खस्ता कचौड़ियां – Khasta Kachodi Recipe – Kachori Recipe

कचौड़ियाँ (Khasta Kachori) उत्तर भारत में बनाया जाने वाला पसन्दीदा पकवान है. सुबह सुबह यहां दुकानों पर भी नास्ते के लिये गरमा गरम कचौड़िया तैयार हो जाती हैं. खाने में बहुत ही स्वादिष्ट होती हैं. ये उरद की दाल भर कर के बनाई जाती हैं. दाल भर कर बनायी कचौड़ियों (Kachodi) को आप एक सप्ताह तक रख कर खा सकते हैं.
Read this recipe in English - Urad Dal Khasta Kachori Recipe
आवश्यक सामग्री - Ingredietns for Khasta Kachori Recipe
आटा लगाने के लिये
- मैदा - 2 कप ( 250 ग्राम )
- रिफाइन्ड तेल - 1/4 कप से थोड़ा सा ज्यादा ( 60- 70 ग्राम)
- नमक - 1/2 छोटी चम्मच से थोड़ा ज्यादा या स्वादानुसार
पिठ्ठी बनाने के लिये
- धुली उरद दाल — 1/3 कप (50 ग्राम )
- हींग - 1 पिंच
- जीरा _ 1/2 छोटी चम्मच
- धनियाँ पाउडर _ 1 छोटी चम्मच
- सोंफ पाउडर _ 1 छोटी चम्मच
- गरम मसाला — 1/4 छोटी चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर - 1/4 छोटी चम्मच से कम
- हरी मिर्च — 2 बारीक कटी हुई
- अदरक — 1 इंच लम्बा टुकडा़ बारीक कटा हुआ या 1 छोटी चम्मच पेस्ट
- हरा धनियाँ — 2 टेबल स्पून, बारीक कटा हुआ
- नमक — स्वादानुसार (1/3 छोटी चम्मच)
- तलने के लिये तेल
विधि - How to make Khasta Kachori
दाल को साफ करके 2 घंटे पहले पानी में भिगो दीजिये.
मैदा में तेल और नमक डाल कर मिला दीजिये, पानी की सहायता से मैदा को, परांठे के लिये गूंथे गये जैसे नरम आटे की तरह नरम गूंथ लीजिये. गुंथे हुये आटे को 20 मिनिट के लिये ढककर सैट होने के लिये रख दीजिये.
दाल की पिठ्ठी : भीगी हुई दाल को मिक्सी में मोटा मोटा (एकदम दरदरा) पीस लीजिये. कढ़ाई में 3 - 4 टेबल स्पून तेल डालिये, तेल गरम हो जाय तब जीरा, हींग, धनियाँ पाउडर, सौंफ पाउडर, हरी मिर्च ओर अदरक डाल दीजिये, मसाले को हल्का सा भूनिये, पिसी हुई दाल डाल कर मसाले में मिलाइये ओर दाल को चमचे से चलाते हुये भूनिये, जब दाल ब्राउन हो जाय, और अच्छी महक आने लगे तब हरा धनियाँ और गरम मसाला मिला कर 2 मिनिट और भून लीजिये. कचौड़ियों में भरने के लिये दाल की पिठ्ठी तैयार है.
कचौड़ियाँ तलने के लिये कढ़ाई में तेल गरम कीजिये. गुंथे हुये मैदे के बराबर के 12-14 गोले बना लीजिये. एक गोले को चकले पर बेलन की सहायता से थोड़ा सा बेलें और उसमें एक छोटी चम्मच भर के दाल रख दीजिये. चारों ओर से आटा उठायें और दाल को बन्द कर दीजिये, दाल भरे गोले को हथेली से दबाकर चपटा करें और फिर बेलन की सहायता से कम ताकत लगाकर उसे 2.5 - 3 इंच के व्यास में बेल लीजिये, वह फटनी नहीं चाहिये, कचौड़ी थोड़ी मोटी ही रखनी है. बेली गई कचौड़ी गरम तेल में डालें और पलट पलट कर दोंनो ओर ब्राउन होने तक धीमी और मीडियम गैस पर कुरकुरी तलें, तली हुई कचौड़िया कढ़ाई से निकालिये और प्लेट मे नैपकिन के ऊपर रखिये. एक साथ तीन या चार कचौड़ियाँ एक बार में तली जा सकती हैं. सारी कचौड़ियाँ बनाकर तलकर तैयार कर लीजिये. (साथ के फोटो में पिठ्ठी भरी लोही, हाथ से दबायी लोही एवं बेली हुई लोही)
ये गोल गोल खस्ता कचौड़ियाँ हरे धनिये की चटनी और आलू मसाला सब्जी के साथ परोसिये और खाइये.
हरे धनिये की चटनी कैसे बनायें (Hara Dhaniya Chatni).
- हरा धनियाँ - 200 ग्राम
- हींग - 1-2 पिंच
- हरी मिर्च - 4
- कच्चे आम की खटाई कटी हई - 50 ग्राम (आधा कप), या एक बड़ा नीबू का रस
- नमक - स्वादानुसार ( 3/4 छोटी चम्मच)
धनिये को साफ करके अच्छी तरह धो लीजिये और मोटा मोटा काट लीजिये , हरी मिर्च के डंठल तोड़ लीजिये, मिक्सी के जार में डालिये ,हरी मिर्च, हींग, खटाई या नीबू का रस मिला दीजिये और नमक डाल दीजिये. सभी को बारीक पीस लीजिये. काँच के प्याले में निकाल लीजिये. चटनी तैयार है.
कमेंट (180)
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निशा: निधि जी पहले तो हम आटे को लगाकर 20 मिनिट के लिये रख देंगे, कचौड़ी भरेंगे और अब आग को कन्ट्रोल करेंगे, तेल कम गरम हो और आग धीमी हो, कचौड़ी अवश्य फूलेंगी.
निशा: पूजा जी, उनके बारे में डिटेल बतायें, हम उन्हैं बनाने की कोशिश करेंगे.
निशा: प्रियंका जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: जडेजा जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: राजेश जी कचौड़ी को हल्का मोटा रखिये, वह फटी न हो तो और मीडियम गरम तेल में तलने के लिये डाली जाय तो वह खुद ही फूल कर ऊपर आ जाती है.
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NISHAMADHULIKA.COM
निशा: रितू जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
निशा: निधि जी, अगर दाल में नमी हो तो कचौरी जल्दी सोफ्ट हो जाती हैं, या कचौरी तेज आग पर तली हों तो भी सोफ्ट हो जाती हैं.
निशा: निकिता जी, आटे को लगाकर 15-20 मिनिट के लिये रख दीजिये, तेल मीडियम गरम हो तब कचौरी बनाकर तलने डालिये, कचौरी अच्छी फूलेंगी.
निशा: अंकुर जी, आप इसे बनाएं और अपने अनुभव हमारे साथ जरूर बाटे.
निशा: आप मेरी सारी रेसिपी मेरी वेबसाइट और यूट्यूब चैनल से सीख सकते हैं.
निशा: सीमा जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
pani nhi milana kya aate mei sirf oil se gundna h kya
निशा: अम्रित जी, आटे में आटे की मात्रा का चौथाइ भाग तेल मिलाकर मिलाना होता है, इसके बाद पानी डाल कर आटे को बाइन्ड करना होता है.
Hello Mam, main jab bhi kachori bnati hu to usme oil bhar jata h kachori tasty banti hai but oil ki wjh se thora khrab lagta h iske lie btaiye kuch... kachori fat ti nhi hai fir bhi oil jata h
निशा: लता, अगर कचौरी फटती नही हैं और फिर भी कचौरी में तेल अधिक होता है, इसका कारण आटा गूथते समय तेल अधिक डालना या फिर किसी वैरायटी का तेल आटा अधिक एब्जोर्ब कर लेता है. कचौरी को तल कर टिशु पेपर पर निकालें, जिससे एक्स्ट्रा तेल पेपर एब्जोर्ब कर लेता है.
thanks nisha mam apki is site ke jariye muje kafi kuch banane mai asani hui h
निशा: सुमन जी, बहुत बहुत धन्यवाद.
Thnkx for simple recipe
<p><p>mam ye bina dal ke b bnayi ja skti h kya alu ki sbji ke sath<p><br data-mce-bogus="1">
निशा: हिमाद्री जी, खस्ता कचौड़ियां दाल भर कर ही बनाई जाती है, इनके साथ आलू की सब्जी अच्छी लगती है.
Nyccccc recipe , i like it
Kachori ka atta deala ho Gaya hai and full nahi raha
निशा: नीना जी, तेल को अच्छा गरम हो, तव आटा गीला होने पर भी कचौरी अवश्य फूलेंगी.
nisha aunty me rajsthani kacohri sikhna chahti hu plz send me recepie
निशा: मोनू जी, मैं इसे बनाने की कोशिश करूंगी.
nisha ji..mene kai bar ye kachoriyan bnane ki koshis ki h .lekin garm rhti h tb tk to tight rhti h lekin thandi hone par ye narm ho jati h ..aisa kyu? :(
निशा: निशा, कचौरियों में भरने वाली दाल में मोइश्च्योर हो तब एसा होता है या कचौरियों को तेज आग पर तला गया हो तब एसा होता है.
How to make nasirabad kachora
nishji meri kachori phoolti nhi h market jaise thik to banti h
Hello nisha ji I am 19 yrs old .I learnt many recipe by your online guidance. Thank you so much.
nisha ji apki recpie se maine khasta kachori banai par wo thande hone par mulayam ho jate hai main chahti hu wo kade rahe plz iske liy kuch upau bataiy thanku
nisha ji apki recpie se maine khasta kachori banai par wo thande hone par mulayam ho jate hai main chahti hu wo kade rahe plz iske liy kuch upau bataiy thanku