दीजिए और अचार तैयार कर लीजिए.
अचार में किसी भी प्रकार की नमी नहीं आनी चाहिए. अचार बनाने के लिए जो भी बरतनों का उपयोग कर रहे हों उसे पहले उबलते पानी से धोएं और धूप में अच्छी तरह सुखा लें. इसमें किसी भी तरह की नमी ना हो. अचार को हमेशा सूखे और साफ चमचे से निकालिये.
कमेंट (84)
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kalthal ko ubalnw k bad uska pani sukha lenge dhoop mein dalkr ya aise ho masala lagayenge
Mai lambe samay se aapke website se help lete huwe alag-alag tarah k dishes banati rehti hun. Iske liye aapka bahut-bahut Dhanyawad.
Mamta Kumari Santoshi,
Chas, Bokaro (Jharkhand)
निशा: अंजली जी हां अवश्य किया जा सकता है.
aapki koi book yadi is mamle me shayog kar sake to achha hoga kya aap mujhe margdarshan kar sakti hai
निशा: अनीता जी आप सही सोच रही हैं, एसा किया जा सकता है, आप मेरी वेबसाइट और वीडियो से इन्हैं बनाने का तरीका देख सकती है, मेरी कोई बुक नहीं है.
निशा: पुष्पा जी, अचार में थोड़ा तेल और मसाले मिलाये जा सकते हैं, वे हींग को एडजैस्ट कर लेंगे या थोड़ा और कटहल लीजिये अलग से उसका अचार बनायें, हींग न डालें और अचार बनने के बाद उसे मिला दीजिये, हींग एडजैस्ट हो जायेगी.
निशा: अनीता जी, 500 ग्राम कटहल का अचार बनाने के लिये 2 टेबल स्पून सिरका मिला दीजिये, अचार बहुत दिन तक अच्छे रहते हैं.
निशा: डा. राजीव जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: सोनल, सरसों के तेल में अचार जिस तरह बनाया है उसी तरह बनाइये और अचार बनने पर सिरका डालकर मिला दीजिये.
निशा: सोनल, इसी अचार में सिरका डालकर आप इसे सिरका वाला अचार कह सकती हैं, धन्यवाद.
निशा, दीपा, आपको भी मेरा बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: प्रवेश जी अचार में प्रजरवेटिव एसीटिक एसिड या सोडियम बेन्जोऎट एक छोटी चम्मच मिला दीजिये, अचार काफी समय तक रखे रहते है.
निशा: हर्षा, अचार को अच्छा रखने के लिये या तो अचार तेल में डूबा रहे या उसमें प्रिजरवेटिब मिलाया जाय बाजार के अचार में प्रिजरटेब मिला होने के कारण अचार अच्छा रहता है.
निशा: सोनल, बीज अलग करके बीज से सब्जी बनाई जा सकती है, रैसिपी वेबसाइट पर दी हुई है. पल्प से हलवा बनाया जाता है, प्यूरी बनाकर फ्रीजर में रख सकते हैं.
निशा: शिवानी, कटहल के अचार को पैन में डालकर थोड़ा नरम होने तक पका लीजिये.
निशा: हरविन्दर जी, हाँ डाल सकते हैं.
निशा: लक्ष्मी, अगर आप अचार में लहसन डालना चाहती हैं तो अवश्य डालिये, लेकिन लहसुन के पेस्ट को तेल में भून कर डालिये.