अमिया का सलोना अचार (Mango Salona Pickle Recipe)

यह एक स्पेशल अचार है जो राजस्थान एवं ब्रज मंडल में बनाया जाता है. इस समय में बाजार में कच्चा और पका दोंनों तरह की अमिया उपलब्ध है, आम का अचार बनाने का अच्छा मौका है.
सलोना के लिये जिस तरह का आम चाहिये वह आमों की शुरूआत के समय ही मिल पाता है, छोटा छोटा आम (गुठली कठोर न हो) तेज हवाओं के कारण पेड़ों से नीचे गिर जाता है, उस समय वह छोटा आम बाजार में काफी मात्रा में दिखाई देता है, तो यह तो निश्चित है कि आम का सलौना हम आमों की शुरुआत में ही बना सकते है.
सलोना करीब 12 दिनों में खाने के लिये तैयार हो जाता है. विधि थोड़ी लम्बी अवश्य है, लेकिन बड़ी आसान, और स्वाद तो बहुत ही लाजवाब, तो आज हम आम का सलोना बनायें.
आवश्यक सामग्री - Ingredients for Mango Salona Pickle
- छोटे छोटे आम - 2 किग्रा.(40-45)
- सरसों का तेल - 250 ग्राम (1 1/4 कप)
- नमक - 200 ग्राम (1 कप)
- हल्दी - 2 टेबल स्पून
- लाल मिर्च - एक टेबल स्पून
- सोंफ - 75 ग्राम (3 टेबल स्पून)
- मैथीदाना - 75 ग्राम (3 टेबल स्पून)
- अजवायन - 1 टेबल स्पून
- हींग - 1 छोटी चम्मच
विधि - How To make Mango Salona Pickle
बाजार से आम चुन कर ले आइये. साफ पानी से 2 बार धो लीजिये. पानी से निकाल किसी चलनी में रखें और उनका पानी सूखने दीजिये.
सभी आमों को छील लीजिये.
किसी बड़े कांच या प्लास्टिक कन्टेनर (जो आकार में इतना बड़ा हो कि हम आमों को अच्छी से हिला सके) में छीले हुये आमों को डालें और इसमें 100 ग्राम नमक और एक टेबल स्पून हल्दी हल्दी डाल कर मिला दीजिये. कन्टेनर का ढक्कन बन्द करके एक सप्ताह के लिये रख दीजिये, लेकिन रोजाना दिन में 2 बार आमों को हिला कर उपर नीचे अवश्य करना है.
एक सप्ताह बाद आमों को निकाल कर एक थाली में रखकर धूप में सूखने के लिये रख दें और इन आमों में जो खट्टा पानी निकल आया है उसे एक कांच के बर्तन में भरकर ढककर रखलें, वह अचार बनाते समय काम आयेगा.
अगर धूप तेज है तो इन आमों के लिये 1 ही दिन की धूप काफी है और हल्की धूप है तो इन्हैं सूखने में 2 दिन लग जायेगे. रात के समय कमरे में ढककर रखें.
हमारे आम सूख गये है. आम सूखने का मतलब यह नहीं है कि वह एक दम सूखे दिखे, (आम आकार में थोडे सिकुड जाते हैं और कलर थोड़ा सांवला हो जाता है) फोटो में दिखाये गये हैं. सलोना के लिये आम तैयार हो गये हैं
अब हम सलोना के लिये मसाला तैयार करते हैं. सोंफ, मेथीदाना और अजवायन को बीन कर अच्छी तरह साफ करके दरदरा पीस लीजिये. हल्दी, नमक और लाल मिर्च तो पिसे हमारे पास है ही. हींग को छोटे खरल में डाल कर बारीक कूट लीजिये.
कढाई में तेल डाल कर गरम कीजिये, तेल अच्छी तरह गरम हो जाय तब गैस बन्द कर दीजिये. थोड़ी देर बाद, तेल हलका गरम रह जाय. गरम तेल में सबसे पहले हींग डालिये, इसके बाद हल्दी पाउडर डाल कर चमचे से चला दीजिये और अब बचे हुये सारे मसाले, नमक तेल में डाल कर मिला दीजिये.
अब इस तेल मिले मसाले में आमों से जो खट्टा पानी निकला था, उसे भी मिला दीजिये. (यदि खट्टा पानी की मात्रा आपको अधिक लगे तो आधा ही खट्टा पानी मिलायें)
यह सलोना के लिये मसाला तैयार है. सूखे आमों को कढ़ाई में डालकर इस मसाले में मिला दीजिये और ठंडा होने पर कांच या प्लास्टिक के कन्टेनर में भरकर रख दीजिये. 2 दिन में सारे मसाले उस खट्टे पानी और तेल में फूल कर बह्त ही अच्छा स्वाद बना देते हैं.
लीजिये आम का सलोना अचार तैयार है. आप अचार अभी भी खा सकते है वैसे आम का अचार बनाते समय मन कहां मानता है, उसे हम चखे बिना तो रह ही नहीं सकते.
ये सलोना अचार काफी दिनों रख कर एसे ही खाया जा सकता है. सलोना अचार को साल भर तक खाने के लिये या इसके भी अधिक के लिये 1 महिये बाद इस को तेल डाल कर डुबा तेल में रखिये.
दो महीने बाद इस अचार के अन्दर की गुठली भी खाने में बड़ी स्वादिष्ट लगती है. सलोना की गुठली पेट के दर्द की दवा के रूप में भी परम्परागत रूप से प्रयोग की जाती है.
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Comment(s): 9:
पिछले पोस्ट का औडियो सुनकर लगा था कि कभी आपकी अपनी आवाज़ में भी विधि सुनाने को मिले|विचार करिएगा |
निशा: शिवांगी, अचार में खट्टा पानी निकला है वही पानी आप सलोना में प्रयोग में ले आइये. अगर ये पानी बहुत अधिक हो तब आधा या इससे थोड़ा अधिक पानी प्रयोग में लाइये.
निशा: शिवांगी, आप सारा पानी भी डाल दें तो भी अचार नहीं खराब होगा. सलोना अचार को महिने 2 महिने तक वेसे ही विना तेल के ही खाइये, लेकिन बहुत ज्यादा दिन के चलाने के लिये अचार में तेल डाल कर रखना होगा.
निशा: जी नहीं अचार खराब नहीं होता.
निशा: जानवी, अचार में जितनी भी सफाई बरती जा सके उतना अच्छा होता है, आमियां धोयें तो उन्हैं अच्छी तरह सुखा लें, जब छीलें तब आपके हाथ धुले सूखे हों, पीलर धुला हुआ सूखा हो, बर्तन जिसमें ये आम रख रहीं हैं उनमें भी पानी या खाने पीने की कोई चीज न लगी हो. कन्टेनर साफ सूखा हो. इन सारी चीजों का ध्यान रखा जाय तो इस तरह की समस्या नहीं आयेगी और आम जब नमक हल्दी डाल कर रख रही है तब 1-2 दिन साफ सूखे चमचे से चलाकर Šৠपर नीचे करती रहें.
निशा: अंजू इस अचार में यही मसाले डाले जाते हैं.