आंवले का अचार Amla Pickle Recipe

Amla (Gooseberry) Pickle Recipe, Amla Achar Receipe . आंवला अचार, चटनी या मुरब्बा किसी भी रूप में यह स्वास्थ्य के लिये बहुत लाभकारी है. इसमें आइरन और विटामिन C प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. आज हम आंवले का अचार (Amala Pickle) बनायें.
Read - Amla Pickle Recipe In English
आवश्यक सामग्री - Ingredients for Pickle
- आंवले - 500 ग्राम
- सरसों का तेल - 200 ग्राम
- हीग - 1/4 छोटी चम्मच (पिसी हुई)
- मैंथी के दाने - 2 छोटी चम्मच
- अजवायन - 1 छोटी चम्मच
- नमक - 50 ग्राम (4 छोटे चम्मच)
- हल्दी पाउडर - 2 छोटे चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर - 1 छोटा चम्मच से कम
- पीली सरसों - 4 छोटे चम्मच (मोटी मोटी पिसी हुई)
- सोंफ पाउडर - 2 छोटे चम्मच
विधि - How to make Amla Pickle Recipe
अचार के लिये अच्छी किस्म के आंवले लीजिये. आंवले को साफ पानी से धोइये. किसी बर्तन में आंवले डाल दीजिये और 1 1/2 कप पानी डाल दीजिये, उबाल आने के बाद, धीमी गैस पर इतने नरम होने तक पकने दीजिये कि इनकी फाके की जा सकें, गैस बन्द कर दीजिये.
आंवले से पानी हटा दीजिये, ठंडा होने के बाद उनके फाकें अलग कर लीजिये, गुठली निकाल कर अलग कर दीजिये.
कढ़ाई में तेल डाल कर गरम कीजिये. तेल अच्छी तरह गरम हो जाय. गैस बन्द कर दीजिये. हींग और मैथी के दाने, अजवायन डाल दीजिये. 1-2 बार चमचे से चला कर भूनिये, हल्दी पाउडर, सोंफ पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, पीली सरसों ओर नमक डाल कर मसाले को चमचे से मिला दीजिये. इस मसाले में आंवले डालिये. मसाला और आंवले अच्छी तरह मिला दीजिये. आंवले का अचार तैयार है.
अचार को ठंडा होने के बाद किसी भी कांच के कन्टेनर में भर दीजिये. 3-4 दिन तक हर रोज आंवले के अचार को साफ और सूखे चमचे से ऊपर नीचे कर दें. आंवले के अचार को आप पहले दिन से ही खा सकते हैं, लेकिन चार दिन में सारे मसाले आंवले के अन्दर तक चले जायेंगे, मसालों का स्वाद भी बढ़ जायेगा. अचार अधिक स्वादिष्ट लगेगा. अचार को लम्बे समय तक रखने के लिये, आंवले तेल में डुबे रहना चाहिये.
आंवले का अचार बहुत ही स्वादिष्ट बना है. साल भर तक अपने खाने के साथ आंवले के अचार को कभी भी निकालिये और खाइये.
सुझाव:अचार बनाते समय जो भी बर्तन स्तेमाल करें, वे सब सूखे और साफ हों, अचार में किसी तरह की नमी और गन्दगी नहीं जानी चाहिये.
अचार के लिये कन्टेनर कांच या प्लास्टिक को हो, कन्टेनर को उबलते पानी से धोइये और धूप में अच्छी तरह सुखा लीजिये. कन्टेनर को ओवन में भी सुखाया जा सकता है.
जब भी अचार कन्टेनर से निकालें, साफ और सूखे चम्मच का प्रयोग कीजिये. हफ्ते में 1 बार अचार को चमचे से चलाकर ऊपर नीचे कर दीजिये.
अगर धूप है, तब अचार को 3 महिने में 1 दिन के लिये धूप में रख दीजिये, अचार बहुत दिन तक चलते हैं और स्वादिष्ट भी रहते हैं.
कमेंट (229)
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निशा, नेहा जी हां आंवले निकला जूस अचार में डाला जा सकता है.
निशा: प्रिन्सी, आंवले का अचार काला हो जाता है, लेकिन ये अचार खराब नहीं हैं.
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निशा: गीत, अचार खतम होने के बाद उस मसाले को सब्जी में डाल कर या परांठे बनाकर खतम कर दीजिये, उस मसाले से दूसरा अचार बनाना ठीक नहीं है.
निशा: अरुना, उसकी आवश्यकता नहीं है, अगर आप पसन्द करती हैं तो ये मसाले डाल सकती हैं.
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thank you.
निशा: अरुना जी, अचार सरसों के तेल में अच्छे लगते हैं या फिर तिल के तेल में अचार बहुत अच्छे लगते हैं.
निशा: विनीता, आप किस चीच के पापड़ की कह रहे हैं, प्लीज उसे बतायें.
निशा: स्वीटी अचार में पानी तो होना नहीं चाहिये, अचार को 2 -3 दिन धूप में रख दीजिये. अचार में सीट्रिक एसिड या सोडियम बेन्जोएट की आधा छोटी चम्मच डालकर मिला दीजिये, अचार बहुत दिनों तक खराब नहीं होता.