समा के चावल की चकली - Samo Rice Chakli for Vrat - Farali Chakli

समा के चावल से व्रत के कई प्रकार के खाने बनाये जाते हैं. समा के चावल से बनी चकली उतनी ही अच्छी होती है, जितनी कि सामान्य चावल की चकली होती हैं. इसकी शेल्फ लाइफ भी अधिक होती है.
Read - Samo Rice Chakli for Vrat - Farali Chakli Recipe In English
आवश्यक सामग्री - Ingredients for Sama Rice Chakli for Vrat
- समा के चावल - 125 ग्राम (3/4 कप )
- जीरा ½ छोटी चम्मच
- सेंधा नमक - ½ छोटी चम्मच और स्वादानुसार
- तिल - 1 छोटी चम्मच
- काली मिर्च - ½ छोटी चम्मच (ताजा कुटी हुई)
- तेल - 1 टेबल स्पून
- तेल - चकली तलने के लिए
विधि - How to make Farali Chakli with Sama Rice
समा के चावलों को धोकर 2 घंटे के लिए पानी में भिगो कर रख दीजिए. इसके बाद अतिरिक्त पानी निकाल कर इन्हें बिना पानी डाले मिक्सर में बिल्कुल हल्का दरदरा पीस बना लीजिये, अगर आवश्यकता हो तब 1-2 छोटी चम्मच पानी डाला जा सकता है.
पैन को गैस पर रखें, इसमें चावल का पेस्ट और एक छोटी चम्मच तेल डालकर 1 से 2 मिनट लगातार चलाते हुए, मीडियम फ्लेम पर, हल्का सा भून लीजिए. पेस्ट को इतना गाढ़ा कर लीजिये कि वह गुथे आटे के जैसा हो जाय.
इस आटे को प्याले में निकाल लीजिए हल्का सा ठंडा होने पर, इसमें जीरा, तिल, सेंधा नमक काली मिर्च डालकर आटे को अच्छा चिकना होने तक मसल-मसल कर नरम आटा गूंथ लीजिए. चकली बनाने के लिये आटा तैयार है.

चकली बनाएं
गूंथे हुये आटे से थोड़ा सा आटा निकालिये और लम्बा आकार देते हुये आटे को चकली की मशीन (Cookie Press) में डालिये. मशीन को बन्द कीजिये. कोई मोटी पोलिथिन शीट लेकर किचन टाप पर बिछाइये और चकली मशीन को दबाते हुये, गोल घुमाते हुये, गोल चकली पोलिथिन सीट पर बनाइये, 7- 8 चकली बनाकर पोलिथिन सीट पर तैयार कर लीजिये.
चकली तलें
कढ़ाई में तेल डालकर, चकली तलने के लिये मीडियम गरम तेल कीजिये. पोलिथिन शीट से चकली इस तरह उठाइये कि चकली अपने आकार में रहे, चकली उठाकर गरम तेल में डालिये. चकली को मीडियम और मीडियम हाई आग पर तलिये. जितनी चकली तेल में एक बार में तली जा सकें उतनी चकली डाल दीजिये और पलट कर चकली को गोल्डन ब्राउन होने तक तल कर निकाल कर, प्लेट में बिछे टिशु पेपर पर रखिये. सारे आटे से इसी तरह सारी चकली बना कर तैयार कर लीजिये.
व्रत के लिए चकली बनकर तैयार हैं. चकली को पूरी तरह ठंडा होने के बाद, एअर टाइट कन्टेनर में रख लीजिये, डिब्बे से चकली निकालिये और महिने भर जब भी आपका मन करे खाइये.
सुझाव -
चकली के लिये आटा मीडियम नरम गूथिये. आटा बहुत ज्यादा नरम न हों और बहुत ज्यादा सख्त न हो. आटा ज्यादा नरम होने पर चकली एकदम चिपकेगी और सख्त होने पर चकली जल्दी से टूट जायेगी.
कमेंट (13)
नये कमेंट अभी बंद हैं। पुराने सवाल-जवाब नीचे पढ़ सकते हैं।
निशा: अनुपमा जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: पारस जी, थोडा गरम पानी डालकर आटे को नरम किया जा सकता है.
निशा: अविनाश जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: पूजा जी, आप पॉलिथिन कोन का उपयोग करके भी चकली बना सकती हैं.
निशा: सीमा जी, ये रेगूलर राइस नहीं हैं, ये अलग बहुत बारीक चावल होते जिन्हें व्रत में खाने में यूज किया जाता है, इन्हें समा के चावल, सोमा चावल या व्रत के चावल और भी अलग अलग जगह पर अलग अलग नाम से कहा जाता है.
Namaste.mm. main bihar se hop aur main ek chhota udyog chalu karna chahta hoo.aur aap kaa margdarshan chahtaa hoo
निशा: पप्पू जी, मेरा शोक है कि मैं नई नई रेसिपी बनाती रहूँ, वो आप मेरे वेबसाइट और चैनल पर देख सकते हैं, उद्दोग के बारे में मुझे जानकारी नहीं है.
अौर केसे .....
Plzzz battao
निशा: मधु जी,हां अवश्य बाटी ओवन में केक बनाया जा सकता है.
OR
Its a regular Rice?
निशा: रितुजी, ये रेगूलर राइस नहीं हैं, ये अलग बहुत बारीक चावल होते जिन्हैं व्रत में खाने में यूज किया जाता है, इन्हैं समा के चावल, सोमा चावल या व्रत के चावल और भी अलग अलग जगह पर अलग अलग नाम से कहा जाता है.
Sama chaval yane varike tandul (marathi)kya?
But I don't understand this hindi written recipes ppz as provide an English option
निशा: मार्या जी, मेरी सभी रेसिपी इंगलिश में उपलब्ध है, रेसिपी के नीचे इंगलिश रेसिपी देखने के लिये लिंक भी रहता है, वीडियो पर इंगलिश के टाइटल रहते हैं, प्लीज आप उन्हैं देख सकते हैं.
निशा: रागिनी जी, हम गीले चावल पीस रहे हैं, पेस्ट पतला बनता है, हम इसे पका कर गाढ़ा करते हैं. अगर आप चावल के आटे से ढोह बनाना चाहती हैं, तव एक कप चावल के आटे के लिये 1 कप पानी ले लीजिये, पानी को गरम कीजिये, उबाल आने पर गैस बन्द कर दीजिये, चावल का आटा पनी में डालिये, साथ में 1 छोटी चम्मच तेल और मसाले भी डाल दीजिये, चम्मच से मिलाइये और ढककर 20 मिनट के लिये रख दीजिये. अब आटे को प्याले में डालकर, मसल कर नरम गूथिये, चकली अच्छी बनेंगी.
निशा: बनदेवी जी, ये चकली तो हमने व्रत के लिये ही बनाई हैं.