मलाई घेवर । Ghevar Recipe । Rajasthani Malai Ghevar | Rabri Ghevar

सावन में विशेषतौर पर तीज और रक्षाबंधन त्यौहार का मुख्य मिष्ठान्न घेवर लगभग सभी के घरों में खाया जाता है. आज हम आपके लिए खास मलाई घेवर की रेसिपी लाए हैं, इसे घर पर बनाना हल्का सा कठिन ज़रूर है पर नामुमकिन बिल्कुल भी नही.
आवश्यक सामग्री - Ingredients for Rabri Ghevar
- मैदा - 2 कप (250 ग्राम)
- घी - ¼ कप (60 ग्राम) (बैटर में डालने के लिए)
- दूध - ½ कप
- चीनी - 1 कप (250 ग्राम)
- इलायची - 5-6 (पाउडर)
- केसर के धागे - 15-20
- बादाम - 8-10 (बारीक कटे हुए)
- पिस्ते - 10-15 (बारीक कटे हुए)
- घी - तलने के लिए
- रबडी़ - 250 ग्राम
विधि - How to make Rajasthani Malai Ghevar
बैटर तैयार कीजिए
इसके लिए मिक्सर जार में ¼ कप घी डाल दीजिए और चौथाई कप फ्रिज का ठंडा पानी डाल कर फैंट लीजिए. घी पानी के अच्छे से मिक्स हो जाने पर इसमें ½ कप दूध डाल कर मिक्सर को चला दीजिए और मिश्रण को अच्छे से फैंट लीजिए.
मिश्रण के अच्छे से मिक्स हो जाने के बाद मिक्सर जार में थोडा़ सा मैदा और थोडा़ सा पानी डाल कर मिश्रण को एक बार फिर से अच्छे से सभी चीजों के मिलने तक मिक्स कर लीजिए. मिश्रण के मिक्स हो जाने पर फिर से मिक्सर जार में थोडा़ और मैदा तथा पानी डाल कर मिक्सर जार चला दीजिए.
मिश्रण में बचा हुआ सारा मैदा डाल कर थोडा़ सा पानी डाल कर फिर से मिक्स कर लीजिए. मैदा-दूध और पानी का एकदम चिकना घोल बनकर तैयार है.
इस मिश्रण को 3-4 मिनिट तक बीच बीच में रूक रूक कर मिक्सर जार में चलाकर फैंट लीजिए. घोल की कन्सिस्टेन्सी इतनी पतली हो कि चमचे से घोल गिराने पर पतली धार से गिरे. इतना बैटर बनाने में पौने 3 कप पानी का उपयोग हुआ है.
बैटर को प्याले में निकाल लीजिए और नींबू का रस इसमें डाल कर मिक्स कर लीजिए. नींबू के रस से घेवर अच्छा क्रिस्पी बनकर तैयार होता है.

घेवर बनाइए
घेवर बनाने के लिए भगोने में घी डाल दीजिए और इसमें छोटे साइज़ का घेवर बनाने का सांचा भी रख दीजिए. घी भगोने में इतना होना चाहिए कि सांचे का 1 सवा इंच भाग ऊपर से खाली रहे. घी को गरम होने दीजिए.
थोड़ा सा बैटर कप में निकाल लीजिए. घी के अच्छा गरम होने पर मैदा का घोल चमचे में भर कर बहुत ही पतली धार से इस गरम घी में डालिये, घोल डालने पर घी से उठे झाग ऊपर दिखाई देने लगते हैं, दूसरा चम्मच घोल डालने के लिये थोड़ा रुकिये, घी के ऊपर झाग खतम होने दीजिये और इसके बाद फिर से दूसरा चम्मच घोल भरकर बिलकुल पतली धार से घोल घी में डालिये, आप देखेंगे कि घी फिर से झाग से भर जाता है, झाग खतम करने के लिये फिर से रुकिये,
घेवर में बीच में बैटर डालने के लिए जगह बनाते रहें. इसके लिए किसी चमचे या लकड़ी की पतली डंडी से बीच से घोल हटाकर थोड़ी जगह बना सकते है और धीरे धीरे इसी जगह से घोल को डालते रहिये जब तक घेवर का आकार सही न हो जाए. साथ ही थोड़ा सा बैटर किनारों पर भी डाल दीजिए.
पर्याप्त घोल डालने के बाद घेवर को सभी तरफ से हल्का ब्राउन होने तक सिकने दीजिये. जब घेवर हल्का ब्राउन दिखने लगे तब घेवर को निकाल कर प्लेट पर रखी हुई छलनी पर रख दीजिए ताकि घेवर से अतिरिक्त घी थाली में नीचे की ओर निकल कर आ जाय. सारे घेवर इसी तरह तैयार करके थाली में घेवर एक ऊपर एक रख लीजिये.
इतने बैटर में 17-18 घेवर बन कर तैयार हो जाते हैं और 1 घेवर को तलने में 5 से 6 मिनिट का समय लग जाता है. घेवर को ठंडा होने दीजिए.

घेवर को मीठा करने के लिये चाशनी तैयार कीजिये:
केसर में थोड़ा सा पानी डाल कर रख दीजिए केसर अपना रंग छोड़ देगा.
किसी बर्तन में 1 कप चीनी और 1/2 कप पानी डाल कर गैस फ्लेम पर चाशनी बनने रखिये. चीनी को पानी में घुलने तक पकने दीजिए. इसे बीच बीच में चलाते भी रहिए. चीनी के पानी में घुल जाने पर इसमें इलायची पाउडर डाल दीजिए. इसके बाद केसर डाल दीजिए और अच्छे से मिक्स कर दीजिए.
घेवर के लिए 1 तार की चाशनी चाहिए. चाशनी को चैक कीजिये, चमचे से चाशनी की गिराते हुए देखें कि आखिर में कुछ बूंदे तार बनाते हुए गिर रही हो, चाशनी में 1 तार बन रहा हो तो, चाशनी बन कर तैयार है, चाशनी को आप एक अन्य तरीके से भी चैक कर सकते हैं जिसमें, चमचे से 1- 2 बूंद चाशनी की किसी प्याली में निकालिये, ठंडी होने के बाद, उंगली और अंगूठे के बीच चिपकाइये, चाशनी में 1 तार बन रहा हो तो, चाशनी बन कर तैयार है, गैस बंद कर दीजिये. चाशनी को गैस पर से उतार कर जाली स्टैंड पर रख दीजिए और हल्का सा ठंडा होने दीजिए. चाशनी में थोड़े से कटे हुए बादाम और थोड़े से कटे हुए पिस्ते डाल कर मिक्स कर लीजिए
चाशनी के हल्की ठंडे होते ही घेवर को प्लेट में लगा दीजिए और चाशनी को चमचे से थोड़ा-थोड़ा घेवर के ऊपर सारी सतह पर डालिये, चाशनी को एक साथ सारा नहीं डालते हैं क्योंकि चाशनी घेवर को मीठा करती हुई नीचे निकल जाती है. आपको घेवर ज्यादा या कम जैसा मीठा करना हो उसके हिसाब से चाशनी डालते जाइये.
घेवर के ऊपर रबड़ी और कतरे हुये सूखे मेवे डालिए
घेवर के ऊपर एक परत रबड़ी की बिछाइये और ऊपर से कतरे हुये बादाम और पिस्ते डाल दीजिये. स्वादिष्ट घेवर बनकर तैय़ार हैं आप इन्हें परोसिये और खाइये.
फीके घेवर 1 माह तक खाने के लिए उपयोग में लाए जा सकते हैं लेकिन मीठे घेवर 15-20 दिन तक उपयोग में लाए जा सकते हैं. लेकिन रबडी़ लगा देने के बाद इनको सिर्फ 3 दिन तक ही खाने के लिए उपयोग किया जाता है. ये ज्यादा लम्बे नहीं रखे जा सकते हैं.
सुझाव
- बैटर एकदम चिकना घोल बना कर तैयार करें, घोल में किसी भी प्रकार से गुठलियां नहीं रहनी चाहिए.
- बैटर की कंसिस्टेंसी एकदम सही होनी चाहिए.
- घेवर को आप रिफाइंड तेल में भी बना सकते हैं
- घेवर तलने के लिए घी अच्छा गरम होना चाहिए.
- चाशनी पतली नहीं होनी चाहिए क्योंकि अगर चाशनी पतली होगी तो घेवर में चाशनी डालने से घेवर सोफ्ट हो जाएंगे और इनकी शैल्फ लाइफ भी कम हो जाएगी.
- केसर न डालना चाहें तो नहीं डालें.
- घेवर के ठंडे होने के बाद और चाशनी के हल्का ठंडा होने पर ही इन्हें चाशनी डालकर मीठा करें.
Ghevar Recipe । मलाई घेवर । Rajasthani Malai Ghevar | Rabri Ghevar
कमेंट (10)
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निशा: इंद्रेश जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
Ghevar ki recipie dekhkar bohot khushi hui, ghevar mujhe pasand bhi he aur me hamesha se hi isse banane ka tarika sikhna chahti thi
Deepawali par isse banana chahti hu.
But Nisha ji, kya me acche se ghevar bana paugi, Kyoki yeh recipie kathin to nahi par najuk hai, aap please guide kijiye.
Thank you Nisha ji.
निशा: अर्पिता जी, परेशान न हों रेसिपी पढ़ें ओर विडियो भी देखें साथ ही दी हुई सावधानियों को ध्यान में रखते हुए इसे बनाएं थोडी़ सी प्रेक्टिस से आप बहुत अच्छे घेवर बनाएंगी.
निशा: ऋषि जी, आपको रेसिपी पसंद आई इसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद.
plz bataye.
निशा: राकेश जी, आप इसके लिए केक रिंग, भगोनी, या इसे कढा़ई में भी बना सकते हैं, इसका तरीका भी वेबसाइट और चैनल पर दिया हुआ है.