सिघाड़े या कूटू के आटे की कचौड़ी – Kuttu Ki Kachori Recipe – Singhare ki Kachori

नवरारत्रि व्रत चल रहे हैं, व्रत में खाने के लिये नये नये व्यंजन हों तो खाने का मजा ही कुछ और है, यदि आप व्रत का खाना खाने के लिये किसी मेहमान को बुला रहे हों तो कुछ नये तरीके से बना लिया जाय तो अच्छा लगेगा. आइये आज हम सिघाड़े के आटे से कचौड़ियां बनायें.
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आवश्यक सामग्री - Ingredients for Kuttu Ki Kachori or Singhare ki Kachori
- सिघाड़े (या कुटू) का आटा - 200 ग्राम या एक कप
- आलू - 4 उबले हुये
- हरी मिर्च - 1 (बारीक कतर लीजिये)
- अदरक - एक इंच लम्बा टुकड़ा (कद्दूकस किया हुआ)
- काली मिर्च - एक चौथाई छोटी चम्मच
- अमचूर - एक चौथाई छोटी चम्मच (यदि आप चाहें)
- सैदा नमक - एक छोटी चम्मच
- तेल या घी - तलने के लिये
विधि How to make Kuttu Ki Kachori - Singhare ki Kachori
सिघाड़े का आटा छानिये, थोड़ा सा नमक और दो छोटी चम्मच तेल डाल कर नरम गूथ लीजिये.
आलू को छीलिये, बारीक तोड़िये, हरी मिर्च, अदरक, काली मिर्च, अमचूर पाउडर और आधा छोटी चम्मच सैदा नमक डाल कर अच्छी तरह मिला लीजिये, कचौड़ी के अन्दर भरने के लिये पिठ्ठी तैयार है.
कढ़ाई में तेल या घी डाल कर गरम कीजिये, आटे से थोड़ा सा आटा तोड़िये, गोल कीजिये, दबा कर हथेली पर उंगलियों के सहारे से बड़ा कर लीजिये. बीच में एक छोटी चम्मच आलू रखिये और चारों तरफ से पूरी को उठाकर आलू को बन्द कीजिये.
आलू भरी लोई को हथेलियों से दबा दबा कर बड़ा कर लीजिये और गरम तेल में डालिये और गरम तेल में डालिये, 3-4 कचौड़ियां एक बार में डाल कर, पलट पलट कर ब्राउन होने तक तल कर निकाल लीजिये. फिर से और कचौड़ियां तैयार करके गरम तेल में डालकर इसी तरह तल कर निकालिये. सारी कचौड़ियां तल कर तैयार कर लीजिये.
गरमा गरम सिघाड़े के आटे की कचौड़ियां (Kuttu Ki Kachori - Singhare ki Kachori) ताजे दही के साथ परोसिये और खाइये.
कमेंट (32)
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निशा: शालिनी जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: किरन जी, आटा सही से न गुंथा हुआ हो या पिठ्ठी बहुत अधिक भर दी जाए तब ऎसा हो सकता है, इन्हैं हल्के हाथ से हैन्डल करें, थोड़ी सी प्रेक्टिस के बाद सारी प्रोब्लम खतम हो जायेगी.
So that even lay man can also understand
निशा: संजय जी, सुझाव के लिए धन्यवाद, मैं कोशिश करूंगी.
निशा: अनिता जी, इतनी सामग्री 2 से 3 लोगों के लिए पर्याप्त हैं.
निशा: स्मृिति जी, आप सिंघाड़े या कुट्टू के आटे में उबले आलू या अरबी को अच्छे से मैश करके मिलाइए और हल्के हाथों से ही पूरियां बेलिए. पूरियां अच्छी बनेंगी.
निशा: हेमंत जी, दोनों अलग होते हैं.
निशा: साक्षी जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: रीत जी, मैं जल्द ही इसे बनाऊंगी.
निशा:पंकज जी, कच्चे केले का यूज किया जा सकता है.
निशा: परिधि जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
I like your recepies, all are very useful for me thanks alot,
Please iss recepy ka vedio bhi load kar dijiye. i am waiting for it.
निशा: निशा मैं अवश्य बना दूंगी.
निशा: नेहा मैं कोशिश करूंगी.
YE jo singhare ka aata h isko gundhne me bht pareshani aati h mujhse kabhi bhi nahi gundha jata ache se. chipakta jata hai sirf isi aate me problm aati h baki sare aate mai gundh leti hu ache se pls give some tips.
thanks
निशा: अनुराधा, आटा हाथ से चिपक रहा है, चम्मच खुरच कर हाथ से आटा निकाल दीजिये, और हाथ पर थोड़ा तेल लगाकर चिकना करके आटे को ठीक कर लीजिये, आप अच्छी तरह आटा गूंथ लेंगी.
निशा: नीलम, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: पूजा, बहुत बहुत धन्यवाद.
Singhare ka atta gundne baad; normal aatte ke tarah hota hai ya phir kuttu ke aatey ke tarah tut ta rehta hai.
निशा: ऊषा, सिघाड़े का आटा भी नार्मल आटे की तरह नहीं होता है, ये कूटू के आटे की तरह ही होता है.
Are you still looking for Sindhi Kadhi recepie? If yes, please let me know, I will write and give it to you.
निशा: उर्वशी, यह व्रत में खाया जाने वाला नमक है और किराना स्टोर्स पर आसानी से मिल जाता है.
निशा: रस्टी, आप उस तरह भी सेक सकती हैं.