लच्छेदार रबड़ी - Rabri Recipe - लच्छेदार खुरचन वाली रबड़ी - Lacchedar Khurchan wali Rabdi - HOLI RECIPE

बहुत ही कम सामग्री से बनने वाली उत्तरी भारत के पारंपरिक पकवानों में शामिल लच्छेदार रबड़ी किसी भी विशेष अवसर को और भी खास बना दें.
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आवश्यक सामग्री - Ingredients for Lacchedar Khurchan wali Rabdi
- फुल क्रीम दूध- 1.5 लीटर
- पिस्ते- 10 से 12
- बादाम- 4 से 5
- इलाइची पाउडर- ½ छोटी चम्मच
- चीनी- 2.5 टेबल स्पून
विधि - How to make Rabri
कढ़ाही में दूध लेकर इसे उबाल आने तक गरम कीजिए. दूध को प्रत्येक 2 मिनिट में चमचे को कढ़ाही के तले तक ले जाते हुए चलाते रहिए ताकि दूध कढ़ाही के तले पर ना लगे.
दूध में उबाल आने के बाद, दूध को तेज आंच पर चलाते हुए ¾ यानिकि 1 लीटर रह जाने तक गाढ़ा होने दीजिए. यदि दूध उफनने लगे, तो तुरंत गैस कम कर दीजिए और फिर, तेज कर दीजिए. दूध को गाढ़ा करते समय प्रत्येक 2 से 3 मिनिट में दूध को चमचे से चलाते रहिए.
इसी बीच, पिस्तों को बारीक काटकर तैयार कर लीजिए. बादाम को भी पतला-पतला काट लीजिए. इस दौरान दूध पर भी पूरी नजर बनाएं रखे कि दूध उफने भी न और तले पर भी नही लगे.

दूध के गाढ़ा होते ही, आंच मध्यम कर दीजिए और दूध के ऊपर जो मलाई आ रही हो, उसे किनारे पर लगा दीजिए. इसे नीचे से भी कभी-कभी चमचे से चला लीजिए और जैसे-जैसे दूध पर मलाई आती जाए, वैसे-वैसे मलाई किनारे पर लगाते जाइए. कढ़ाही में सिर्फ 250 मिली दूध बचना चाहिए. तब तक, यही प्रक्रिया दोहराते रहिए. दूध पर मलाई की परत पड़ते ही मलाई को कढ़ाही के किनारे चिपका दीजिए.
कढ़ाही में जब करीब 250 से 300 मिली गाढ़ा दूध बचे, तब इसमें इलाइच़ी पाउडर डालकर मिला दीजिए. साथ ही चीनी भी डाल दीजिए और चीनी के घुलने तक इसे पकने दीजिए. चीनी के दूध में घुलते ही गैस बंद कर दीजिए और रबड़ी को थोड़ा ठंडा होने दीजिए.
रबड़ी के ठंडा होने के बाद, कढ़ाही से मलाई वाले लच्छों को खुरचकर गाढ़े दूध में मिक्स कर दीजिए. सारे मलाई के लच्छों के दूध में मिक्स होते ही रबड़ी तैयार है. इसे प्याले में निकाल लीजिए.
लच्छेदार रबड़ी को कटे हुए पिस्ते और बादाम से गार्निश करके सर्व कीजिए और इसके लच्छे के फीके और मिठास से भरे गाढ़े दूध के मिले जुले स्वाद का अनुभव कीजिए.
सुझाव
- दूध को चलाते समय पूरा ध्यान रखें कि चमचे को कढ़ाही के तले पर ले जाते हुए चलाएं. दूध बिल्कुल भी कढ़ाही के तले पर लगना नही चाहिए.
- मलाई की परत पड़ने के लिए दूध को नीचे से गरम होना चाहिए और ऊपर से कम गरम. इसलिए आग को मध्यम रखे.
- परंपरागत रूप से रबड़ी में मेवे नही डाले जाते. पर आप चाहे, तो इसमें मेवे जैसे कि बादाम, पिस्ते डाल सकते हैं.
- बुजुर्गों या बच्चों के लिए रबड़ी में मेवे ना डालें. मेवे के बिना भी रबड़ी बहुत अच्छी लगती है क्योंकि इसमें पड़ने वाली मलाई के जो लच्छे बन जाते हैं उनका अपना एक अलग ही स्वाद होता है.
Rabri Recipe - लच्छेदार खुरचन वाली रबड़ी - Lacchedar Khurchan wali Rabdi - HOLI RECIPE
कमेंट (15)
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निशा: ये रेसिपी 4-5 सदस्यों के लिए पर्याप्त रहेगी.
निशा: प्रिया जी, बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार.
निशा: प्रिया जी, बहुत बहुत धन्यवाद और मेरी ओर से ढेर सारा स्नेह प्रिया बेटी.
निशा: शैफाली जी, रबड़ी बनाने के लिये स्टील की कढ़ाई या लोहे की कढ़ाई जिसमें सिर्फ दूध ही उबाला जाता है, एसी लोहे या एल्यूमीनियम की कढ़ाईन यूज करें जिसमें सब्जी बनती है, क्यों कि ये मसाले के कलर रबड़ी में छोड़ सकती हैं.
निशा: अनिल जी, रबड़ी को फ्रिज में रखक्रर 3-4 दिन तक खाया जा सकता है.
निशा: सैम जी, रवड़ी को लोहे या स्टील की कढ़ाई में बना सकते हैं, एल्यूमीनियम की कढ़ाई में भी इसे बनाया जा सकता है लेकिन उसमें सब्जी का पीलापन न हो.
Namashkaar. Yahan Australia mein Cow milk milta hai jisme fat Buffalo milk se kaafi kam hota hai. Kya yahi recipee cow milk ke saath bana sakte hain?
निशा: जाफरी जी, बना सकते हैं लेकिन इसमें फैट कम होने से दूध की मात्रा को बढा़ना होगा.
निशा: जैस्मिन जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: प्रिया जी, लच्छेदार रबडी़ जो मलाई किनारों पर जमती जाती है वो लच्छों के रूप में ही रहती हैं, लेकिन साधारण रबडी़ में हम उसे अच्छे से मिक्स करके बनाते हैं जिस कारण उसमें लच्छे कम रह जाते हैं.
निशा: विद्युला जी, प्रशंसा के लिए बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: सुशीला जी, आपका बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: शालिनी जी, धन्यवाद और आपको भी होली की हार्दिक शुभकामनाएं
निशा: ललिता जी, आपको भी मेरी ओर से बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: नेहा जी, हमारी रेसिपीज़ पसंद करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: परम जी, बहुत बहुत धन्यवाद.