साबुत लसोड़े का अचार – Gunda Pickle – Glutinous Fruit Pickle

साबुत लसोड़े का अचार (Gunda Pickle) दो तरीके से बनाया जाता हैं, एक तो बिना मसाले का और दूसरा मसाले के साथ, बिना मसाले के लसोड़े बच्चों को बहुत पसन्द आते हैं लेकिन मसाले वाले लसोड़े भी बड़े स्वादिष्ट होते हैं. लसोड़े का अचार (Lasodaa Achar) तो मेरे घर में सबको बहुत ज्यादा पसन्द है.
आइये साबुत लसोड़े का अचार (Sabut Lasoore Pickle) बनाना शुरू करते हैं.
Read - Gunda Pickle – Glutinous Fruit Pickle Recipe In English
आवश्यक सामग्री - Ingredients for Lasoore Pickle
- लसोड़े (Gunda) - 1/2 कि.ग्रा.
- हल्दी पाउडर - 1 छोटी चम्मच
- राई या पीली सरसों - 2 टेबल स्पून (दरदरी पिसी हुई)
- नमक - 1 1/2 छोटी चम्मच (स्वादानुसार)
- लाल मिर्च पाउडर - 1/4 छोटी चम्मच
- सरसों का तेल - 2 टेबल स्पून
- हींग - 1 पिंच
विधि - How to make Lasoore Pickle
लसोड़े को डंठल से तोड़ लीजिये, अच्छी तरह धोइये. किसी बर्तन में इतना पानी लेकर उबालने के लिये रखिये कि लसोड़े पानी में अच्छी तरह डूब सके. पानी में उबाल आने के बाद लसोड़े पानी में डाल दीजिये और फिर से पानी में उबाल आने के बाद 3-4 मिनिट तक लसोड़े उबलने दीजिये. आग बन्द कर दीजिये और लसोड़े ढक कर रख दीजिये. ठंडा होने पर लसोड़े से सारा पानी निकाल दीजिये.
अब इन लसोड़े को पहले हम पानी में डाल कर लसोड़े की कांजी बनायेंगे. कांजी बनाने के लिये 1 लीटर पानी उबाल कर ठंडा कर लीजिये. उबले हुये लसोड़े कांच या प्लास्टिक के सूखे साफ कन्टेनर में डाल दीजिये, एक छोटी चम्मच हल्दी पाउडर, 2 छोटी चम्मच नमक और 1/4 लाल मिर्च पाउडर, पीली सरसों और सरसों का तेल मिला दीजिये. इस मसाले मिले लसोड़े में ठंडा किया हुआ पानी भी मिला दीजिये. चमचे से चलाइये और ढक्कन लगाकर रख दीजिये. 3-4 दिन में ये लसोड़े की खट्टी कांजी बन कर तैयार हो जाती है. लसोड़े की कांजी को रोजाना एक बार साफ सूखे चमचे से चला दीजिये( अचार बनाते समय सफाई का ध्यान रखा जाय तो अचार अधिक दिन तक खाये जा सकते है).
लसोड़े की कांजी (Lasoore Kanji) हम पी सकते हैं या फिर चपाती, परांठे के साथ खा सकते हैं. लसोड़े जो कांजी में 15 दिन के अन्दर खट्टे और पीले हो गये होते हैं और उनके अन्दर की गुठली का चिपचिपापन खतम हो गया होता है, इन लसोड़े को आप एक बर्तन में अलग निकाल लीजिये और कांजी अलग रख लीजिये.
ये साबुत लसोड़ों को आप खा तो सकते ही हैं, इन्हैं तेल में डुबा कर रखें तो ये साबुत लसोड़े का अचार (Lasoda Pickle) साल से भी ज्यादा रख कर खाया जा सकता है.
ये लसोड़े साफ सूखे कन्टेनर में डालिये, सरसों का तेल गरम कीजिये ठंडा कीजिये और लसोड़े में डाल कर, लसोड़े तेल में डूबे रख दीजिये. जब भी आपका मन करे ये साबुत लसोड़े का अचार (Lasoora Achar - Glutinous Fruit Pickle) कन्टेनर से निकालिये और खाइये.
लसोड़े मसाले वाले - How to Make Spicy Lasoore Pickle
मसाले वाले लसोड़े (Spicy Lasore Pickle) बनाने के लिये लसोड़ों में मसाला बना कर मिला दिया जाता है.
1-2 हरे कच्चे आम लीजिये, आम को छीलिये और गूदे को निकाल कर पीस लीजिये.
टेबल स्पून नमक, एक छोटी चम्मच हल्दी पाउडर, 2 टेबल स्पून मैथी दाना, 2 टेबल स्पून पीली सरसों, 2 छोटी चम्मच अजवायन, 1 छोटी चम्मच लाल मिर्च और एक चौथाई छोटी चम्मच हींग. साबुत मसाले अच्छी तरह साफ करके दरदरे पीस लीजिये. आप चाहें तो 8-10 लाल मिर्च साबुत भी ले सकते हैं जो मसाले के साथ खट्टी होजाती हैं और बड़ी स्वादिष्ट लगती हैं.
स्टील की कढ़ाई में आधा कप सरसों का तेल डाल कर अच्छी तरह गरम कीजिये. आग बन्द कर दीजिये. तेल को थोड़ ठंडा होने दीजिये, तेल जब हल्का गरम रह जाय तब हम आम का गूदा तेल में डालेंगे, हींग, हल्दी पाउडर फिर सारे मसाले डाल कर अच्छी तरह मिला दीजिये. लसोड़े में मिलाने के लिये मसाला तैयार है.

इसी मसाले में लसोड़े डाल कर मिला दीजिये. मसाले वाले साबुत लसोड़े का अचार बन कर तैयार है.
अच्छी तरह ठंडे होने पर ये लसोड़े किसी साफ सूखे कांच या प्लास्टिक के कन्टेनर में भर कर रखिये. ये साबुत लसोड़े के अचार (Spicy Lasoore Pickle - Spicy Gunda Pickle) को साल भर अच्छा रखने के लिये तेल में डुबा कर रखिये.
सुझाव: अचार बनाते समय जो भी बर्तन स्तेमाल करें, वे सब सूखे और साफ हों, अचार में किसी तरह की नमी और गन्दगी नहीं जानी चाहिये.
अचार के लिये कन्टेनर कांच या प्लास्टिक को हो, कन्टेनर को उबलते पानी से धोइये और धूप में अच्छी तरह सुखा लीजिये. कन्टेनर को ओवन में भी सुखाया जा सकता है.
जब भी अचार कन्टेनर से निकालें, साफ और सूखे चम्मच का प्रयोग कीजिये. हफ्ते में 1 बार अचार को चमचे से चलाकर ऊपर नीचे कर दीजिये.
अगर धूप है, तब अचार को 3 महिने में 1 दिन के लिये धूप में रख दीजिये, अचार बहुत दिन तक चलते हैं और स्वादिष्ट भी रहते हैं.
Gunda Pickle video in Hindi
कमेंट (48)
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Mai chandigarh garh me rahti hu ye lasuda fruit yaha nahi milta h kaha se milega ye lasuda
निशा: उर्मिला जी, आप नहीं चाहें तो अजवायन नहीं डालें.
निशा: बहुत बहुत धन्यवाद, आप ये रेसिपी बनाएं और अपने अनुभव हमारे साथ जरूर शेयर कीजिए.
Please reply.......Thanks
निशा:मीत जी, लसोड़े का अचार लसोड़े को उबाल कर बनाया जाता है, ज्यादा अच्छा बनता है.
निशा: रुचि जी, आप सही कह रही हैं, अधिक गरमी में एसा हो सकता है, लसोड़े को एक सप्ताह तक कांजी में रखें, घुटलियां अलग होने लगें अचार बना लें,
निशा: उमा जी, ये अचार लसोड़े खरीद कर आप स्वयं बना सकते हैं.
aap our nayi recipies Kab tak la rhe he
our kya la rhe he
निशा: जीवन जी,आप मेरी वेबसाइट और यूट्यूब चैनल पर जाकर नई रैसिपी देख सकते हैं.
निशा: मीरा जी, आपको भी बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: मीना जी, उसमें आप तेल को एसे ही डाल सकती हैं.
निशा: स्वेता जी, इसे धूप में रखने की आवश्यकता नहीं है.
निशा: राजकुमारी जी, या अचार में विनेगर और तेल मिलायें, किसी भी प्रकार की नमी न जाने दें, अचार खराब नहीं होंगे.
निशा: कुनवर जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: सुप्रिता, जी हां इस तरह भी डायरेक्ट कच्चा आम और लिसोड़े में मसाला डालकर भी अचार बनाया जा सकता है. दोंनो तरह के अचार अलग अलग स्वाद में बहुत ही अच्छे बनते हैं.
निशा: रशीदा, धन्यवाद.
निशा: दीपा, लोसोड़ों का लेस खतम होने में 10-12 दिन लग जाते हैं, लिसोड़े की कांजी अभी खट्टी हो जानी चाहिये और कांजी को खाया जा सकता है, लिसोड़े नहीं खाये जा सकते है, लिसोड़े अभी मत खाइये, 12 दिन के बाद लिसोड़े खा सकते हैं और उन्है मसाला मिलाकर तेल मसाले वाला अचार बना कर रख लीजिये, बहुत ही स्वादिष्ट अचार लगता है, धन्यवाद.
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निशा: कोमल, जी हां मैं सब्जी बनाने की रैसिपी भी लिख दूंगी.