गोभी गाजर और शलजम का मीठा अचार – Turnip, Carrot and Cauliflower Sweet Pickle

आजकल बाजार में गाजर गोभी और शलजम बहुतायत में मिल रहे हैं. इन तीनों को मिलाकर बना स्वादिष्ट मीठा अचार आपको पसंद आयेगा और छोटे बच्चों को भी.
आवश्यक सामग्री - Ingredients for Carrots, Turnip and Cauliflower pickle
- गोभी, गाजर, शलजम - 1 कि. ग्राम.
- जीरा -1 1/2 छोटी चम्मच
- मैथी - 1 1/2छोटी चम्मच
- सौंफ - 2 छोटी चम्मच
- राई - 1 1/2 टेबल स्पून
- गरम मसाला - 1 छोटी चम्मच
- अदरक पाउडर - 1 छोटी चम्मच
- हींग - एक चौथाई छोटी चम्मच
- हल्दी पाउडर - 1 छोटी चम्मच
- बड़ी इलाइची - 5-6 (छील कर कूट लीजिये)
- खजूर - 10-12 (पतले पतले काट लीजिये)
- लाल मिर्च - एक चौथाई छोटी चम्मच
- तेल - 150 ग्राम (3/4 कप)
- सादा नमक - 2 छोटे चम्मच
- काला नमक - 1 छोटी चम्मच
- सिरका - ( 3/4 कप )
- गुड़ - 300 ग्राम (टुकड़े किये हुये 1 1/2 कप)
विधि - How to make Carrots, Turnip and Cauliflower pickle
गरम पानी में आधा छोटा चम्मच नमक डाल कर, गोभी को टुकड़ों में करके 10 मिनिट पानी में डुबा कर धोकर निकाल लीजिये. गाजर और शलजम को छीलिये, धोइये और लम्बे टुकड़े में काट लीजिये.
जीरा, मैथी, सोंफ, राई, काली मिर्च, लोंग और दालचीनी को दरदरा पीस लीजिये और बड़ी इलाइची को छील कर कूट कर अलग रख लीजिये.
खजूर के बीज निकाल कर लम्बे लम्बे टुकड़ों में काट लीजिये.
किसी बर्तन में इतना पानी लेकर गरम करने रखिये जिसके अन्दर सब्जियां आसानी से डूब सके. पानी में उबाल आने के बाद सब्जियां उबलते पानी में डालिये और ढक दीजिये, 2 - 3 मिनिट बाद आग बन्द कर दीजिये. सब्जियों को 10 मिनिट तक पानी में ढकी रहने दीजिये. सब्जियां हल्की सी नरम हो जाती हैं.

किसी छलनी से पानी निकाल कर, सब्जियों को सूती सूखे कपड़े पर फैलाइये और 2 घंटे धूप में सूखने दीजिये. धूप न होने पर ये सब्जियां कपड़े पर फैला कर छाया 3-4 में सुखाई जा सकती हैं.
कढ़ाई में तेल डाल कर गरम कीजिये,(धीमी आग रखिये). गरम तेल में हींग, हल्दी पाउडर और पिसे हुये मसाले डालिये, चमचे से चलाकर थोड़ा सा भूनिये, अब गोभी, गाजर और शलजम के टुकड़े डाल कर, नमक और लाल मिर्च डालिये, सारी चीजों को आग पर अच्छी तरह मिला लीजिये. आग बन्द कर दीजिये.
किसी दूसरे बर्तन में सिरका और गुड़ को गरम कीजिये, गुड़ पिघलने तक इसे पका लीजिये. इस पिघले गुड़ को छानिये और मसाले मिले अचार में मिला दीजिये, कुटी हुई इलाइची और कटे हुये खजूर भी अचार में मिला दीजिये. अचार पतला दिखाई दे रहा है तो उसे गाड़ा होने तक पका लीजिये.
गोभी, गाजर और शलगम के अचार को अच्छी तरह ठंडा होने के बाद कांच या प्लास्टिक कन्टेनर में भर कर रख दीजिये, आप ये अचार अभी खा सकते हैं, लेकिन अचार का असली स्वाद 4-5 दिन बाद मिल पाता है जब तक सब्जियों में सारे मसाले अन्दर तक जब्ज हो जाते हैं. गोभी, गाजर शलगम के खट्टा मीठा अचार को 6 महिने तक भी रख कर खा सकते हैं.
सुझाव: अगर अचार में बाद में पतला जूस ज्यादा दिखाई दे रहा हो तो अचार को फिर से आग पर रखकर गाड़ा कर लीजिये.
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Comment(s): 23:
kya hum bina sirke ka bhi sweet achar bana sakate hain.
निशा: इस मीठे अचार में सिरका डालना आवश्यक है.
निशा: नीति, सरसों का तेल अचार के लिये अच्छा रहता है, तिल का तेल भी अचार बनाने केलिये प्रयोग में लाया जाता है.
निशा:नीति, जी हां.
Isme Sirke ki jagah neembu ka ras bazaar mein jo milta hai use kar sakte hai?
Thanks
Nupur
निशा: नूपुर, इस अचार में सिरका ही प्रयोग में लाइये.
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निशा: मनजिन्दर, खजूर डालना आवश्यक नहीं है. शलजम, गाजर , गोभी को पंखे की हवा में भी सुखाया जा सकता है.
aaj meine aloo tikki banayi thi.sabko bahut pasand aayi.iske liye mein apko bahut bahut thanks kehna chahati hoon kyonki aap ne jo bhi recipes likhi hain wo bahut precise hain.aur bananne mein bahut aasan hain.kai baar cheez theek se nahi banati hai to usme hamari hi koi fault rehti hai.jaise meine gobi shalgam ka meetha aachar banane ki try ki to boil karke sukhya to woh kuchh chipki hui sticky sticky ho gayi mujhe samajh mein nahi aa raha kya baat hai.dhoop mein sukhaya tha,pata nahi kya galti ho gayi.aaj meiene phir se sara saman laya hai.plz tell me asap ki kya galti hui thi aur is baar kya precaution lein ki achar bhi baki sab recipes ki tarah perfect bane.I'm waiting. Thanks once again.
निशा: दीपा, सब्जियों को ज्यादा नरम मत करना. सब्जियां ज्यादा नरम होने के बाद आपस में चिपकने लगी होंगी.
निशा: अनुपमा, ये मीठा अचार है, इसमें गुड़ डालना आवश्यक है.
nisha ji maina gobhi gajar n shalgamka mitha aachar dala ha jaisa aapna bataya ha.aj achar dala 15 days hona wala ha but usmey gobhi thoda kacha ha aur achar oil aur rai ki wajah se thoda jyada kadwa lag raha ha batao kya karu ab
निशा: जले हुये तिल तो फिर ठीक नहीं किये जा सकते
निशा: सुनीता जी, काली मिर्च - 3/4 -छोटी चम्मच, बड़ी इलाईची, बड़ी इलाइची- 6-7 , दाल चीनी - 1 इंच टुकड़ा या 1- 1 1/2 छोटी चम्मच गरम मसाला ले लीजिये.
निशा: रीता, गोभी जितना पहले पक गया है उतना ही पका रहता है, अचार बन जाने के बाद वह नहीं गलता. तेल को गरम करके डालते हैं, उसमें इतना कड़वा टेस्ट नहीं आना चाहिये, राई हर अचार में डाली जाती है, मसाले भून कर डाले गये हैं,अचार में बिलकुल कड़वाहट नही आती, बहुत ज्यादा स्वादिष्ट अचार बनता है. अचार पकाते समय तले में तो नहीं लग गया, इससे अचार में कड़वापन आ सकता है.
निशा: प्रिया, प्रिगनेन्सी में ये अचार खाया जा सकता है.
निशा: हरप्रीत, जी हां आप ओलिव ओइल भी डाल सकती हैं.
I made with your recipe. (Namak hi namak tha). Please, first try your recipes yourself, after it comes out perfect, only then write it on Net.
Sadhana
निशा: साधना, इसमें भी नमक 3 छोटी चम्मच लिया है, 2 छोटी चम्मच सादा नमक और 1 छोटी चम्मच काला नमक, आप वीडियो सुनिये और रैसिपी देखिये, धन्यवाद.
निशा: दर्शन, सब्जियां के साथ में गुड़ है, सब्जियां नहीं गलेंगी.