सत्तू की कचौरी -Sattu ki Kachori

सप्ताहांत में बनने वाला नाश्ता रोजाना बनने वाले नाश्ते से कुछ अलग अलग ही होता है, कुछ अच्छा सा स्वादिष्ट हो तो कितना अच्छा है, तो आइये इस सप्ताहांत में हम सत्तू की कचौरी बनायें
सत्तू की कचौरी (Sattu Ki Kachouri) बनाना बड़ा ही आसान है और समय भी कम ही लगता है. आजकल सत्तू लगभग सभी शहरों में किराने की दुकानों में तैयार मिल जाता है. खासियत इन सत्तू की कचौरियों (Kachori- stuffed with Sattu) को 4-5 दिन तक रख कर खा सकते हैं.
आवश्यक सामग्री - Ingredients for Sattu ki Kachori
आटा लगाने के लिये:
- गेहूं का आटा - 2 कप
- तेल -4 टेबल स्पून
- नमक - स्वादानुसार (एक छोटी चम्मच)
पिट्ठी के लिये:
- सत्तू - 150 ग्राम या 1 कप से थोड़ा कम )
- घी या तेल - 3-4 टेबिल स्पून (पिठ्ठी बनाने के लिये)
- हींग - 2 पिंच
- जीरा - आधा छोटी चम्मच
- धनियां पाउडर - 1 छोटी चम्मच
- सोंफ पाउडर - 1 छोटी चम्मच
- हरी मिर्च - 2 (बारीक कतरी हुई)
- अदरक - एक इंच लम्बा टुकड़ा (कद्दूकस कर लीजिये)
- लाल मिर्च - एक चौथाई छोटी चम्मच
- गरम मसाला - एक चौथाई छोटी चम्मच
- अमचूर पाउडर - आधा छोटी चम्मच
- नमक - स्वानुसार ( आधा छोटी चम्मच)
- हरा धनियां - एक टेबल स्पून (बारीक कतरा हुआ)
- तेल - कचौरियां तलने के लिये

विधि - How to make Sattu ki Kachori
किसी बर्तन में आटा छान कर निकाल लीजिये, आटे में तेल और नमक डाल कर मिलाइये, ठंडे पानी की सहायता से नरम आटा गूथ लीजिये, आटे को सिर्फ इकठ्ठा होने तक गूथना है, आटे को ढककर सैट होने के लिये 15 -20 मिनिट के लिये रख दीजिये.
पिट्ठी बनाने के लिये, सत्तू को छान कर किसी बर्तन में निकालिये, कढ़ाई में घी या तेल डाल कर गरम कीजिये, गरम तेल में हींग और जीरा डालिये, जीरा तड़कने के बाद, हरी मिर्च और अदरक डाल दीजिये. सत्तू, धनियां पाउडर और सोंफ पाउडर डाल कर, चमचे से चलाते हुये ब्राउन होने तक भूनिये (सत्तू बहुत जल्दी भुन जाता है क्यों कि यह पहले से रोस्ट किया होता है). इस भुने हुये सत्तू में लाल मिर्च, गरम मसाला, अमचूर पाउडर, नमक और हरा धनियां डाल कर मिलाइये. कचौरी में पिट्ठी भरने के लिये तैयार है.
कढ़ाई में तेल डाल कर गरम कीजिये, कचौरी के आटे से एक नीबू के बराबर आटा तोड़िये, अंगुलियों की सहायता से बड़ाइये, एक छोटी चम्मच पिट्ठी उसके ऊपर रखिये, आटे को चारों तरफ से उठा कर कचौरी को बन्द कीजिये, हथेली पर रख कर दूसरे हाथ की सहायता से थोड़ा सा दबा कर बड़ा कर लीजिये, और अब इसे चकले पर रख कर, बेलन की सहायता से हल्का दबाब डालते हुये, 2 1/2 - 3 इंच के ब्यास में मोटा ही बेल लीजिये. चार - पांच कचौरी बेलिये, गरम तेल में डालिये और मीडियम एवं धीमी गैस फ्लेम पर, पलट पलट कर कचौरिया ब्राउन होने तक तलिये. सारी कचौरी इसी तरह बनाकर तैयार लीजिये.
सत्तू की कचौरी तैयार है. गरमा गरम सत्तू की कचौरियां, धनिये की चटनी के साथ परोसिये और खाइये.
चार सदस्यों के लिये, समय 40 मिनिट
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Comment(s): 21:
@Blumist, जी हां आप इस पिठ्ठी से परांठे भी बना सकते हैं.
should we take chana and gehu in equal quantity?please advise
निशा: जयश्री आप दोंनो बराबर भी ले सकते है,और किसी को भी कम ज्यादा भी कर सकती है अपने स्वाद के अनुसार.
ek baat poochni hai....sattu ki pitthi banate samay..kya sattu main sarson oil add kaen?.. jaise ki paratha banate hai toh sarson oil add karte hain hum...fry toh refined main hi karna hai na?
निशा: सत्त्तू को भूनना ही पर्याप्त है.
Aap ki recipes bahut ko follow karne mai maza aajata hai..
Sattu ki kachuri k leye agar hamare pass sattu na ho to ghar per sattu kaise bana sakte hai..
Please let me know, how to make sattu at home..
Thanks
Shivani
निशा: अल्का सत्तू बनाने के लिये गेहू और चना घर में लोग भूनते हैं, आप भी घर में भूनना चाहें तो भून सकती हैं.
निशा: आविदा, सत्तू गेहूं और चने को भून कर बनाया जाताहै, बाजार में सत्तू के पैक किराना दुकान पर मिल जाते हैं.
निशा: मैने तो नहीं भूने. लेकिन ये अवश्य भूने जा सकते हैं. लेकिन माइक्रोवेव में भूनने के लिये दानों में थोड़ा नमी होना आवश्यक है.
Aap Ki sari recipes ke liye many many thanks. Aap ki ye recipe bhi maine kal try ki or husband ne kaha ki ye market se bhi tasti lag rahi hai, tum daily nayi nayi recipe kaha se sikh rahi ho, unhe kya bata mujhe nisha ke rup me badi behan mil gai hai jo mujhe best cook to jarur bana dengi, meri beti 4 yrs ki hai wo bhi bolne lagi ki khana bahut tasty tasty hai.
Thanks Nisha ji, ye sab aap par credit jata hai, jo mujhe ab har khane me tarif milti hai.
निशा: मीना, धन्यवाद.
निशा: गोविन्द, मैं लिखने की कोशिश करूंगी.
निशा: अम्रिता, चने और गेंहूं में थोड़ा सा पानी डालकर नम कर देते हैं.
निशा: पदमा, कचौड़ी यदि अच्छी खस्ता सेकी गई हो तो वे बिना फ्रिज में रखे भी 7 दिन तक खराब नहीं होती.
निशा: जयिता, धन्यवाद. पिठ्ठी को आप एसे भी परांठे में भर सकती हैं, अगर अचार का तेल यूज करें तो और स्वादिष्ट हो जायेगी.
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निशा: सुझाव के लिये धन्यवाद