हरे धनियां की खस्ता मठरी – Dhania Masala Mathari Recipe

हरे धनिये की खस्ता मसाला मठरी (Masala Mathari) साधारण मठरी के मुकाबले बहुत ही स्वादिष्ट बनती है,
साधारण मठरी सिर्फ अजवायन डालकर बनाते हैं लेकिन यह खस्ता मसाला मठरी हरा धनिया को मैदा में गूंथकर बनाते हैं. मसाला मठरी सामान्य मठरी के मुकाबले में अकार में कुछ मोटी होती है लेकिन बहुत ही अधिक खस्ता होती है. हम इसमें हरे धनिये के स्थान पर पालक या मैथी के पत्ते भी मिलाकर बना सकते है. धनिये, पालक (Spinach Masala Mathri) या मैथी (Fenugreek Masala Mathri) तीनों तरह की मठरी का स्वाद मजेदार लेकिन एक दूसरे से अलग होता है. तो आज बनाते हैं छोटी धनिये की खस्ता मठरी.
Read this recipe in English - Dhaniya Mathri Recipe
आवश्यक सामग्री - Ingredients for Dhania masala Mathari
- मैदा - 500 ग्राम ( 5 कप मैदा)
- तेल - 150 ग्राम (3/4 कप)
- जीरा - एक छोटी चम्मच
- काली मिर्च - 20 (दरदरी कूट लीजिये)
- अजवायन (Carom seeds) - 1 छोटी चम्मच
- हरा धनियां (Coriander leaves) - 100 ग्राम
- नमक - 1 छोटी चम्मच(स्वादानुसार)
- तेल - तलने के लिये

विधि : How to make Coriander leaves Masala Mathri
हरे धनिये को साफ कीजिये, धोइये और बारीक काट लीजिये. मैदा को किसी बर्तन में छान कर निकाल लीजिये. नमक, जीरा, अजवायन, काली मिर्च, कतरा हुआ हरा धनियां और तेल डाल कर अच्छी तरह मिलाइये. धनियां को पीस कर भी मिला सकते हैं, पीस कर बनाने में स्वाद तो लगभग एक ही रहता है लेकिन मठरी के रंग में गहरा और अलग हो जाता है.
आटे की मात्रा का चौथाई पानी लीजिये (आधा कप से थोड़ा ज्यादा पानी लेकर), पानी को हल्का गुनगुना कीजिये, गुनगुने पानी की सहायता से सख्त आटा गूथ लीजिये. गुथे हुए आटे को सैट करने के लिये 20 मिनिट के लिये ढककर रख दीजिये.
आटा सैट हो गया है, मठरी बनाना शुरू करते हैं. गुथे हुये आटे से बराबर की छोटी छोटी लोइयां बना लीजिये, एक लोई उठाइये, हथेली पर रखिये और दूसरे हाथ से दबा कर बड़ा लीजिये, अधिक पतला मत कीजिये. सारी लोइयों को इसी तरह दबा कर मठरी तैयार कर लीजिये.
भारे तले की कढ़ाई में तेल डाल कर गरम कीजिये, गरम तेल में 10-15 जितनी भी मठरी आ सके, डालिये, मीडियम और धीमी गैस प्लेम पर मठरियां ब्राउन होने तक तल लीजिये. सादा मठरी की अपेक्षा इन मठरियों के तलने में समय अधिक लगता है, एक बार की मठरी तलने में 12 - 14 मिनिट तक लग जाते हैं. तली हुई मठरियां निकाल कर थाली या प्लेट पर रखिये. बची हुई मठरियां फिर से डालिये और तलिये, सारी मठरियां तल कर इसी तरह तैयार कर लीजिये. अधिक स्वाद के लिये घर का बना हुआ चाट मसाला (How to make chat masala) मठरियों के ऊपर डालकर मिला दीजिये.
आप इन्हैं अभी तो चाय के साथ खा ही रहे हैं, बची हुई मठरियां ठंडी होने के बाद, एअरटाइट कन्टेनर में भर कर रख लीजिये, जब भी आपका स्नेक्स खाने का मन हो, डिब्बे से ये धनियां खस्ता मठरियां निकालिये और गरमा गरम चाय के साथ खाइये. ये मठरियां आप 2 महिने भी रख कर खाइये हमेशा ही स्वादिष्ट लगेंगी.
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Comment(s): 46:
एक सलाह देना चाहूँगा...
कृपया कमेंट देने के आप्शन को आसन बनाये..
धन्यवाद
भुवन वेणु
लूज़ शंटिंग
टिप्पणी के लिए इतनीए मेहनत न करवाइए।
निशा: मैदा का 1/4 पानी ले लीजिये, इससे कम पानी में आटा गुथ जाता है.
निशा: पूजा आप आटे से भी ये खस्ता मठरी बना सकती हैं.
Is maatra men tel daalne se to aata bahut naram ho gaya. Paani bhi aapke bataye hue maatra se 1/4 daala. Aata lagne ke baad bikhar sa jaa raha tha. Aapke aata ki photo se bahut hi alag tha. Aisa kyon?
Aashi
Dhaniya Vadi ki recdipe bataye
apse ek request hai please mujhe south indian dishes bataie mene pahle bhi kaha hai please paease meri faimily south indian hai please isko padiye aur ans kijiye please
Thanks 4 putting so mch effort
निशा: मोना, घेवर की रैसिपी स्वीट में देख लीजिये.
http://nishamadhulika.com/sweets/ghevar-recipe.html
निशा: आप बिलकुल आटे से खस्ता मठरी उसी तरह बना सकती हैं जिस तरह मैदा से खस्ता मठरी बनाई जाती हैं.
निशा: सीमा, धन्यवाद.
निशा;प्रभजोत, मठरी का आटा लगाते समय, मोयन कम डाला जाय तब मठरी सख्त बनती हैं.
निशा: प्रती़क्षा, आटा में मोयन पर्याप्त मात्रा में डालें, मठरी के आटे को सख्त गूथें, मठरी को मीडियम और धीमी आग पर तलें. रैसिपी को फिर से पढ़कर, ध्यान दीजिये और बनाइये, आपकी समस्या दूर हो जायेगी और आप अच्छी मठरी बना पायेंगी.
निशा: नरगिस, 500 ग्राम मैदा लगभग 5 कप के बराबर होगी, कप के हिसाब से ये माप में एडिट कर दे रही हूँ.
निशा; मैदा गूथते समय मोयन कम डाला जाय तो मठरी सख्त बनती हैं.
bahut swad bani hai mathi
is hare dhaniye ki mathri mein garam moyan dalenge ya thanda?
निशा: मानवी, नार्मल तापमान जितना कि तेल का है, उसे ही डालकर मिला दीजिये.
निशा: ललिता, आप सर्च बटन पर गुलाब जामुन लिखकर रैसिपी खोज सकती हैं, मिठाई कालम भी देख सकती हैं.
निशा: तनु, आप हरी मिर्च की मठरी बनाकर देखिये और हमें अपने अनुभव बताईये.
मठरी का आटा टाइट नहीं गूंथेगी तो मठरी सिकने के बाद मुलायम हो सकतीं हैं.