नींबू का तुरत फुरत अचार - Instant Lemon Pickle Recipe - Instant Nimboo ka achar - Spicy Lemon Pickle

पारम्परिक रूप से नीबू का अचार 20-25 दिन में बनकर तैयार होता है, लेकिन नींबू का अचार थोड़ी मात्रा में बनाना हो तो नीबू का अचार तुरत फुरत भी बनाया जा सकता है.
Read - Instant Lemon Pickle Recipe - Instant Nimboo ka achar Recipe In English
आवश्यक सामग्री - Ingredients for instant lemon pickle
- नींबू - 8 (250 ग्राम )
- सरसों का तेल - ¼ कप
- नमक - 1.5 टेबल स्पून (30 ग्राम)
- हल्दी पाउडर - ½ छोटी चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर - ½ छोटी चम्मच
- काली मिर्च - ½ छोटी चम्मच
- राई - ½ छोटी चम्मच
- कलौंजी - ½ छोटी चम्मच
- हींग - 2-3 पिंच
विधि - How to make instant nimbu pickle
एक बर्तन में 2-3 कप पानी उबालने के लिए रख दीजिए. पानी में उबाल आने पर गैस धीमा कर दीजिए और नींबूओं को पानी में डाल दीजिए. नींबूओं को 10 मिनिट धीमी आंच पर उबलने दीजिए. 10 मिनिट बाद नींबूओं को पानी से निकाल कर प्लेट में रख लीजिए और ठंडा होने दीजिए.
नींबू के ठंडा होने पर इन्हें काट कर प्याले में रखते जाएं, बीज निकाल कर अलग कर दीजिये, अब कटे हुए नींबू के टुकड़ों में नमक, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर डालकर सभी इन्ग्रेडिएन्ट्स को अच्छे से मिला दीजिए.
साबुत काली मिर्च को दरदरा कूट कर, डाल कर मिला दीजिए.
पैन में तेल डालकर गरम कीजिए. तेल के गरम होने पर गैस धीमा कर दीजिए और गरम तेल में राई डालकर भूनें, राई तड़कने पर कलौंजी, हींग डाल कर गैस बंद कर दीजिए. मसाले को थोडा़-थोडा़ नींबू में डालकर मिला दीजिए.

नींबू का अचार बनकर तैयार है, अचार को 3-4 दिन धूप में या कमरे में ही रहने दीजिए और दिन में 1-2 बार अचार को चलाकर ऊपर नीचे कर दीजिये ताकि मसाले अच्छे से अचार में मिल जाएं. इसे तुरंत खाया जा सकता है. लेकिन तीन-चार दिन के अन्दर सारा मसाला नींबू के अन्दर अच्छी तरह पहुंच जाता है. अचार को हमेशा सूखे और साफ चमचे से निकालिये, यह अचार 1 साल तक चलता है.
सुझाव
- अचार के लिये कन्टेनर कांच या प्लास्टिक का हो, कन्टेनर को उबलते पानी से धोइये और धूप में अच्छी तरह सुखा लीजिये. कन्टेनर को ओवन में भी सुखाया जा सकता है.
- जब भी अचार कन्टेनर से निकालें, साफ और सूखे चम्मच का प्रयोग कीजिये.
Instant Lemon Pickle Recipe - Instant Nimboo ka achar - Spicy Lemon Pickle
कमेंट (42)
नये कमेंट अभी बंद हैं। पुराने सवाल-जवाब नीचे पढ़ सकते हैं।
Khaya nahi ja rahahai batayo kya Karun.
निशा: मलिक जी, आप इसमें थोडी चीनी डाल कर मिक्स कर लीजिए इससे इसकी खटास कुछ कम होगी.
निशा: ब्रजमोहन जी, अचार में एसीटिक एसिड डालने या सिरका मिलाने से अचार खराब नहीं होते.
निशा: पदमावती जी, मैं कमेन्ट के व्दारा ही बात कर पाती हूँ.
Yeh recipe bohot acchi hai aur
Me nimbu ka achaar banana chahti hu.
Kya abhi iss mausam me yeh banaya ja sakta hai.
Thanks Nisha ji
निशा: अर्पिता जी, बना सकती हैं.
निशा: अमर जी, उपयोग कर सकते हैं.
निशा: आरती जी, डाल सकते हैं.
निशा: भावना जी, ये नींबू का अचार है तो खट्टा चटपटा तो होगा ही लेकिन कड़वा नहीं होगा.
निशा: पूजा जी, मेरे वेबसाइट पर सादा नीबू का अचार, नीबू मसाले वाले, या नीबू का मीठा अचार दिये गये हैं, कोई भी अचार बना सकती हैं, इस इस्टेंट नींबू अचार को भी बारीश के मौसम में बना कर खा सकती हैं.
निशा: नीलू जी, ,बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: इसे हिंदी में हींग कहते हैं. तड़का लगाने के लिए और खुशबू के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है.
निशा: सुरभी जी नीबू को उबालते समय आग धीमी रखी जाती है, नीबू अधिक नरम हो गये हैं, आप उनका अचार तो इसी तरह से बना सकती हैं.
निशा: प्रतिभा जी, कुछ किस्म के नींबू के छिलकों में कड़वाहट होती है. अब आप इस अचार को खाकर खत्म कर दीजिए. अगली बार, नींबू खरीदते समय ध्यान रखें कि नींबू पतले छिल्के वाले, पीले और चमकदार हो.
निशा: दीपक जी, कुछ वैरायटी के नीबू कढ़वे छिलके वाले होते हैं, इस लिये इस अचार में कढ़वा स्वाद आता है, इसे खा कर खतम कर दीजिये, अब आप नीबू खरीदते समय ध्यान रखें कि नीबू का छिलका चमकदार और पतला हो ऎसे नीबू अचार के लिये अच्छे होते हैं.
निशा: प्रतिभा जी, धन्यवाद.
निशा: कौशल जी, धन्यवाद.
Hain .
निशा: सोनक जी, इन्हें बिना काटे, साबुत ही उबाला जाता है.
निशा: इन्द्रा जी, आप किसी भी प्रकार की राई का इस्तेमाल कर सकती हैं.
To kayse ??
निशा: संतोष जी, आप डालना चाहे तो डाल सकते हैं, अच्छी लगेंगी.
निशा: सुजाता जी, अचार के लिए सरसों का तेल अच्छा रहता है, तिल का तेल भी यूज किया जा सकता है.
jab garam tel mai rai heeng aur masale dale jate hain to jal jate hain ya test kharab kar dete hain.Kaya karoon.
निशा: आयशा जी, एकदम गरम तेल में राई और हींग मत डालिए. गैस को धीमी करके फिर राई औरे हींग डालिए.
निशा: अमृ्ता जी, आपको भी मेरी ओर से बहुत-बहुत धन्यवाद.
निशा: रविन्द्र जी, आपको भी मेरी ओर से बहुत-बहुत धन्यवाद.
निशा: अमृ्ता जी, आप इसे कमरे भी रख सकती हैं, बस दिन में 1-2 बार अचार को चलाकर ऊपर नीचे कर दीजिये ताकि मसाले अच्छे से अचार में मिल जाएं
मैम मैं लाल मिर्च नहीं खाता और आपकी मैंने जितने भी रेस्पी के video देखे है उसमें लाल मिर्च का ज्यादा यूज़ है निशा मैम आप plese मुझे हरे मिर्च के उपयोग बातये
ध्न्यवाद
निशा: ताज जी, आप लाल मिर्च खाना नही पसंद करते तो, हरी मिर्च का इस्तेमाल भी कर सकते हैं.
निशा: पुष्पा जी, बहुत-बहुत धन्यवाद.