आंवला मुरब्बा - Amla Murabba - Amla Murabba Banane ki vidhi

गर्मियों के मौसम में विशेषकर सेहत के लिए लाभकारी आंवला मुरब्बा की बेहद आसान रेसिपी.
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आवश्यक सामग्री - Ingredients for Amla Murabba
- आंवला- 1 किलोग्राम
- चीनी- 1.5 किलोग्राम
- इलाइची- 10 से 11
- काला नमक- 1 छोटी चम्मच
- काली मिर्च पाउडर- ½ छोटी चम्मच (आप चाहे तो)
विधि - How to make Amla Murabba
इलाइची को छीलकर कूटनी से कूटकर पाउडर बना लीजिए.
आंवले गोदिए
आंवलों को 2 से 3 बार पानी से अच्छे से धो लीजिए और पानी में डालकर 1 दिन तक रख दीजिए. बाद में, इनमें से अतिरिक्त पानी निकालकर धोकर अच्छे से पानी सुखाकर आंवले ले लीजिए. एक आंवला उठाइए और इसको जगह-जगह फॉर्क (कांटे) से इस तरह गोदिए कि फॉर्क थोड़ा अंदर तक जाए. सारे आंवले इसी तरह गोदकर तैयार कर लीजिए. फॉर्क करते समय सावधानी बरते कि फॉर्क फिसलकर आपके हाथ में ना लग जाए.
आंवले उबालिए
किसी बर्तन में इतना पानी ले लीजिए कि उसमें आंवले पूरी तरह डूब जाएं. बर्तन को ढककर गैस पर पानी उबलने रख दीजिए. पानी में उबाल आने पर इसमें आंवले डाल दीजिए और पानी में फिर से उबाल आने के 2 मिनिट बाद तक आंवलों पकने दीजिए. उसके बाद, गैस बंद कर दीजिए और आंवलों को ढककर 5 मिनिट उसी पानी में रहने दीजिए ताकि ये नरम हो जाएं. 5 मिनिट बाद, इन्हें पानी से निकाल लीजिए.

मुरब्बा बनाइए
कढ़ाही में चीनी, आंवले और आधा कप पानी डाल दीजिए. आंच धीमी रखिए ताकि चीनी धीरे-धीरे पिघले. अगर तेज आग कर दी जाए, तो चीनी नीचे से जलने लगती है. आंवलों को चीनी में मिक्स कर दीजिए और थोड़ी-थोड़ी देर में चीनी को चलाते हुए इसे 25 मिनिट तक पकाते रहिए.
चाशनी के गाढ़े होने पर इसकी कन्सिस्टेन्सी चैक कर लीजिए. थोड़ी सी चाशनी की बूंदे प्याली में गिराइए और इसके हल्का ठंडा होने के बाद, उंगली और अंगूठे के बीच चिपकाकर देखिए, चाशनी में अच्छा तार बन रहा हो, तो चाशनी सही गाढ़ी है. मुरब्बा बनकर तैयार है.
आंवलों को कढ़ाही से निकालकर कांच के बर्तन में डाल दीजिए लेकिन चाशनी को थोड़ा ठंडा होने के बाद ही कांच के बर्तन में डालिए. उसके बाद, इसमें मसाले- काला नमक, काली मिर्च पाउडर और इलाइची पाउडर डाल दीजिए. आंवले का मुरब्बा तैयार हो गया है, लेकिन इसे हम 2 से 3 दिन बाद चैक करेंगे.
3 दिन बाद,आंवले पूरी तरह से चाशनी में डूब गए हैं. इनके अंदर तक चाशनी भर गई है, अच्छे मीठे आंवले तैयार है. चाशनी को भी चैक कर लीजिए. चाशनी आंवले के रस निकलने के कारण पतली हो गई है. यह शहद की तरीके से चिपक रही है यानिकि सही कन्सिस्टेन्सी में आ गई है, आंवले का मुरब्बा बनकर तैयार है.
आंवले का मुरब्बा खाने के लिए तैयार है और यह बहुत जल्दी भी बन जाता है. पारंपरिक तौर पर आंवले का मुरब्बा फिटकरी या चूने के पानी में आंवलों को 2 दिन तक भिगोकर बनाया जाता है, लेकिन आप ऊपर दी गई विधि के अनुसार भी आंवले का मुरब्बा बना सकते हैं, यह उतना ही स्वादिष्ट लगता है. आंवला मुरब्बा को किसी कांच या फूड ग्रेड प्लास्टिक के कन्टेनर में भरकर रख लीजिए और पूरे एक साल या इससे भी लंबी अवधि तक मुरब्बे का सेवन कीजिए.
सुझाव
- आंवले के मुरब्बे के लिए बड़े आकार और हल्के से पके आंवले लें. पके आंवलों की पहचान है कि ये बिल्कुल हरे नही होते, इनमें हल्का सा ब्राउन रंग भी होता है. इनका कसैलापन कुछ कम होता है. पका आंवला दिसम्बर माह से मार्केट में उपलब्ध होने लगता है.
- चाशनी बनाने की जगह आंवलों में चीनी मिलाकर रख दीजिए, 4 से 5 घंटे बाद आंवले से जूस बाहर आने से चीनी की चाशनी अपने आप बनने लगती है.
- अगर चाशनी में पानी ज्यादा डाल लें, तो चाशनी को गाढ़ा करने में अधिक समय लगेगा. इसलिए पानी नापकर डालें.
- आंवला मुरब्बा को स्टील के बर्तन में पका सकते हैं लेकिन बहुत दिन के लिए छोड़ नही सकते.
- लोहे और अल्यूमीनियम के बर्तन में भूलकर भी मुरब्बा न बनाएं क्योंकि उसमें मुरब्बा खराब हो जाता है.
- अगर 3 दिन बाद, चाशनी पतली हो, शहद की तरह नही चिपक रही होती, तो मुरब्बा को किसी भी बर्तन में डालकर फिर से थोड़ा गाढ़ा होने तक पका लें.
- अगर चाशनी बहुत ज्यादा गाढ़ी हो, तो मुरब्बा जमा हुआ सा लगता है. इस स्थिति में 1 से 2 टेबल स्पून पानी उबाल करके मुरब्बे में मिला दीजिए.
- चाशनी ज्यादा पतली या गाढ़ी नही होनी चाहिए. पतली चाशनी होगी, तो मुरब्बा जल्दी खराब हो जाएगा और चाशनी अधिक गाढ़ी होने पर मुरब्बा जमा-जमा सा लगेगा.
- कन्टेनर से मुरब्बा निकालने के लिए हमेशा साफ और सूखी चम्मच का उपयोग करें.
कमेंट (22)
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उसे सॉफ्ट करने के लिए क्या कर सकते है ।
Mam प्लीज आज ही बता दो ।
निशा: मनीषा जी, बिलकुल आप इसे फिर से उपयोग में ला सकते हैं.
विधि है इस विधि से आंवला मुरबा बना कर अच्छा लगा।
निशा: सुरेश जी, बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार.
निशा: संतोष जी, ये वाला मुरब्बा तो चीनी से ही बनता है लेकिन आंवले को कली खिलाकर गुड़ वाला मीठा बनाया जा सकता है.
Me amle ka murabba hamesha market se purchase kar leti thi ya mummy se banva ke mangvana parta the.
But apne itne acche se easily banana sikhaya hai to me iss bar isse ghar pe hi banaugi.
Nisha ji kuch quarries apse puchna chahti thi banana se pehle
1) Kya murabbe ko glass ki transparent barni me rakhna chahiye ya chini mitti ki barni me bhi rakh sakte hain.
2) Kya isse dhoop me rakhna chahiye ya nahi.
Plz bataiyega.
Thank you so much Nisha ji.
निशा: अर्पिता जी, मुरब्बा को आप किसी भी बरतन में रख सकती हैं और इसे धूप लगवाने की आवश्यकता नहीं है.
isse isaki storage capacity per koi fark padhta h kya. ?
निशा: रजनी जी, बिना उबाले हुये आंवले सख्त रहते हैं, मुरब्बा के लिये आंवलों को हल्का सा उबाला जाता है, मुरब्बा अच्छा बनता है.
निशा: अब्दुल जी, आम का अचार खट्टा ही होता है, इसे सरसों के तेल में डुबाकर रखें, खट्टापन थोड़ा सा कम हो जायेगा और अचार अच्छा लगेगा.
Cheeni ki jaghe kya use kar sakte hain.. kya gud use kar sakte hain.. kaise banayenge gud se murraba?
निशा; अनोखी जी, ये वाला मुरब्बा तो चीनी से ही बनता है लेकिन आंवले को कली खिलाकर गुड़ वाला मीठा बनाया जा सकता है.
निशा: ओमप्रकाश जी, 1 कि. अचार में 1 छोटी चम्मच सिट्रिक एसिड डाला जाता है, 5 कि. में 5 छोटे चम्मच एसिड डाला जा सकता है.
Hamare yaha mitha aam ka aachar banate h. Jise permanent frize me rakhna padhta h . Ni to achar jaldi galkar kharab ho jata h. Pls koe upay bataeye ki ham achar bahar rakhi ker lambe samay tak rakh sake ..
निशा: ओमप्रकाश जी, किसी भी अचार में सीट्रिक एसिड मिलाकर उसे फ्रिज के बाहर लम्बे समय तक रखा जा सकता है.
निशा: अक्षय जी, चाशनी बहुत अधिक गाढ़ी हो तो आंवला सिकुड़ सकते हैं,चाशनी गाढ़ी होने पर थोड़ा गरम पानी डालकर उसे पतला किया जा सकता है.
निशा: ज़िया जी, 2 किलो आंवले के लिए 3 किलोग्राम चाहिए.
निशा: अनिता जी, आपका बहुत बहुत धन्यवाद. मै आशा करती हूं कि आप बहुत ही अच्छा मुरब्बा बना पाएं.
निशा: देवदत्ता जी, मुझे आश्चर्य हो रहा है कि आपने इतनी कम उम्र में आंवले का मुरब्बा बनाने की कोशिश की. मै आशा करती हूं कि आपके द्वारा बनाया हुआ मुरब्बा स्वादिष्ट बने़. धन्यवाद.